DU UG Admission 2026: DU में यूजी एडमिशन के लिए 2 लाख से अधिक आवेदन, 2022 के बाद सबसे ज्यादा
du ug admission 2026: विश्वविद्यालय ने बताया कि 12 जुलाई 2026 को अनुमानित रैंक (Simulated Rank) जारी की जाएगी। हालांकि, सिम्युलेटेड रैंक यूजी दाखिले के लिए जारी होने वाली अंतिम रैंक नहीं होती है।

दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में स्नातक (UG) एडमिशन के लिए छात्रों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक यूजी एडमिशन 2026 के लिए अब तक 2,73,751 छात्रों ने साइन-अप किया है। इनमें से 218284 उम्मीदवारों ने अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर लिया है, जबकि 2,06,835 अभ्यर्थियों ने कॉलेज और कोर्स की अपनी प्राथमिकताएं भी सबमिट कर दी हैं। दाखिले के दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया शनिवार को संपन्न हो गई है।
2022 के बाद सबसे अधिक रजिस्ट्रेशन
विश्वविद्यालय के मुताबिक, 2022 के बाद यह सबसे अधिक रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा है, जो इस बार दाखिले के लिए छात्रों की बढ़ती रुचि को दिखा रहा है। वहीं, विश्वविद्यालय ने बताया कि 12 जुलाई 2026 को अनुमानित रैंक (Simulated Rank) जारी की जाएगी। हालांकि, सिम्युलेटेड रैंक यूजी दाखिले के लिए जारी होने वाली अंतिम रैंक नहीं होती है। इसके आधार पर उम्मीदवार यह समझ सकेंगे कि उनकी वर्तमान प्राथमिकताओं के अनुसार किस कॉलेज और कोर्स में प्रवेश मिलने की संभावना है।
अपनी प्राथमिकाओं में कर सकते हैं बदलाव
इसके बाद यदि कोई उम्मीदवार अपनी कॉलेज या कोर्स की प्राथमिकताओं (Preferences) में बदलाव करना चाहता है, तो उसे 13 जुलाई 2026 शाम 4:59 बजे तक का मौका मिलेगा। इसके बाद प्रेफरेंस एडिट करने की सुविधा बंद कर दी जाएगी।
16 जुलाई को आएगी पहली आवंटन सूची
डीयू में दाखिले की पहली कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम सूची 16 जुलाई को जारी की जाएगी। साथ ही छात्र आवंटित सीट को 18 जुलाई तक स्वीकार कर सकते हैं। वहीं, कॉलेज द्वारा ऑनलाइन आवेदन को स्वीकृत और सत्यापित किया जाएगा। इसके बाद छात्र 21 जुलाई तक ऑनलाइन फीस जमा कर सकते हैं। पहले चरण की प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद दूसरी आवंटन सूची 25 जुलाई को जारी होगी।
73 यूजी कोर्स में होंगे एडमिशन
बता दें कि इस साल 69 कॉलेजों और विभागों में संचालित 73 स्नातक (UG) पाठ्यक्रमों में दाखिले होंगे। इसके लिए कुल 71,624 सीटें उपलब्ध हैं। वहीं, BA के करीब 150 विषय संयोजन छात्रों के लिए उपलब्ध कराए गए हैं। सीटों का पूरा विवरण (Seat Matrix) विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जारी कर दिया गया है। इसके अलावा विश्वविद्यालय की ओर से अधिकारियों ने कहा कि अंतिम तिथि से पहले छात्र अपने कॉलेज और कोर्स की पसंद अच्छी तरह जांच लें। तय समय सीमा के बाद सभी विकल्प अपने आप लॉक हो जाएंगे और उनमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। खेल और एक्स्ट्रा करिकुलर गतिविधियों जैसी सुपरन्यूमेरी श्रेणियों के तहत भी दाखिले छात्रों द्वारा भरी गई प्राथमिकताओं (Preferences) के आधार पर किए जाएंगे।
लेखक के बारे में
Abhinaw Upadhyayशॉर्ट बायो : अभिनव उपाध्याय पिछले लगभग 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय वरिष्ठ पत्रकार हैं और वर्तमान में हिंदुस्तान दैनिक में प्रमुख संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं। शिक्षा, साहित्य, संगीत, कला, सामाजिक मुद्दों, पर्यावरण और राजनीति से जुड़े विषय उनकी विशेष विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं।
परिचय एवं अनुभव
अभिनव उपाध्याय राजधानी की पत्रकारिता दुनिया का एक विश्वसनीय और सक्रिय नाम हैं, जिन्हें समाचार लेखन, विश्लेषण और जनसरोकारों से जुड़े विषयों पर गहरी पकड़ के साथ लगभग दो दशक का अनुभव है। बीते करीब आठ वर्षों से वे हिंदुस्तान दैनिक से जुड़े हैं और दिल्ली के शैक्षणिक संस्थानों, छात्र राजनीति तथा सांस्कृतिक गतिविधियों की व्यापक और शोधपरक कवरेज कर रहे हैं।
करियर का सफर
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साहित्यिक पत्रिका ‘कथादेश’ से की, जिसके बाद ‘आज समाज’ और ‘दैनिक जागरण’ जैसे प्रमुख संस्थानों में विभिन्न बीट्स पर कार्य किया। आज समाज में कार्य करते हुए 1984 के सिख दंगों के 25 वर्ष पूरे होने पर विशेष श्रृंखला तथा दैनिक जागरण में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम, दिल्ली और आजादी के 75 वर्ष पर शैक्षणिक संस्थानों के योगदान से जुड़ी शोधपरक श्रृंखलाएं तैयार कीं। वर्तमान भूमिका में उन्होंने कई महत्वपूर्ण साक्षात्कार, ब्रेकिंग स्टोरी और विशेष पैकेज किए हैं, साथ ही गोवा अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव सहित अनेक प्रमुख आयोजनों की रिपोर्टिंग की है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और उपलब्धियां
अभिनव ने पीएचडी, राजनीति विज्ञान में एमए, बीएड और बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (डिप्लोमा) की उपाधियां प्राप्त की हैं। उन्हें संस्कृति मंत्रालय द्वारा मौलाना मोहम्मद अली जौहर पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इसके अतिरिक्त रॉयटर का डिजिटल जर्नलिज्म कोर्स तथा संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की जूनियर रिसर्च फेलोशिप भी उन्हें प्राप्त है। उनके कई लेख और शोधपत्र प्रकाशित हो चुके हैं, विशेषकर भोजपुरी गीतों में सामाजिक चेतना पर उनका शोध उल्लेखनीय है।
सार्वजनिक भूमिका और रुचियां
पत्रकारिता के साथ-साथ वे विभिन्न शैक्षणिक और सार्वजनिक मंचों पर वक्ता, शोधपत्र प्रस्तुतकर्ता, समिति सदस्य और निर्णायक के रूप में सक्रिय रहते हैं। लेखन, संगीत, कुकिंग और यात्रा उनकी प्रमुख रुचियां हैं, जो उनके रचनात्मक व्यक्तित्व को और समृद्ध बनाती हैं।


