DU Exam Date Sheet 2026: अब संडे को भी होंगे एग्जाम, दिल्ली यूनिवर्सिटी ने बदला पूरा शेड्यूल
दिल्ली यूनिवर्सिटी ने अंडरग्रेजुएट परीक्षाओं का फाइनल शेड्यूल 2026 जारी कर दिया है। अब कुछ पेपर रविवार को भी होंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत पहली बार 8वें सेमेस्टर की परीक्षा भी आयोजित होगी।

दिल्ली यूनिवर्सिटी ने अंडरग्रेजुएट परीक्षाओं का फाइनल शेड्यूल जारी कर दिया है। इस बार सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि कुछ पेपर रविवार यानी संडे को भी आयोजित किए जाएंगे। यूनिवर्सिटी का कहना है कि यह फैसला छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखकर लिया गया है ताकि सीनियर छात्रों की परीक्षाएं जल्दी खत्म हो सकें। पिछले कुछ दिनों से दिल्ली यूनिवर्सिटी की डेटशीट को लेकर छात्रों के बीच काफी कन्फ्यूजन बना हुआ था। कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर तारीखों को लेकर शिकायतें भी की थीं। इसके बाद यूनिवर्सिटी ने शेड्यूल की दोबारा समीक्षा की और अब फाइनल टाइमटेबल जारी किया गया है।
पहली बार होंगे 8वें सेमेस्टर के एग्जाम
इस बार की परीक्षाएं इसलिए भी खास हैं क्योंकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति यानी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू होने के बाद पहली बार दिल्ली यूनिवर्सिटी में चौथे साल के तहत 8वें सेमेस्टर की परीक्षाएं कराई जाएंगी। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी में केवल 6 सेमेस्टर तक की व्यवस्था थी।
क्या बोले परीक्षा नियंत्रक गुरप्रीत सिंह टुटेजा
दिल्ली यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि यूनिवर्सिटी आमतौर पर परीक्षा शेड्यूल को फाइनल करने से पहले कम से कम दो ड्राफ्ट तैयार करती है। उन्होंने कहा कि 6वें और 8वें सेमेस्टर के कई छात्रों को नौकरी, इंटरव्यू या दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होना पड़ सकता है, इसलिए शेड्यूल में बदलाव जरूरी था।
अब 14 दिन तक अल्टरनेट डे पर होंगे एग्जाम
यूनिवर्सिटी के मुताबिक पहले परीक्षाएं 16 मई से शुरू होकर लगभग 19 जून तक चलने वाली थीं। लेकिन अब नए शेड्यूल में 6वें और 8वें सेमेस्टर के एग्जाम 16 मई से अगले 14 दिनों तक एक दिन छोड़कर आयोजित किए जाएंगे। इसी वजह से कुछ परीक्षाएं रविवार को भी रखी गई हैं।
जून 14 तक खत्म हो जाएंगी सभी Even Semester परीक्षाएं
अधिकारियों ने बताया कि 2वें और 4वें सेमेस्टर की परीक्षाएं उसके बाद अगले 14 दिनों तक चलेंगी। सभी ईवन सेमेस्टर की परीक्षाएं 14 जून तक खत्म कर दी जाएंगी।
बैकलॉग वाले छात्रों को भी मिलेगा फायदा
यूनिवर्सिटी का कहना है कि नया शेड्यूल उन छात्रों के लिए भी मददगार होगा जिनके कुछ पुराने पेपर यानी बैकलॉग बाकी हैं। इससे वे अपने रेगुलर और बैकलॉग एग्जाम बेहतर तरीके से मैनेज कर पाएंगे।
CBCS और LOCF छात्रों पर नहीं होगा असर
दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रशासन ने साफ किया है कि डेटशीट में बदलाव केवल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए किया गया है। जो छात्र अभी भी CBCS और LOCF सिस्टम के तहत परीक्षा दे रहे हैं, उनके शेड्यूल में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
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Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
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- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


