पिता रिक्शा चलाते हैं, JEE एडवांस्ड पास कर बेटा बनेगा गांव का पहला आईआईटियन
जेईई एडवांस्ड के जरिए देश के 23 आईआईटी में दाखिला मिलता है। हाल ही में जेईई एडवांस्ड 2026 का रिजल्ट घोषित हुआ और इसमें कई ऐसे छात्र सफल हुए जिनकी कहानी काफी प्रेरणा दायक है। इन्हीं में से एक नाम इंद्रजीत का भी।

JEE Advanced 2026 Success Story: भारत में हर साल लाखों छात्र इंजीनियर बनने का सपना लेकर जेईई (JEE) यानी जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन का एग्जाम देते हैं। जेईई एडवांस्ड के जरिए देश के 23 आईआईटी में दाखिला मिलता है। हाल ही में जेईई एडवांस्ड 2026 का रिजल्ट घोषित हुआ और इसमें कई ऐसा छात्र सफल हुए जिनकी कहानी काफी प्रेरणा दायक है। इन्हीं में से एक नाम इंद्रजीत का भी। इंद्रजीत अपने गांव से IIT पहुंचने वाले पहले छात्र बनेंगे। हालांकि यहां तक पहुंचने का सफर इंद्रजीत के लिए आसान नहीं था।
हासिल की 1040वीं रैंक
देश की कठिन परीक्षाओं में सफलता हासिल करने के लिए केवल बड़े शहर, महंगी कोचिंग और बेहतर सुविधाओं की तरफ भागते हैं। लेकिन इंद्रजीत के पास इन सब चीजों का इंतजाम नहीं हो पाया। इंद्रजीत राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के छोटे से गांव पथानवाला के रहने वाले हैं। उनके पिता ई-रिक्शा चलता हैं। इंद्रजीत ने जेईई एडवांस्ड 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए OBC-NCL कैटेगरी में 1040वीं रैंक हासिल की है।
गांव से की शुरुआती पढ़ाई
इंद्रजीत ने शुरुआती पढ़ाई गांव के ही स्कूल से की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इंद्रजीत को पहली बार आईआईटी और जेईई के बारे में तब पता चला जब वो कक्षा 10वीं में थे। तभी से उनके भीतर आईआईटी में जाने का ख्याब पल गया। इसके लिए उन्होंने खूब मेहनत की और तय किया कि वह अपनी परिस्थितियों को अपने सपनों के बीच नहीं आने देंगे।
ऑनलाइन की पढ़ाई
आर्थिक तंगी की वजह से बड़े शहरों में कोचिंग इंस्टीट्यूट में दाखिला लेना इंद्रजीत के लिए संभव नहीं था। इसलिए उन्होंने ऑनलाइन कोचिंग का सहारा लिया। हालांकि, उनके लिए ऑनलाइन पढ़ाई भी आसान नहीं थी। इंटरनेट डेटा जल्दी खत्म हो जाता था और गांव में बार-बार बिजली कटौती होती थी। इससे पढ़ाई में काफी दिक्कत आती थी।
लाइब्रेरी बना सहारा
फिर उन्होंने पिता की सलाह मानी और गांव की लाइब्रेरी में जाकर पढ़ाई की। उस लाइब्रेरी में मुफ्त इंटरनेट की सुविधा थी। वहां टेबल-कुर्सी भी उपलब्ध थी और बिजली की समस्या भी नहीं थी। धीरे-धीरे वही लाइब्रेरी इंद्रजीत का कोचिंग सेंटर बन गई। वह घंटों वहां बैठकर ऑनलाइन लेक्चर देखते, नोट्स बनाते और सवाल हल करते थे।
दूसरे अंटेम्प में क्लियर किया जेईई
इंद्रजीत ने 2025 में JEE की परीक्षा दी थी, लेकिन वह अपने प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं थे। इसके बाद उन्होंने कुछ समय लिया और तैयारी में जुट गए। तैयारी के दौरान कई बार टेस्ट में कम अंक आए लेकिन उन्होंने हौसल नहीं हारा बल्कि और भी मेहनत की। साथ ही खुद पर भरोसा जताया कि वो हार नहीं मानेंगे।
IIT रुड़की में पढ़ने का है सपना
इंद्रजीत अब IIT रुड़की से बीटेक करना चाहते हैं। आगे चलकर वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग की फील्ड में काम करना चाहते हैं। उनका सपना है कि एक दिन वह दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों जैसे – Google या Microsoft में नौकरी करें।
लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण:
धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
व्यक्तिगत रुचियां
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