अब साल में 3 बार FMGE परीक्षा, आसान एग्जाम, विदेश से MBBS करने वालों को 9 बड़ी राहतें
विदेश से MBBS करके लौटे डॉक्टरों के लिए देश में प्रैक्टिस करने के लिए अनिवार्य FMGE परीक्षा अब वर्ष में तीन बार होगी। इसके साथ डॉक्टरों ने अनशन खत्म कर दिया है।

विदेश से मेडिकल की पढ़ाई करके लौटे डॉक्टरों के लिए देश में प्रैक्टिस करने के लिए अनिवार्य एफएमजीई (फॉरेन मडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन) परीक्षा अब वर्ष में तीन बार होगी। इसके साथ डॉक्टरों ने अनशन खत्म कर दिया है। इस परीक्षा के पैटर्न और उसमें अनियमितता को लेकर आठ दिनों से धरना व अनशन कर रहे डॉक्टरों व छात्रों के संगठन नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (एनबीईएमएस) के बीच गुरुवार को बैठक हुई। एनबीईएमएस ने विदेश से मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों के संगठन ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट एसोसिएशन-फारेन मेडिकल स्टूडेंट विंग की मांगें मान ली।
एनबीईएमएस ने अब वर्ष में तीन बार एमएमजी परीक्षा कराने का लिखित आश्वासन दिया है। साथ ही परीक्षा में कठिन प्रश्न अधिक नहीं पूछे जाने पर भी सहमति बनी है। इसके बाद एआईएमएसए-एफएमजीई ने धरना व अनशन खत्म करने की घोषणा की। इसके साथ ही आठ दिनों से अनशन पर बैठे डॉ. जसवंत सिंह यादव और अन्य डॉक्टरों ने अनशन खत्म कर दिया।
क्या है एफएमजीई परीक्षा
भारत के बाहर से एमबीबीएस डिग्री हासिल करने वाले भारतीय नागरिक के लिए देश में डॉक्टरी करने के लिए एफएमजीई में पास होना एक अनिवार्य शर्त है।
अब कब कब होगी एफएमजीई परीक्षा
तय किया गया कि अगले साल से एफएमजीई साल में तीन बार – दिसंबर/जनवरी, अप्रैल/मई और अगस्त/सितंबर में – आयोजित किया जाएगा। एनबीईएमएस अक्टूबर 2026 के आखिर तक भारतीय विदेशी मेडिकल स्नातकों के लिए एक अतिरिक्त एफएमजीई आयोजित करने पर सहमत हुआ।
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अब किस तरह का होगा प्रश्न पत्र का लेवल
मीटिंग में एग्जाम के डिफिकल्टी लेवल पर भी चर्चा हुई। मिनट्स के अनुसार, 'लो' और 'मॉडरेट' डिफिकल्टी कैटेगरी में सवालों की संख्या बढ़ाकर क्वेश्चन पेपर को रैशनलाइज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लो डिफिकल्टी लेवल के प्रश्न 30 फीसदी, मॉडरेट लेवल के प्रश्न 50 फीसदी और डिफिकल्ट लेवल वाले प्रश्न 20 फीसदी आएंगे।
फीस भी होगी कम
एग्जाम के अगले राउंड से एग्जाम फीस भी कम कर दी जाएगी।
हर सवाल के लिए दिए गए मार्क्स दिखेंगे
NBEMS ने एप्लीकेंट पोर्टल पर हर कैंडिडेट के क्वेश्चन ID, सही जवाब ID और मार्क किए गए रिस्पॉन्स ID के साथ-साथ हर सवाल के लिए दिए गए मार्क्स पब्लिश करने पर सहमति जताई।
हर सेक्शन के लिए एक मिनट एक्स्ट्रा
मीटिंग में FMGE में हर सेक्शन के लिए एक मिनट एक्स्ट्रा देने पर भी सहमति बनी, जो हर शिफ्ट में मैक्सिमम तीन मिनट होगा, ताकि बायोमेट्रिक अटेंडेंस मार्किंग में लगने वाले समय का हिसाब रखा जा सके।
परीक्षा केंद्रों पर बेहतर सुविधाएं
एग्जाम इंफ्रास्ट्रक्चर पर NBEMS इस बात पर सहमत हुआ कि एग्जाम सेंटर्स पर सुविधाओं को अभ्यर्थियों के लिए और बेहतर बनाया जाएगा और इसके टेक्नोलॉजी पार्टनर को जरूरी इंस्ट्रक्शन्स दिए जाएंगे।
मिलीं ये 9 राहतें
1- अक्टूबर 2026 तक एक अतिरिक्त FMGE आयोजित किया जाएगा।
2- वर्ष 2027 से FMGE साल में 3 बार आयोजित किया जाएगा।
3- परीक्षा में कठिनाई का अनुपात 30(आसान):50 (मध्यम):20 (कठिन) रहेगा।
4- FMGE परीक्षा शुल्क में कमी की जाएगी।
5- अभ्यर्थियों को प्रश्न, उत्तर, रिस्पॉन्स आईडी और प्राप्त अंक उपलब्ध कराए जाएंगे।
6- अदालत में 14 वीडियो आधारित प्रश्नों को घोषित किया गया।
7- शिकायत निवारण समिति में FMG प्रतिनिधित्व के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।
8- परीक्षा केंद्रों पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
9- अभ्यर्थियों को अधिकतम 3 अतिरिक्त मिनट दिए जाएंगे।
मीटिंग के बाद, AIMSA-FMSW ने गुरुवार को प्रोटेस्ट खत्म करने पर सहमति जताई।
आपको बता दें कि विदेशों से मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों को भारत लौटकर एफएमजीई (FMGE) पास करनी होती है, जिसके बाद ही उन्हें देश में डॉक्टरी करने की अनुमति मिलती है। इस टेस्ट को पास करना काफी कठिन होता है। बेहद चुनौतिपूर्ण मानी जाने वाली इस परीक्षा का रिजल्ट करीब 15 से 25 फीसदी ही रहता है। हालांकि इस बार नतीजे और भी कम आए हैं। जून सत्र की एफएमजीई देने वाले छात्रों का कहना है कि इस बार जून में हुई परीक्षा बेहद कठिन थी। इस मुद्दे को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे थे तथा जून परीक्षा में ग्रेस अंकों की मांग कर रहे थे।
FMGE परीक्षा साल में दो बार (जून और दिसंबर सत्र में) आयोजित की जाती है। जून 2020 से लेकर जून 2026 तक के अलग-अलग सत्रों का पास प्रतिशत इस प्रकार रहा है:
वर्ष 2020:
जून 2020: 11.62%
दिसंबर 2020: 21.75%
वर्ष 2021:
जून 2021: 23.71%
दिसंबर 2021: 23.61%
वर्ष 2022:
जून 2022: 10.61%
दिसंबर 2022: 30.83%
वर्ष 2023:
जून 2023: 10.22% (यह इन वर्षों में सबसे कम पास प्रतिशत रहा है)
दिसंबर 2023: 31.25% (यह इन वर्षों में सबसे अधिक पास प्रतिशत रहा है)
वर्ष 2024:
जून 2024: 20.71%
दिसंबर 2024: 29.02%
वर्ष 2025:
जून 2025: 18.61%
दिसंबर 2025: 23.90%
वर्ष 2026:
जून 2026: 12.38%
पिछले 13 सत्रों का औसत पास प्रतिशत 21.47% रहा है। FMGE परीक्षा पास करने के लिए 300 में से कम से कम 150 अंक (50%) लाना अनिवार्य होता है।


