Success Story: चाय वाले के बेटे ने किया कमाल, UPSC CAPF में 81वीं रैंक लाकर बना असिस्टेंट कमांडेंट

By Prachi
लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

UPSC Success Story: बिहार के मुजफ्फरपुर में चाय बेचने वाले के बेटे घनश्याम जायसवाल ने लगातार 5 वर्षों के कड़े संघर्ष और असफलता के बाद UPSC CAPF में ऑल इंडिया 81वीं रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया है।

Ghanshyam UPSC Success Story
घनश्याम जायसवाल

Ghanshyam Jaiswal UPSC Success Story: कहते हैं कि यदि लक्ष्य के लिए सच्ची लगन हो, तो कोई भी रुकावट या आर्थिक तंगी आपको मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकती। इस मिसाल को बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के रहने वाले घनश्याम जायसवाल ने साबित कर दिखाया है।

घनश्याम के पिता शत्रुधन शाह बैरिया बस स्टैंड पर ठेले पर चाय और स्नैक्स की छोटी सी दुकान चलाते हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। सात भाई-बहनों में तीसरे नंबर के घनश्याम ने सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद UPSC CAPF (AC) परीक्षा में ऑल इंडिया 81वीं रैंक हासिल कर असिस्टेंट कमांडेंट बनने का गौरव प्राप्त किया है।

IIT का सपना टूटा, फिर सिविल सेवा की ओर बढ़ाया कदम

घनश्याम की शिक्षा और शुरुआती जीवन का सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। उन्होंने अपनी 10वीं तक की पढ़ाई मुजफ्फरपुर के नथुनी भगत विद्यालय से पूरी की। इसके बाद रामेश्वर सिंह कॉलेज से 12वीं (साइंस) और फिर पॉलिटिकल साइंस में ऑनर्स के साथ ग्रेजुएशन किया।

बचपन में उनका सपना IIT में दाखिला लेकर इंजीनियर बनने का था। हालांकि, JEE परीक्षा में सफलता नहीं मिलने पर उन्होंने अपना रुख सिविल सेवा की ओर मोड़ा। कोविड-19 महामारी के दौरान परिवार को आर्थिक सहारा देने और अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए उन्होंने 12वीं तक के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया।

10 से ज्यादा परीक्षाओं में मिली नाकामी, पर नहीं मानी हार

घनश्याम के लिए सफलता का यह रास्ता आसान नहीं था। वे 10 से अधिक अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में असफल हुए और 6 बार UPSC की परीक्षाओं में भी उन्हें निराशा हाथ लगी।

इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। लगभग 5 वर्षों के निरंतर संघर्ष, धैर्य और कड़ी मेहनत के बल पर उन्होंने UPSC CAPF जैसी बड़ी परीक्षा में झंडे गाड़ दिए।

कड़ी मेहनत और जिद से पाई सफलता

घनश्याम ने अपनी सीमित सुविधाओं को कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। महंगी कोचिंग में जाने के बजाय उन्होंने खुद से पढ़ाई करने पर ध्यान केंद्रित किया। उनके पास जो भी संसाधन उपलब्ध थे, उन्हीं का सही इस्तेमाल किया।

उनकी इस मेहनत, अनुशासन और दृढ़ निश्चय का ही परिणाम रहा कि उन्होंने प्रतियोगी परीक्षा में शानदार अंक हासिल कर सफलता का झंडा गाड़ दिया। उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनके माता-पिता का सिर गर्व से ऊंचा हुआ, बल्कि पूरे गांव और समाज में खुशी की लहर दौड़ गई।

युवाओं के लिए प्रेरणा

घनश्याम का यह सफर देश के उन तमाम छात्रों को यह सीख देता है जो संसाधनों की कमी या आर्थिक समस्याओं का बहाना बनाकर अपनी पढ़ाई से पीछे हट जाते हैं। घनश्याम की कहानी यह साफ संदेश देती है कि अगर मन में कुछ हासिल करने की सच्ची जिद हो, तो दुनिया की कोई भी गरीबी या बड़ी से बड़ी चुनौती आपके कदम नहीं रोक सकती।

Prachi

लेखक के बारे में

Prachi

शॉर्ट बायो: प्राची लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पिछले 2 वर्षों से वे करियर, शिक्षा और सरकारी नौकरियों से जुड़े विषयों पर लिख रही हैं। मुश्किल खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी विशेषता है। वे 2024 से लाइव हिन्दुस्तान की करियर टीम का हिस्सा हैं।

अनुभव और करियर का सफर
प्राची ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत 'नन्ही खबर' से की थी, जहां उन्होंने जमीनी स्तर पर खबरों के महत्व को समझा। इसके बाद, उन्होंने 'सी.वाई. फ्यूचर लिमिटेड' और 'कुटुंब' जैसे प्लेटफॉर्म्स पर बतौर कंटेंट राइटर काम करते हुए अपनी लेखनी और रिसर्च स्किल्स को निखारा। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने के बाद, वे करियर डेस्क पर सक्रिय हैं और छात्रों के लिए करियर विकल्पों, बोर्ड परीक्षाओं, जॉब और प्रतियोगी परीक्षाओं की बारीकियों को कवर कर रही हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
प्राची ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) से इंग्लिश जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा किया है। उनकी शैक्षणिक नींव दिल्ली यूनिवर्सिटी से है, जहां से उन्होंने इतिहास में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इतिहास की अच्छी जानकारी होने के कारण, वे आज की खबरों को बेहतर तरीके से समझ और समझा पाती हैं। यही वजह है कि उनके लेखों में जानकारी पूरी तरह सटीक और अधिक भरोसेमंद होती है।

विजन
प्राची का मानना है कि करियर चुनना केवल एक नौकरी पाना नहीं, बल्कि सही दिशा में अपना भविष्य सुरक्षित करना है। उनका उद्देश्य है कि हर छात्र और अभ्यर्थी तक बिना किसी भ्रम के, सटीक और सही समय पर जानकारी पहुंचे। वे पारदर्शिता और विश्वसनीयता को डिजिटल पत्रकारिता की सबसे बड़ी ताकत मानती हैं।

रुचियां
इतिहास की समझ और पत्रकारिता के जुनून के साथ, प्राची को खाली समय में उपन्यास पढ़ना और विश्व सिनेमा देखना पसंद है, जो उनके लेखन में एक नया दृष्टिकोण जोड़ता है।

विशेषज्ञता
बोर्ड परीक्षा अपडेट्स और रिजल्ट एनालिसिस
करियर काउंसलिंग और नए जमाने के कोर्सेज
सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में जॉब अपडेट
एडमिशन प्रक्रिया और कॉम्पिटिटिव एग्जाम गाइडेंस
छात्रों के लिए सॉफ्ट स्किल्स और मोटिवेशनल स्टोरीज
छात्रों के लिए JEE, NEET, UPSC जैसी परीक्षा की तैयारी के लिए टिप्स

और पढ़ें
Hindi News के साथ करियर सेक्शन में पढ़ें लेटेस्ट एजुकेशन न्यूज़, सरकारी जॉब , एग्जाम , एडमिशन से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें। हर अपडेट सबसे पहले पाने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।
Hindi Newsकरियर न्यूज़चाय वाले का बेटा UPSC पास कर बना असिस्टेंट कमांडेंट, हासिल की AIR 81