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JNUSU election 2019: जेएनयू प्रशासन और चुनाव समिति आमने-सामने

jnu election 2019

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्रसंघ चुनाव को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन और चुनाव समिति एक बार आमने-सामने आ गए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन के शिकायत निवारण प्रकोष्ठ ने लिंगदोह समिति की सिफारिशों व उच्च न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन का आरोप लगाते हुए चुनाव समिति को नोटिस जारी किया।

समिति को जवाब देने के लिए बुधवार सुबह 10 बजे तक का समय दिया गया है। चुनाव समिति को जारी नोटिस में जीआरसी ने स्पष्ट किया है पूर्व में ही समिति को लिंगदोह समिति की सिफारिशों और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत ही चुनाव करवाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन चुनाव समिति ने ऐसा नहीं किया है।

नोटिस में जीआरसी ने स्पष्ट किया है कि चुनाव समिति चुनाव के आयोजन में 10 बिंदुओं पर लिंगदोह समिति की सिफारिशों का उल्लंघन किया है। जीआरसी ने जारी नोटिस में कहा है कि लिंगदोह समित की सिफारिश के तहत छात्रसंघ चुनाव 10 दिन में पूरे होने चाहिए, लेकिन समिति ने 14 दिन तक चुनाव कार्यक्रम आयोजित किया। जो लिंगदोह समिति की सिफारिश का उल्लघंन है।

नोटिस में कहा गया है कि चुनाव समिति ने सभी उम्मीदवारों की अंतिम सूची की घोषणा करने से पहले उनकी हाजिरी, अकादमिक बकाया जैसे विषयों की जांच भी नहीं की। स्वतंत्र और निष्पक्ष छात्रसंघ चुनाव के लिए एक समीक्षक को नियुक्त किया गया था, लेकिन चुनाव समिति ने पोलिंग बूथ के इलाके और मतगणना कक्ष में समीक्षक को जाने की अनुमति नहीं दी। नियमानुसार विश्वविद्यालय के छात्र ही चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा ले सकते हैं, लेकिन विश्वविद्यालयों को मिली सूचना के मुताबिक, केंद्रों पर बाहर के लोग भी मौजूद थे। जो नियमों का उल्लंघन है।

नोटिस वापस लिया जाए : ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने जारी नोटिस को वापस लेने की मांग विश्वविद्यालय प्रशासन से की है। आइसा का कहना है कि चुनाव समिति पर झूठे आरोप लगाने के लिए जीआरसी चुनाव समिति और जेएनयू समुदाय से माफी मांगे। आइसा ने सभी विद्यार्थियों से चुनाव समिति के साथ खड़े होने की अपील की है।

 
छात्रसंघ संविधान के तहत भी नहीं कराए गए चुनाव जारी नोटिस में जीआरसी ने कहा है कि छात्रसंघ संविधान के तहत भी जेएनयु छात्र संघ के चुनावों का आयोजन नहीं किया गया है। नोटिस के अनुसार छात्र संघ चुनाव के संविधान के तहत विश्वविद्यालय के सभी स्कूलों और विशेष केंद्रों को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है। जबकि छात्र संघ चुनाव में काउंसलर्स की एक सीट पार्ट टाइम छात्र को आबंटित की गई, यह भी लिंग्दोह समिति की सिफारिशों का उल्लंघन है।

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  • Web Title:JNUSU chunav 2019: JNU prashasan aur chunaav samiti amne samne