MPBSE एमपी बोर्ड 10वीं-12वीं के रिजल्ट SMS से कैसे चेक करें
MPBSE एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं का रिजल्ट बिना इंटरनेट के एसएमएस के जरिए अपने मोबाइल पर आसानी से चेक करने का पूरा तरीका यहां जानें।

MPBSE एमपी बोर्ड 10वीं का रिजल्ट जारी हो चुका है। यहां देखें एमपी बोर्ड 10वीं का रिजल्ट। रिजल्ट जारी होने की स्थिति में अकसर देखा जाता है कि वेबसाइट क्रैश हो जाती है। लेकिन आपको फिक्र करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। अगर इंटरनेट काम नहीं कर रहा है, वेबसाइट लोड नहीं हो रही है, या आप किसी ऐसी जगह पर हैं जहां नेटवर्क बहुत कमजोर रहता है, तब भी आप अपनी कामयाबी का जश्न सबसे पहले मना सकते हैं। जी हां, आप महज एक छोटे से SMS के जरिए अपना एमपी बोर्ड (MPBSE) 10वीं या 12वीं का रिजल्ट पल भर में अपने मोबाइल की स्क्रीन पर पा सकते हैं। आइए तफसील से जानते हैं कि इस स्मार्ट और अचूक तरीके का इस्तेमाल कैसे किया जाए।
बिना इंटरनेट के कैसे काम करता है ये जुगाड़?
अक्सर देखा गया है कि रिजल्ट वाले दिन mpresults.nic.in और mpbse.nic.in जैसी आधिकारिक वेबसाइट्स पर इतना भारी ट्रैफिक आ जाता है कि वो खुलना ही बंद हो जाती हैं। ऐसे तनाव भरे वक्त में आपका फोन और उसमें मौजूद साधारण सा मैसेजिंग ऐप आपका सबसे बड़ा और भरोसेमंद साथी बन सकता है। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने छात्रों की इस परेशानी को समझते हुए एक खास एसएमएस (SMS) सर्विस शुरू की है। आपको बस एक तय फॉर्मेट में छोटा सा मैसेज टाइप करना है और उसे एक खास नंबर पर भेज देना है। चंद सेकंड्स में आपकी मार्कशीट का पूरा ब्योरा आपके इनबॉक्स में आ जाएगा।
एमपी बोर्ड 10वीं का रिजल्ट SMS से कैसे चेक करें?
अगर आपने इस साल 10वीं का इम्तिहान दिया है और अपने अंकों का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं, तो इन आसान स्टेप्स को फॉलो करें:
सबसे पहले अपने मोबाइल का साधारण मैसेज (SMS) ऐप खोलें।
नया मैसेज बनाने (Create New Message) वाले विकल्प पर जाएं।
अब अंग्रेजी के कैपिटल लेटर्स में टाइप करें: MPBSE10
इसके बाद एक स्पेस (खाली जगह) छोड़ें और अपना 9 अंकों का रोल नंबर (Roll Number) लिखें।
उदाहरण के लिए, अगर आपका रोल नंबर 123456789 है, तो आपको मैसेज में लिखना होगा: `MPBSE10 123456789`
अब इस मैसेज को सीधे 56263 नंबर पर भेज दें।
कुछ ही पलों में बोर्ड की तरफ से एक जवाबी मैसेज आएगा, जिसमें हर विषय में मिले आपके नंबर और पास या फेल का स्टेटस साफ-साफ लिखा होगा।
एमपी बोर्ड 12वीं का रिजल्ट SMS से कैसे मंगाएं?
12वीं क्लास के छात्रों के लिए भी यह प्रक्रिया उतनी ही सीधी और सरल है। बस आपको अपने मैसेज के फॉर्मेट में थोड़ा सा बदलाव करना होगा:
अपने फोन में मैसेज बॉक्स ओपन करें।
मैसेज में कैपिटल अक्षरों में टाइप करें: MPBSE12
एक स्पेस देकर अपना रोल नंबर दर्ज करें।
उदाहरण के तौर पर, यदि आपका रोल नंबर 987654321 है, तो आपका मैसेज कुछ ऐसा दिखेगा: `MPBSE12 987654321`
इसे बिना किसी देरी के 56263 नंबर पर सेंड कर दें।
आपके सब्जेक्ट-वाइज मार्क्स (थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों) कुछ ही पलों में आपके फोन की स्क्रीन पर चमकने लगेंगे।
SMS से आए रिजल्ट में आपको क्या-क्या जानकारी मिलेगी?
जब आप अपना मैसेज भेजेंगे, तो जो रिप्लाई आपको बोर्ड की तरफ से मिलेगा, वह आपकी एक प्रोविजनल मार्कशीट की तरह ही काम करेगा। इस मैसेज में आपको निम्नलिखित ज़रूरी जानकारियां मिलेंगी:
छात्र का पूरा नाम और रोल नंबर।
हर एक विषय (सब्जेक्ट) में हासिल किए गए नंबर।
कुल अंक (टोटल मार्क्स)।
आपका फाइनल स्टेटस (यानी आप पास हैं, फेल हैं या किसी विषय में सप्लीमेंट्री आई है)।
आपकी फाइनल डिवीजन (फर्स्ट, सेकंड या थर्ड)।
क्या करें अगर मैसेज का रिप्लाई तुरंत न आए?
कभी-कभी ऐसा भी हो सकता है कि आपने बिल्कुल सही फॉर्मेट में मैसेज भेजा हो, लेकिन जवाब आने में कुछ मिनटों की देरी हो जाए। ऐसे में आपको घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। क्योंकि लाखों लोग एक साथ मैसेज भेज रहे होते हैं, इसलिए टेलीकॉम कंपनियों के सर्वर पर भी थोड़ा बोझ पड़ जाता है। आपको बस 5 से 10 मिनट तक शांति से इंतजार करना है। बार-बार लगातार मैसेज भेजने से बचें, वरना आपके फोन के बैलेंस से कई बार पैसे कट सकते हैं।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


