20 से ज्यादा दीं सरकारी परीक्षाएं, एक बार 23 नंबर से चूके; फिर चौथे अटेंप्ट में बने UPSC CAPF में असिस्टेंट कमांडेंट
ज्यादातर लोग 2 से 5 बार प्रतियोगी परीक्षाओं में असफल होने के बाद फिर से तैयारी करने की कोशिश ही छोड़ देते हैं और हार मान लेते हैं। उन्हें लगता है कि अब उनसे नहीं हो पाएगा। ऐसे लोगों को हरियाणा के कुरुक्षेत्र के रहने वाले अभिषेक की कहानी जाननी चाहिए।

ज्यादातर लोग 2 से 5 बार प्रतियोगी परीक्षाओं में असफल होने के बाद फिर से तैयारी करने की कोशिशें ही छोड़ देते हैं और हार मान लेते हैं। उन्हें लगता है कि अब उनसे नहीं हो पाएगा। ऐसे लोगों को हरियाणा के कुरुक्षेत्र के रहने वाले अभिषेक की कहानी जाननी चाहिए। क्योंकि इनकी कहानी काफी अलग और प्रेरणादायक है। अभिषेक ने अपना सपना लगातार मेहनत और डिसीप्लिन यानी अनुशानस से पूरा किया। इसके लिए ना तो उन्होंने किसी बड़े कोचिंग संस्थान का सहारा लिया और ना ही उनका अकादमिक रिकॉर्ड बहुत मजबूत था। इसके बावजूद उन्होंने UPSC CAPF 2025 के अपने चौथे प्रयास में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 231 हासिल की और असिस्टेंट कमांडेंट बनने का सपना पूरा किया। यहां तक पहुंचना उनके लिए आसान नहीं था। इस राह में उन्होंने कई बार असफलताओं का सामना किया। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।चलिए आज सक्सेस स्टोरी में बात अभिषक की।
20 से ज्यादा प्रतियोगी परीक्षाओं में आजमाई किस्मत
जैसा कि पहले ही बताया कि अभिषेक हरियाणा के कुरुक्षेत्र के रहने वाले हैं। अभिषेक ने अपने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के दौरान 20 से अधिक परीक्षाओं में हिस्सा लिया। इनमें कई बड़ी सरकारी भर्ती परीक्षाएं भी शामिल थीं। कुछ परीक्षाओं में वह शुरुआती स्टेप्स को पार कर लेते थे, लेकिन आखिरी चयन कई बार उनसे दूर रह जाता था। आखिरकार उनके पहली बार तब सफलता मिली, जब उन्होंने साल 2022 में एसएससी परीक्षा पास की और रक्षा मंत्रालय के तहत मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज (MES) में नौकरी हासिल की। हालांकि इससे उन्हें स्थिरता और सरकारी नौकरी की सुरक्षा तो मिली, लेकिन वर्दी पहनने का उनका सपना लगातार बना रहा। इसके लिए वो UPSC CAPF परीक्षा देते रहे।
23 अंकों से चूके
अभिषेक ने पहली बार 2022 और फिर 2023 में UPSC CAPF परीक्षा दी। दूसरे प्रयास में वह महज 23 अंकों से अंतिम चयन से चूक गए। इसके बाद 2024 में उन्हें एक और झटका लगा, जब वह लिखित परीक्षा भी पास नहीं कर सके। लगातार मिल रही असफलताओं के बावजूद उन्होंने तैयारी नहीं छोड़ी। दिलचस्प बात यह है कि वो सरकारी नौकरी के साथ UPSC CAPF की तैयारी कर रहे थे।
नौकरी के बाद देर रात तक पढ़ाई
अभिषेक के लिए नौकरी और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी को एक साथ संभालना आसान नहीं था। वो सुबह 9 से शाम 5 बजे तक नौकरी करते और इसके बाद पढ़ाई के लिए समय निकालते थे। कई बार वह देर रात तक पढ़ाई करते थे। थकान, परिवार से दूरी और बार-बार मिलने वाली असफलताएं उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गई थीं। इसके बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखा।
पिता से मिला अनुशासन
उनकी तैयारी में अनुशासन की बड़ी भूमिका रही। यह अनुशासन उन्हें उनके पिता से मिला, जो सरकारी शिक्षक हैं। उनके पिता ने उन्हें ईमानदारी, कड़ी मेहनत और निरंतरता का महत्व सिखाया।
चौथे प्रयास में पूरा हुआ सपना
2025 में UPSC CAPF का उनका चौथा प्रयास आखिरकार सफल रहा। अभिषेक ने ऑल इंडिया रैंक 231 हासिल की और असिस्टेंट कमांडेंट बनने का अपना लंबे समय से देखा जा रहा सपना पूरा कर लिया। उनकी सफलता के पीछे केवल एक परीक्षा की तैयारी नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, असफलताओं से मिली सीख और लगातार खुद को बेहतर बनाने की कोशिश थी। कई बार चयन से चूकने के बाद भी उन्होंने तैयारी जारी रखी और अपनी सरकारी नौकरी के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहे। इस तरह से वो आज हजारों छात्रों के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गए।


