पेपर पाने वाली लड़की की 7वीं रैंक, ब्रेकअप से तिलमिलाए बॉयफ्रेंड ने खोला MPSC प्रश्न पत्र लीक का राज
MPSC ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा पेपर लीक जांच में पता चला है कि एक ब्रेकअप के चलते पेपर लीक से पर्दा हटा है। एमपीएससी भर्ती परीक्षा में बैठे एक प्रेमी जोड़े के रिश्ते में आई दरार के बाद पेपर लीक की परतें खुलीं।

महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन (MPSC) की ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में पता चला है कि एक ब्रेकअप के चलते पेपर लीक से पर्दा हटा है। एमपीएससी भर्ती परीक्षा में बैठे एक प्रेमी जोड़े के रिश्ते में आई दरार के बाद पेपर लीक की परतें खुलीं। दरअसल मामले में गिरफ्तार किए गए छह लोगों में वह शख्स भी शामिल है जिसने कमीशन को कथित पेपर लीक के बारे में बताया था। क्राइम ब्रांच का आरोप है कि 24 साल के गौरव पाटिल को खुद लीक हुआ पेपर मिला था और उसे यह पेपर 22 मार्च की परीक्षा से पहले व्हाट्सऐप से अपनी गर्लफ्रेंड ऋतुजा से मिला था।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस का दावा है कि दोनों के बीच ब्रेकअप के बाद पाटिल ने लीक के बारे में जानकारी के लिए MPSC से संपर्क किया क्योंकि उसे डर था कि सरकारी नौकरी मिलने के बाद वह आगे बढ़ जाएगी। क्राइम ब्रांच के मुताबिक ऋतुजा की इस भर्ती परीक्षा में 7वीं रैंक आई है।
लड़की के पिता ने पेपर हासिल करने के लिए बिचौलिए प्रवीण पाटील को पांच लाख रुपये एडवांस दिए थे। प्रवीण पाटील नंदुरबार में कोचिंग क्लास चलाता है। महिला अभ्यर्थी उसी संस्थान में पढ़ाई कर रही थी।
पेपर होने के बाद रिश्तों में आई कड़वाहट
पेपर के बाद दोनों में अनबन हो गई। ब्रेकअप हो गया। आरोप है कि इसके बाद ही गौरव ने MPSC से पेपर लीक की शिकायत की।
बाद में अपनी ही शिकायत से पीछे हटने लगा गौरव
गौरव ने बाद में ईमेल भेजकर दावा किया कि उसने पेपर लीक की शिकायत जानबूझकर गढ़ी थी। वह एग्जाम प्रक्रिया को लेकर भ्रमित था। अब जांच एजेंसियां इन दोनों दावों की सच्चाई की जांच कर रही हैं। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि अगर वह व्हिसलब्लोअर होता तो परीक्षा से पहले लीक की जानकारी देता।
44,500 उम्मीदवार शामिल हुए थे
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) ने ड्रग इंस्पेक्टर के 154 राजपत्रित पदों के लिए आयोजित की गई भर्ती परीक्षा को रद्द कर दिया है। परीक्षा में लगभग 44,500 उम्मीदवार शामिल हुए थे, और चयन प्रक्रिया मेरिट लिस्ट जारी होने के चरण तक पहुंच चुकी थी।
आरोपी अधिकारी और लेन-देन
MPSC के समन्वय अधिकारी विश्वेश्वर नकाते पर आरोप है कि उन्होंने विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए सेट से 294 प्रश्न निकाले और उनका एक अलग प्रश्न पत्र सेट तैयार किया। शिकायत के अनुसार विश्वेश्वर नकाते और उनके दो अन्य साथियों अभिजीत लेंधवे तथा गोपाल मराठे को इस काम के बदले वित्तीय लाभ मिला। जांच में 5 लाख के भुगतान के संकेत मिले हैं।
मुख्य संदिग्ध उम्मीदवार ऋतुजा पाटिल हैं, जिन्हें कथित तौर पर यह लीक हुआ प्रश्न पत्र मिला था। जांच के घेरे में ऋतुजा के पिता अमृत पाटिल, लोकेश उर्फ गौरव पाटिल और मयूर ठाकरे भी शामिल हैं।
नासिक लिंक : शिकायत के अनुसार कोचिंग सेंटर के संचालक प्रवीण पाटिल ने नासिक के पाथर्डी फाटा पर ऋतुजा के पिता अमृत पाटिल को प्रश्न पत्र की फोटोकॉपी सौंपी थी।


