
बिहार में 15 लाख छात्रों को फ्री NEET व JEE कोचिंग दिसंबर से संभव, IIT के एक्सपर्ट कराएंगे तैयारी
Free NEET JEE Main Coaching : बिहार में इंटर के 15 लाख विद्यार्थियों की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग दिसंबर से संभव है। आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञ विद्यार्थियों को तैयारी कराएंगे।
Free NEET JEE Main Coaching : बिहार के सरकारी स्कूलों से पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को भी इंजीनियर और डॉक्टर बनने मौका मिलेगा। कक्षा 11 और 12 के लगभग 15 लाख विद्यार्थियों के लिए नीट यूजी और जेईई मेन की मुफ्त कोचिंग की सुविधा जल्द शुरू होगी। इसके लिए शिक्षा विभाग और आईआईटी कानपुर के बीच क्रियान्वयन पर लगातार बैठक हो रही है। दिसंबर में इसकी शुरुआत होगी। हर दिन कक्षा के बाद स्कूल में ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा मिलेगी। देश के टॉप शिक्षकों के माध्यम से बच्चे इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में नामांकन के लिए प्रतियोगिता परीक्षा के तैयारी कर सकेंगे।

सरकारी स्कूलों के बच्चों को इंजीनियरिंग और मेडिकल संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता दिलाने के लिए आईआईटी कानपुर की संस्था साथी के माध्यम से कोचिंग की सुविधा मिलेगी। इसके लिए पिछले माह शिक्षा विभाग और आईआईटी कानपुर के बीच करार (एमओयू) किया जा चुका है। प्रत्येक कार्यदिवस पर कक्षा समाप्त होने के बाद दो घंटे की ऑनलाइन क्लास होगी। इंजीनियरिंग में जाने की इच्छा रखने वाले छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन कक्षा में गणित, भौतिकी विज्ञान, रसायन विज्ञान और अंग्रेजी की कोचिंग दी जाएगी। इसी प्रकार मेडिकल को कॅरियर बनाने की इच्छा रखने वाले बच्चों को जीव विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, भौतिकी, रसायन विज्ञान और अंग्रेजी की पढ़ाई करायी जाएगी।
कक्षा में स्मार्ट टीवी लगेगी
स्कूलों में ऑनलाइन कक्षा संचालित करने के लिए बड़ा स्मार्ट टीवी या बोर्ड के साथ सभी आवश्यक उपकरण मुहैया कराए जाएंगे। इसके माध्यम से ही ऑनलाइन क्लास चलेगी। बिजली कटने की स्थिति में बैट्री और इनवर्टर से कक्षाएं चलेंगी। आईआईटी कानपुर से ही विशेषज्ञ बच्चों को पढ़ाएंगे। समय-समय पर देश और विदेश के विशेषज्ञ भी कक्षा से जुड़ेगे। ऑनलाइन माध्यम से ही बच्चे विशेषज्ञ शिक्षकों से प्रश्न भी पूछ सकेंगे।
प्रत्येक सप्ताह छात्रों का मूल्यांकन किया जाएगा
सप्ताह में सोमवार से शुक्रवार तक बच्चे ऑनलाइन कोचिंग करेंगे। सप्ताह में जो पाठ पढ़ाया गया है, उससे संबंधित प्रश्न के साथ बच्चों का मूल्यांकन किया जाएगा। मूल्यांकन के दौरान बेहतर विद्यार्थियों स्टूडेंट की पहचान की जाएगी। ऐसे बच्चों को और अधिक प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि पहले प्रयास में ही इन्हें प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता मिल जाए। सप्ताहिक मूल्यांकन से पता चलेगा कि बच्चों को पढ़ाई में क्यों दिक्कत हो रही है।





