पिता हैं पैरालिसिस्ड, दूसरे प्रयास में UPSC CAPF में 5वीं रैंक लाकर बने असिस्टेंट कमांडेंट, इतने घंटे करते थे पढ़ाई

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हर्ष की तैयारी में उनके परिवार का योगदान भी बेहद अहम रहा। उनके चाचा और बहनों ने घर की जिम्मेदारियों के साथ खेती-किसानी का काम संभाला, ताकि हर्ष अपना पूरा ध्यान परीक्षा की तैयारी पर लगा सकें।

harsh solanki success story
हर्ष सोलंकी 5वीं रैंक लाकर बने असिस्टेंट कमांडेंट

जिंदगी में मुश्किलें कितनी भी बड़ी क्यों न हों, अगर आपका लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार जारी रहे तो सफलता हासिल की जा सकती है। मध्य प्रदेश के धार जिले के गांधवानी के रहने वाले हर्ष शंकरलाल सोलंकी की कहानी इसका शानदार उदाहरण है। हर्ष के पिता पिछले करीब छह वर्षों से पैरालिसिस से जूझ रहे हैं। परिवार के सामने आर्थिक और पारिवारिक चुनौतियां थीं, लेकिन इन चुनौतियों के बीच हर्ष ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। पहली कोशिश में मिली असफलता के बाद उन्होंने अपनी रणनीति बदली और दूसरे प्रयास में UPSC CAPF असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा 2026 में ऑल इंडिया रैंक 5 हासिल कर ली। ऐसे में उनकी कहानी काफी प्रेरणादायक है।

किसान परिवार से आते हैं हर्ष

हर्ष सोलंकी मध्य प्रदेश के धार जिले के गांधवानी के रहने वाले हैं। उनका परिवार खेती-किसानी से जुड़ा है और वह सिरवी समुदाय से आते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी, लेकिन हर्ष के माता-पिता ने उनकी शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी।

हर्ष के पिता शंकर लाल सोलंकी पिछले करीब छह वर्षों से पैरालिसिस से पीड़ित हैं। उनकी बीमारी के कारण परिवार के सामने भावनात्मक और आर्थिक दोनों तरह की चुनौतियां खड़ी हुईं। खेती पर निर्भर परिवार के लिए ऐसी परिस्थितियों में घर चलाना आसान नहीं था। इसके बावजूद परिवार ने हर्ष की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में कोई कमी नहीं आने दी।

चाचा और बहनों ने संभाली घर-खेती की जिम्मेदारी

हर्ष की तैयारी में उनके परिवार का योगदान भी बेहद अहम रहा। उनके चाचा और बहनों ने घर की जिम्मेदारियों के साथ खेती-किसानी का काम संभाला, ताकि हर्ष अपना पूरा ध्यान परीक्षा की तैयारी पर लगा सकें। परिवार के इस सहयोग ने हर्ष को लगातार पढ़ाई करने का मौका दिया। उन्होंने भी इस जिम्मेदारी को समझते हुए अपनी तैयारी में पूरी गंभीरता बरती और एक अनुशासित रूटीन के साथ आगे बढ़ते रहे।

पहले प्रयास में फेल

UPSC CAPF परीक्षा के पहले प्रयास में हर्ष को सफलता नहीं मिली। हालांकि, उन्होंने इस असफलता को अपनी मंजिल का अंत नहीं माना। इसके बजाय उन्होंने अपनी तैयारी का विश्लेषण किया और यह समझने की कोशिश की कि कहां कमी रह गई थी। पहले प्रयास के अनुभव से उन्होंने अपनी कमजोरियों को पहचाना और तैयारी की रणनीति में बदलाव किया। उन्होंने शॉर्टकट या कुछ दिनों की मेहनत के बजाय नियमित पढ़ाई, अनुशासन और निरंतरता पर फोकस किया।

रोज 8 से 10 घंटे करते थे पढ़ाई

दूसरे प्रयास की तैयारी के दौरान हर्ष ने रोजाना करीब 8 से 10 घंटे पढ़ाई की। उन्होंने अपनी तैयारी के लिए एक तय रूटीन बनाया और लंबे समय तक उसे लगातार फॉलो किया। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई। हर्ष ने UPSC CAPF असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा 2026 में सफलता हासिल करते हुए ऑल इंडिया रैंक 5 प्राप्त की। इस तरह पहली कोशिश में मिली असफलता के बाद उन्होंने शानदार वापसी की और देश के टॉप सफल उम्मीदवारों में जगह बनाई।

BSF में सेवा करना चाहते हैं हर्ष

हर्ष के लिए यह सफलता सिर्फ एक परीक्षा पास करने या रैंक हासिल करने तक सीमित नहीं है। उनका लंबे समय से सपना वर्दी पहनकर देश की सेवा करना रहा है। उनकी पहली पसंद बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) है और वह इसी के जरिए देश की सेवा शुरू करना चाहते हैं।

Dheeraj Pal

लेखक के बारे में

Dheeraj Pal

संक्षिप्त विवरण: धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

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