गेट 2026 परीक्षा कल से शुरू, एग्जाम सेंटर जाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें
gate exam 2026 guidelines: अगर आप गेट 2026 की परीक्षा देने जा रहे हैं तो परीक्षा से पहले समय, नियम और जरूरी तैयारी जान लें, ताकि एग्जाम वाले दिन किसी तरह की परेशानी न हो।

gate exam 2026 guidelines: अगर आप गेट 2026 देने जा रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए बहुत काम की है। कल यानी 07 फरवरी से देशभर में गेट परीक्षा शुरू हो रही है। एग्जाम वाले दिन छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी बन सकती है, कहीं देर न हो जाए, कहीं जरूरी कागज छूट न जाए या किसी नियम की वजह से अंदर ही न जाने दिया जाए इसलिए बेहतर यही है कि घर से निकलने से पहले सारी गाइडलाइंस साफ-साफ समझ ली जाएं, ताकि परीक्षा वाले दिन दिमाग सिर्फ सवालों पर रहे, टेंशन पर नहीं।
कब-कब और कैसे होगी गेट 2026 परीक्षा
आईआईटी गुवाहाटी की ओर से गेट 2026 का आयोजन 07 फरवरी के साथ-साथ 08, 14 और 15 फरवरी 2026 को किया जा रहा है। यह परीक्षा पूरे देश में कंप्यूटर आधारित मोड में होगी। इस साल कुल 30 टेस्ट पेपर रखे गए हैं, यानी अलग-अलग विषयों के लिए अलग पेपर होंगे। उम्मीदवारों को वही टेस्ट पेपर देना होगा, जिसके लिए उन्होंने आवेदन किया है। परीक्षा दो शिफ्ट में कराई जाएगी। पहली शिफ्ट सुबह 9.30 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक होगी, जबकि दूसरी शिफ्ट दोपहर 2.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक चलेगी। समय का खास ध्यान रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि लेट पहुंचने पर एंट्री नहीं दी जाती।
एग्जाम सेंटर कितनी देर पहले पहुंचना जरूरी
गेट परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी शिफ्ट शुरू होने से कम से कम एक से दो घंटे पहले परीक्षा केंद्र पहुंच जाएं। इसका कारण यह है कि एंट्री के समय डॉक्यूमेंट चेकिंग, बायोमेट्रिक प्रक्रिया और सीट अलॉटमेंट में समय लगता है। अगर आप आखिरी समय पर पहुंचते हैं, तो घबराहट बढ़ती है और कई बार एंट्री भी रुक सकती है।
परीक्षा शुरू होने से करीब 40 मिनट पहले उम्मीदवारों को अपनी सीट पर बैठने की अनुमति दी जाएगी। वहीं, परीक्षा शुरू होने से लगभग 20 मिनट पहले लॉग-इन करने का मौका मिलेगा। स्क्रीन पर जो भी निर्देश दिखें, उन्हें ध्यान से पढ़ना बहुत जरूरी है, क्योंकि कई बार वहीं से जरूरी जानकारी मिलती है।
एडमिट कार्ड और पहचान पत्र क्यों हैं जरूरी
गेट 2026 में शामिल होने के लिए एडमिट कार्ड सबसे जरूरी दस्तावेज है। बिना एडमिट कार्ड के किसी भी उम्मीदवार को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसलिए घर से निकलने से पहले यह जरूर जांच लें कि आपका एडमिट कार्ड प्रिंट होकर आपके बैग में है या नहीं।
एडमिट कार्ड के साथ एक वैध पहचान पत्र भी जरूरी है, जैसे आधार कार्ड या कोई सरकारी आईडी। इसके अलावा पासपोर्ट साइज फोटो भी साथ रखना बेहतर रहता है। एडमिट कार्ड पर लिखी आपकी फोटो, नाम, रोल नंबर और परीक्षा केंद्र की जानकारी को पहले ही अच्छे से चेक कर लें, ताकि एग्जाम वाले दिन कोई गड़बड़ी न हो।
परीक्षा हॉल में किन चीजों पर सख्त मनाही
गेट परीक्षा में नियम काफी सख्त होते हैं। परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्ट वॉच, किताबें, कैलकुलेटर, कागज, पेन, पेंसिल या किसी भी तरह की इलेक्ट्रॉनिक चीजें ले जाना मना है। अगर जांच के दौरान किसी उम्मीदवार के पास ऐसी चीज पाई जाती है, तो उसे परीक्षा से बाहर किया जा सकता है।
परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटर पर होती है, इसलिए उत्तर भरते समय ध्यान रखें कि आपने जो भी जवाब चुना है, वह सही तरीके से सबमिट हुआ है या नहीं। कई बार जल्दबाजी में उम्मीदवार सवाल हल तो कर लेते हैं, लेकिन सबमिट करना भूल जाते हैं।
स्क्रिबल पैड और नेगेटिव मार्किंग का रखें ध्यान
एग्जाम सेंटर पर उम्मीदवारों को रफ काम के लिए एक स्क्रिबल पैड दिया जाएगा। स्क्रिबल पैड मिलते ही उस पर अपना नाम और रोल नंबर लिखना न भूलें। परीक्षा खत्म होने के बाद यह स्क्रिबल पैड वापस करना अनिवार्य होता है। गेट परीक्षा में गलत उत्तर के लिए नेगेटिव मार्किंग भी होती है। इसलिए हर सवाल का जवाब सोच-समझकर दें। जिन सवालों में पूरा भरोसा न हो, वहां जल्दबाजी से बचना ही समझदारी है।
परीक्षा वाले दिन कपड़ों और तैयारी को लेकर सलाह
परीक्षा वाले दिन आरामदायक और सहज कपड़े पहनकर जाना सबसे बेहतर रहता है। बहुत ज्यादा टाइट या असहज कपड़े न पहनें, ताकि एग्जाम के तीन घंटे ध्यान पूरी तरह सवालों पर लगा रहे। कोशिश करें कि एक दिन पहले ही एग्जाम सेंटर का रास्ता देख लें और जरूरी सामान रात में ही तैयार कर लें।

लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
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- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
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- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव




