82 कीमो सेशन के बाद भी टॉप रैंक , कोलकाता की अद्रिजा ने 12वीं में कैसे रचा इतिहास
लगभग तीन साल तक कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझने के बावजूद पश्चिम बंगाल के निमता की रहने वाली अद्रिजा गान ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।

लगभग तीन साल तक कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझने के बावजूद पश्चिम बंगाल के निमता की रहने वाली अद्रिजा गान ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। गुरुवार को आए पश्चिम बंगाल कक्षा 12वीं रिजल्ट में अद्रिजा ने स्टेट की मेरिट लिस्ट में संयुक्त रूप से 10वां स्थान हासिल किया है। बागबाजार स्थित रामकृष्ण सारदा मिशन सिस्टर निवेदिता गर्ल्स स्कूल की छात्रा अद्रिजा ने 500 में से 487 नंबर हासिल कर अपनी अटूट इच्छाशक्ति का परिचय दिया है। इससे पहले उन्होंने कक्षा 10वीं की परीक्षा में भी 94 फीसदी नंबर्स हासिल किए थे।
बीमारी के दर्द के बीच जारी रही पढ़ाई
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, अद्रिजा की स्वास्थ्य संबंधी जंग साल 2018 में शुरू हुई थी, जब वह कक्षा 6 का फाइनल एग्जाम दे रही थीं। उन्हें 'टी-सेल लिंफोमा' नाम के कैंसर का पता चला था। उनके पिता जयमंगल गान, जो खुद एक शिक्षक हैं, बताते हैं कि इलाज के दौरान भी अद्रिजा को कभी पढ़ने के लिए कहना नहीं पड़ा, बल्कि कई बार उन्हें आराम करने के लिए पढ़ाई रोकने की सलाह देनी पड़ती थी।
इतना ही नहीं, मुंबई के टाटा मेमोरियल अस्पताल में इलाज के दौरान अद्रिजा को 82 बार कीमोथेरेपी के दर्दनाक सत्रों से गुजरना पड़ा। जून 2021 में उनका इलाज पूरा हुआ, लेकिन आज भी उन्हें नियमित चेक-अप के लिए जाना पड़ता है।
भविष्य का लक्ष्य और समाज के लिए संदेश
आर्ट्स स्ट्रीम की छात्रा अद्रिजा ने भूगोल, अर्थशास्त्र, कंप्यूटर एप्लीकेशन और मनोविज्ञान जैसे विषयों की पढ़ाई की है। अब वह कोलकाता के बेथ्यून कॉलेज से मनोविज्ञान (Psychology) में आगे की पढ़ाई करना चाहती हैं। उनका सपना मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करना और डिप्रेशन जैसी समस्याओं को समझने में योगदान देना है। पढ़ाई के अलावा अद्रिजा को गाना गाने और शरत चंद्र चट्टोपाध्याय का साहित्य पढ़ने का शौक है।
लेखक के बारे में
Aditi Sharmaअदिति शर्मा
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