भीषण गर्मी का कहर, कहीं बदले स्कूल टाइम कहीं छुट्टियां पहले; दिल्ली-NCR समेत बाकी राज्यों का क्या हाल

लाइव हिन्दुस्तान
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देशभर में बढ़ती गर्मी के कारण कई शहरों में स्कूल टाइमिंग में बदलाव कर दिया है। वहीं ओडिशा में समर वेकेशन पहले करने के फैसले लिए गए हैं। जानिए किन राज्यों में क्या बदलाव हुआ।

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देश इस वक्त भीषण गर्मी की चपेट में है और हालात ऐसे बन गए हैं कि अब स्कूलों के टाइम तक बदलने पड़े हैं। उत्तर भारत से लेकर पूर्वी राज्यों तक तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। हालत यह है कि दुनिया के सबसे गर्म शहरों में ज्यादातर भारत के ही शहर शामिल हो गए हैं। ऐसे में बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग राज्य सरकारों ने या तो स्कूलों का समय बदल दिया है या फिर गर्मी की छुट्टियां समय से पहले घोषित कर दी हैं।

गाजियाबाद और यूपी में बदला स्कूल टाइम

गाजियाबाद समेत पूरे उत्तर प्रदेश में गर्मी ने हालात मुश्किल कर दिए हैं। सुबह से ही तेज धूप और उमस महसूस हो रही है, जबकि दोपहर तक तापमान खतरनाक स्तर पर पहुंच जा रहा है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों का समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक कर दिया है। इस फैसले का मकसद साफ है कि बच्चे दोपहर की तेज लू और गर्म हवाओं से बच सकें। छोटे बच्चों के लिए खास तौर पर यह राहत भरा कदम माना जा रहा है क्योंकि उन्हें अब कम गर्मी में स्कूल जाना और लौटना आसान होगा।

दिल्ली-एनसीआर में ‘वॉटर बेल’ और सख्त नियम

दिल्ली और आसपास के इलाकों में भी गर्मी का असर साफ दिख रहा है। यहां स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। अब हर 45 से 60 मिनट में ‘वॉटर बेल’ बजाई जाएगी ताकि बच्चे समय-समय पर पानी पीते रहें। इसके अलावा सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक सभी आउटडोर गतिविधियों जैसे प्रार्थना सभा, खेलकूद और फिजिकल एक्टिविटी पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। स्कूलों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे गर्मी से बचाव के नियमों का पालन करें और इसकी रिपोर्ट शिक्षा विभाग को भेजें। एक खास ‘बडी सिस्टम’ भी लागू किया गया है, जिसमें बच्चे एक-दूसरे का ध्यान रखेंगे और अगर किसी को गर्मी से परेशानी हो तो तुरंत जानकारी देंगे।

राजस्थान और झारखंड में भी समय में बदलाव

राजस्थान के सीकर जिले में भी प्रशासन ने स्कूलों का समय बदल दिया है। यहां प्राइमरी से लेकर कक्षा 8 तक की क्लास अब सुबह 7:30 बजे से 11:30 बजे तक चलेगी। झारखंड में भी सरकार ने एक समान टाइमिंग लागू की है। यहां केजी से कक्षा 8 तक स्कूल सुबह 7 बजे से 11:30 बजे तक चलेंगे, जबकि कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई दोपहर 12 बजे तक होगी। इन बदलावों का मकसद बच्चों को लू और अत्यधिक गर्मी से बचाना है, जो दोपहर के समय सबसे ज्यादा खतरनाक होती है।

ओडिशा में छुट्टियां पहले

कुछ राज्यों ने तो इससे भी बड़ा फैसला लेते हुए गर्मी की छुट्टियां पहले ही घोषित कर दी हैं। ओडिशा में 27 अप्रैल से ही स्कूलों की समर वेकेशन शुरू कर दी गई है।

अन्य राज्यों में भी बदले हालात

मध्य प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और अन्य कई राज्यों में भी स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। कहीं स्कूल सुबह 7 बजे से शुरू हो रहे हैं, तो कहीं 11:30 बजे तक ही खत्म कर दिए जा रहे हैं। बिहार के पटना में स्कूल दोपहर 11:30 बजे तक ही चल रहे हैं, जबकि महाराष्ट्र में समय सुबह 7 बजे से 11:15 बजे तक कर दिया गया है।

क्यों जरूरी हुआ यह बदलाव

गौरतलब है कि लगातार बढ़ती गर्मी बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है। लू, डिहाइड्रेशन और थकावट जैसी समस्याएं छोटे बच्चों में जल्दी देखने को मिलती हैं। सुबह के समय तापमान अपेक्षाकृत कम रहता है, इसलिए स्कूलों का समय बदलकर बच्चों को सुरक्षित रखने की कोशिश की जा रही है। यह कदम न केवल उनकी पढ़ाई को जारी रखने में मदद करेगा, बल्कि उन्हें गर्मी से होने वाली बीमारियों से भी बचाएगा।

Himanshu Tiwari

लेखक के बारे में

Himanshu Tiwari

शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।

परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।

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हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।

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