DU PG Admission 2026: तीसरे राउंड के स्कोर जारी, सीट मिलेगी या नहीं; चेक करें Direct Link
दिल्ली यूनिवर्सिटी ने 2026-27 सत्र के लिए डीयू पीजी राउंड 3 के मिनिमम एलोकेशन स्कोर जारी कर दिए हैं, जिन्हें उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट admission.uod.ac.in पर जाकर तुरंत चेक कर सकते हैं।

दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ने का सपना देश भर के लाखों युवा देखते हैं। खासकर पोस्टग्रेजुएट (PG) कोर्सेज में दाखिले की रेस बेहद कड़ी होती है। महीनों की मेहनत और लंबे इंतजार के बाद, छात्रों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। अगर आप भी डीयू के पीजी कोर्सेज में एडमिशन लेने की जद्दोजहद में लगे हैं, तो यह अपडेट सीधे आपसे जुड़ा है। यूनिवर्सिटी ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अपने 'कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम' (CSAS PG 2026) के तहत तीसरे राउंड के मिनिमम एलोकेशन स्कोर आधिकारिक तौर पर जारी कर दिए हैं। अब आप बिना किसी देरी के डीयू के आधिकारिक एडमिशन पोर्टल admission.uod.ac.in पर जाकर ये कटऑफ या मिनिमम स्कोर चेक कर सकते हैं। हर छात्र के मन में यह सवाल होता है कि आखिर इन स्कोर्स का मतलब क्या है? यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस बात को बिल्कुल साफ कर दिया है कि राउंड 3 में जारी किए गए ये मिनिमम स्कोर सिर्फ उन खास कोर्सेज, कॉलेजों, डिपार्टमेंट्स या सेंटर्स के लिए हैं, जहां इस राउंड में सीटें अलॉट की गई हैं।
हालांकि, एक बात का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। ये स्कोर पत्थर की लकीर नहीं हैं। दाखिले की प्रक्रिया काफी लंबी और पेचीदा होती है। कई बार छात्र अपनी सीट छोड़ देते हैं, कुछ के एडमिशन कैंसिल हो जाते हैं, या फिर कुछ छात्र अपनी सीट अपग्रेड करवा लेते हैं। इसके अलावा, शिकायतों के निपटारे और एडमिशन से जुड़े दूसरे अपडेट्स की वजह से बाद में इन स्कोर्स में थोड़ा बहुत बदलाव देखने को मिल सकता है।
सीट अलॉटमेंट किन बातों पर निर्भर करता है?
डीयू में सीट मिलना कोई लॉटरी नहीं है, बल्कि यह एक बहुत ही पारदर्शी और तय मानकों पर आधारित प्रक्रिया है। सीट का अलॉटमेंट कई अहम बातों को ध्यान में रखकर किया जाता है। इनमें छात्र की योग्यता, मेरिट, उसकी कैटेगरी, उस खास कोर्स में खाली सीटों की संख्या और टाई-ब्रेकिंग नियम (जब दो छात्रों के नंबर एक जैसे हों) शामिल हैं। इन सब पैमानों पर खरा उतरने के बाद ही किसी उम्मीदवार को सीट दी जाती है।
यहां देखें- डायरेक्ट लिंक
अगर आपको पोर्टल पर अपने अलॉटमेंट की जानकारी में कोई गड़बड़ी या गलती नजर आती है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। यूनिवर्सिटी ने इसके लिए भी रास्ता सुझाया है। ऐसी स्थिति में आपको तुरंत डीयू की एडमिशन ब्रांच से संपर्क करना चाहिए ताकि समय रहते उस गलती को सुधारा जा सके। याद रहे, पोर्टल पर सीट अलॉट होना ही एडमिशन की पूरी गारंटी नहीं है। आपका फाइनल दाखिला तभी पक्का माना जाएगा, जब आपके सभी जरूरी डॉक्युमेंट्स की ठीक से वेरिफिकेशन (जांच) हो जाएगी और आप कोर्स की सभी शर्तें पूरी करेंगे।
डीयू पीजी राउंड 3 के मिनिमम एलोकेशन स्कोर 2026 कैसे चेक करें?
जो भी छात्र इस पीडीएफ को डाउनलोड करना चाहते हैं, वे नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं -
- 1. सबसे पहले अपने मोबाइल या लैपटॉप के ब्राउज़र पर डीयू की आधिकारिक एडमिशन वेबसाइट admission.uod.ac.in को खोलें।
- 2. जैसे ही होमपेज खुलेगा, वहां आपको 'Two Year PG Admissions 2026-27' का एक सेक्शन नजर आएगा। उस पर क्लिक करें।
- 3. इसके अंदर आपको 'PG Round 3 Minimum Eligibility Scores' नाम का एक लिंक दिखाई देगा। आपको बस इसी लिंक पर जाना है।
- 4. लिंक पर क्लिक करते ही राउंड 3 के मिनिमम एलोकेशन स्कोर्स की पूरी पीडीएफ फाइल आपकी स्क्रीन पर खुल जाएगी।
- 5. आप इस पीडीएफ को डाउनलोड कर सकते हैं और भविष्य में जरूरत पड़ने के लिए इसका प्रिंटआउट अपने पास सुरक्षित रख सकते हैं।
पीडीएफ में क्या-क्या जानकारी मिलेगी?
यूनिवर्सिटी द्वारा जारी की गई इस पीडीएफ में कई अहम जानकारियां विस्तार से दी गई हैं, ताकि छात्रों को कोई कन्फ्यूजन न हो। इसमें आपको पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम का नाम, अलॉट किए गए डिपार्टमेंट, कॉलेज या सेंटर का नाम, एडमिशन की कैटेगरी और मिनिमम एलोकेशन स्कोर देखने को मिलेगा। इसके साथ ही, इसमें एलोकेशन का राउंड और दाखिले से जुड़े कुछ जरूरी नियम व शर्तें भी बताई गई हैं। आखिर में, सभी उम्मीदवारों को यही सलाह दी जाती है कि वे अपने चुने हुए कोर्स और कैटेगरी के हिसाब से एलोकेशन स्कोर को बहुत ही ध्यान से चेक करें। साथ ही, एडमिशन प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी नई जानकारी या बदलाव से अपडेट रहने के लिए नियमित रूप से डीयू के ऑफिशियल पोर्टल पर विजिट करते रहें।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
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- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


