MBBS : भारत में डॉक्टरी का लाइसेंस पाने की परीक्षा FMGE में 88 फीसदी फेल, देखें कब कितने हुए पास
NBEMS ने FMGE जून 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस बार पास प्रतिशत केवल 12.38 फीसदी रहा है। यह बीते तीन चार वर्षों के मुकाबले करीब 50 फीसदी कम रहा। छात्र 16 जुलाई से एफएमजीई जून 2026 के स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकेंगे।

FMGE June Results 2026 : नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंस (NBEMS) ने भारत में डॉक्टरी का लाइसेंस पाने की परीक्षा फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन (FMGE), जून 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस बार पास प्रतिशत केवल 12.38 फीसदी रहा है। यह बीते तीन चार वर्षों के मुकाबले करीब 50 फीसदी कम रहा। छात्र 16 जुलाई से एफएमजीई जून 2026 के स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। एफएमजीई पास करने वाले उम्मीदवारों को सर्टिफिकेट कब से मिलेगा, इसकी तारीखों का ऐलान एनबीईएमएस द्वारा बाद में किया जाएगा। आपको बता दें कि विदेश से मेडिकल की पढ़ाई करके अगर भारत में डॉक्टरी करनी है, तो इसके लिए एफएमजीई परीक्षा पास करनी होती है। इस टेस्ट को पास करना काफी कठिन होता है। बेहद चुनौतिपूर्ण मानी जाने वाली इस परीक्षा का रिजल्ट करीब 15 से 25 फीसदी ही रहता है। हालांकि इस बार नतीजे और भी कम आए हैं।
4,635 उम्मीदवार पास
परीक्षा में कुल 37,448 उम्मीदवार थे, जिनमें से केवल 4,635 उम्मीदवारों ने क्वालिफाई किया है। कुल पास प्रतिशत 12.38% रहा है, जो कि पिछले सत्रों की तुलना में काफी गिर गया है।
कुल 31,645 उम्मीदवार फेल हुए हैं और 1,148 अनुपस्थित रहे। इसके अलावा 20 उम्मीदवारों के परिणाम रोक दिए गए हैं।
त्रुटिपूर्ण प्रश्नों पर NBEMS का निर्णय-
NBEMS ने बताया कि परीक्षा के बाद विषय विशेषज्ञों द्वारा हर एक प्रश्न की तकनीकी समीक्षा की गई। बोर्ड के अनुसार, तकनीकी रूप से गलत पाए गए प्रश्नों के लिए सभी उम्मीदवारों को पूरे अंक दिए गए हैं।
जिन प्रश्नों के दो विकल्प सही पाए गए, वहां उन उम्मीदवारों को अंक दिए गए जिन्होंने दोनों में से किसी भी एक सही उत्तर को चुना था। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि ये कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए हैं ताकि प्रश्न पत्र में तकनीकी खामियों की वजह से किसी भी उम्मीदवार को कोई नुकसान न उठाना पड़े।
FMGE परीक्षा साल में दो बार (जून और दिसंबर सत्र में) आयोजित की जाती है। जून 2020 से लेकर जून 2026 तक के अलग-अलग सत्रों का पास प्रतिशत इस प्रकार रहा है:
वर्ष 2020:
जून 2020: 11.62%
दिसंबर 2020: 21.75%
वर्ष 2021:
जून 2021: 23.71%
दिसंबर 2021: 23.61%
वर्ष 2022:
जून 2022: 10.61%
दिसंबर 2022: 30.83%
वर्ष 2023:
जून 2023: 10.22% (यह इन वर्षों में सबसे कम पास प्रतिशत रहा है)
दिसंबर 2023: 31.25% (यह इन वर्षों में सबसे अधिक पास प्रतिशत रहा है)
वर्ष 2024:
जून 2024: 20.71%
दिसंबर 2024: 29.02%
वर्ष 2025:
जून 2025: 18.61%
दिसंबर 2025: 23.90%
वर्ष 2026:
जून 2026: 12.38%
पिछले 13 सत्रों का औसत पास प्रतिशत 21.47% रहा है। FMGE परीक्षा पास करने के लिए 300 में से कम से कम 150 अंक (50%) लाना अनिवार्य होता है।
एफएमजीई छात्र संगठन नतीजों पर गुस्साया
एफएमजीई छात्रों के संगठन ने कहा है कि NBE ने परीक्षा का कठिनाई स्तर काफी बढ़ा दिया है। न सिर्फ प्रश्न-पत्र बहुत कठिन था, बल्कि परीक्षा केंद्र और परीक्षा की कुल मिलाकर स्थिति भी बहुत खराब थी। यह विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट (FMGs) के साथ अन्याय है। भारत को और डॉक्टरों की जरूरत है, फिर भी FMGE पास करने के बाद भी, प्रशासनिक देरी के कारण FMGs को अपनी इंटर्नशिप शुरू करने के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता है। अगर भारतीय सिस्टम उन FMGs को ठीक से जगह नहीं दे सकता जिन्होंने ज़रूरी स्क्रीनिंग परीक्षा सफलतापूर्वक पास कर ली है, तो सरकार को विदेश में MBBS करने की अपनी नीति पर फिर से विचार करना चाहिए। छात्रों को अपनी जिंदगी के कई साल लगाने देना और फिर हर चरण पर उन्हें अंतहीन मुश्किलों का सामना करने के लिए मजबूर करना गलत है।
FMGE एक स्क्रीनिंग परीक्षा है, लेकिन इस बार कई उम्मीदवारों को लगा कि पेपर NEET PG और INI-CET से भी ज्यादा कठिन था। FMGs एक निष्पक्ष परीक्षा, सही परीक्षा केंद्र, समय पर इंटर्नशिप अलॉटमेंट और एक पारदर्शी सिस्टम के हकदार हैं, न कि लगातार मुश्किलों के।
लेखक के बारे में
Pankaj Vijayपंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार
शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।
15 से अधिक सालों का अनुभव
पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।
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