DU PG Admission 2026 : दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन का एक और मौका, अब 9 जून तक भरें फॉर्म
DU PG Admission 2026 : दिल्ली यूनिवर्सिटी ने पीजी एडमिशन 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख बढ़ाकर 9 जून कर दी है। छात्र तुरंत सीएसएएस पोर्टल पर जाकर सीयूईटी स्कोर के जरिए अप्लाई कर सकते हैं।

DU PG Admission 2026 : दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में पढ़ने का ख्वाब देश के हर दूसरे छात्र का होता है। अगर आप भी डीयू से अपना पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) पूरा करने की सोच रहे हैं और किसी भी वजह से अब तक अपना एप्लीकेशन फॉर्म नहीं भर पाए थे, तो अब आपको बिल्कुल भी घबराने की जरूरत नहीं है। दिल्ली यूनिवर्सिटी ने पीजी एडमिशन 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन को आगे बढ़ाकर छात्रों को एक बहुत बड़ी राहत दी है। अब आप 9 जून तक कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन आसानी से कर सकते हैं। यह फैसला उन हजारों छात्रों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है जो सर्वर की सुस्ती या अपने कुछ जरूरी कागज पूरे न होने की वजह से टेंशन में थे।
डीयू में एडमिशन का यह पूरा प्रोसेस इस बार भी पूरी तरह से ऑनलाइन रखा गया है। जिन उम्मीदवारों ने अभी तक अप्लाई नहीं किया है, वो बिना किसी देरी के डीयू के ऑफिशियल एडमिशन पोर्टल pgadmission.uod.ac.in पर जाकर अपना फॉर्म मुकम्मल कर सकते हैं। अक्सर देखा गया है कि आखिरी दिनों में वेबसाइट पर काफी ज्यादा ट्रैफिक आ जाता है, जिसकी वजह से सिस्टम थोड़ा धीमा हो जाता है। इसलिए समझदारी इसी में है कि आप आखिरी तारीख का भी इंतजार न करें और जल्द से जल्द अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर लें।
इंसान से गलतियां होना लाजमी है, और फॉर्म भरते वक्त तो अक्सर नाम, पते या मनपसंद सब्जेक्ट्स को लेकर छोटी मोटी चूक हो ही जाती है। यूनिवर्सिटी ने इस बात का भी पूरा ख्याल रखा है। अगर आपसे फॉर्म भरते वक्त कोई गलती हो गई है, तो आपके लिए 'करेक्शन विंडो' 10 जून को सुबह 10 बजे से खोल दी जाएगी। यह सहूलियत 11 जून की शाम 5 बजे तक ही उपलब्ध रहेगी। यानी आपके पास अपनी गलतियों को सुधारने के लिए करीब डेढ़ दिन का वक्त होगा। लेकिन एक बात पक्के तौर पर गांठ बांध लें कि 11 जून के बाद किसी भी हालत में फॉर्म में कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। इस साल एडमिशन प्रोसेस को और भी ज्यादा पारदर्शी और तेज बनाने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की तरफ से एक खास तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। CSAS पोर्टल को API सेतु (API Setu) के जरिए सीधे NTA के डेटाबेस से जोड़ दिया गया है, जिससे छात्रों का डेटा बिना किसी झंझट के अपने आप वेरीफाई हो जाएगा।
किन शर्तों पर मिलेगा दाखिला
अब बात करते हैं कि इस बार पीजी कोर्सेज में दाखिला किन शर्तों पर मिलेगा। सबसे अहम बात यह है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के सभी पीजी प्रोग्राम्स में एंट्री सिर्फ और सिर्फ कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट फॉर पोस्टग्रेजुएट (CUET PG 2026) में मिले नंबरों के आधार पर ही मिलेगी। जिन छात्रों ने अपने संबंधित विषयों में सीयूईटी पीजी की परीक्षा दी है, केवल वही CSAS पोर्टल पर अपनी किस्मत आजमा सकते हैं। इसके अलावा एक दिलचस्प नियम यह भी है कि जो छात्र इस वक्त किसी चार साल के बैचलर ऑनर्स डिग्री (जिसमें एंटरप्रेन्योरशिप और रिसर्च शामिल हो) की पढ़ाई कर रहे हैं, वो भी इस पोर्टल पर अप्लाई करने के पूरे हकदार हैं। बशर्ते वो अपने ग्रेजुएशन के तीसरे या चौथे साल में हों। वहीं, जिन छात्रों ने मेजर सब्जेक्ट के साथ अपनी चार साल की बैचलर डिग्री पूरी कर ली है, उनके लिए भी डीयू के दरवाजे पूरी तरह से खुले हुए हैं। पूरी जानकारी के लिए छात्र पीजी इन्फॉर्मेशन बुलेटिन का रुख कर सकते हैं।
कितना देना होगा एप्लीकेशन फीस
एप्लीकेशन फीस की बात करें तो यूनिवर्सिटी ने इसे हर वर्ग के हिसाब से काफी साफ रखा है। जनरल, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के छात्रों को हर चुने गए कोर्स के लिए 250 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस देनी होगी। वहीं, एससी, एसटी और दिव्यांग कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए यह फीस 100 रुपये तय की गई है। एक खास जानकारी उन छात्रों के लिए भी है जो एक साल वाले पीजी कोर्सेज में दाखिला लेना चाहते हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि एक साल के पीजी प्रोग्राम्स के लिए एक अलग से नया पोर्टल लॉन्च किया जाएगा और इसके रजिस्ट्रेशन से जुड़ी घोषणाएं बाद में की जाएंगी।
ऐसे करें रजिस्ट्रेशन
आखिर में आपको बस यही करना है कि CSAS PG पोर्टल पर जाइए, वहां अपना रजिस्ट्रेशन कीजिए, अपने मनपसंद प्रोग्राम चुनिए और अपने पसंदीदा कॉलेजों की प्रेफरेंस लिस्ट तैयार करके लॉक कर दीजिए। जैसे ही रजिस्ट्रेशन की ये प्रक्रिया खत्म होगी, डीयू सीट एलोकेशन के लिए अपनी कट ऑफ लिस्ट जारी कर देगा, जिसके आधार पर आपको आपके सपनों के कॉलेज में सीट मिल सकेगी। तो बस, अपने जरूरी डॉक्यूमेंट्स तैयार रखिए और इस सुनहरे मौके को हाथ से बिल्कुल मत जाने दीजिए।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
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- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


