बकरीद पर परीक्षा कराने के फैसले पर झुका DU; HC में कहा- 4 जुलाई के बाद फिर से होगा एग्जाम
DU Law Exams 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी ने मंगलवार, 26 मई 2026 को दिल्ली हाईकोर्ट में आश्वासन दिया है कि जो छात्र 28 मई 2026 को बकरीद का त्योहार मनाएंगे, उन्हें दोबारा परीक्षा देने की विशेष अनुमति दी जाएगी।

DU Law Exams 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के फैकल्टी ऑफ लॉ में पढ़ने वाले और त्योहार मनाने की तैयारी कर रहे मुस्लिम छात्रों के लिए राहत भरी खबर आई है। दिल्ली यूनिवर्सिटी ने मंगलवार, 26 मई 2026 को दिल्ली हाईकोर्ट में आश्वासन दिया है कि जो छात्र 28 मई 2026 को ईद-उल-जुहा (बकरीद) का त्योहार मनाएंगे, उन्हें उस दिन होने वाली परीक्षा के बदले 4 जुलाई 2026 के बाद दोबारा परीक्षा देने की विशेष अनुमति दी जाएगी। यूनिवर्सिटी के इस फैसले से उन सैकड़ों छात्रों और शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है, जो त्योहार के दिन परीक्षा आयोजित करने के फैसले का कड़ा विरोध कर रहे थे।
दिल्ली हाईकोर्ट में छात्र की याचिका पर हुआ अहम फैसला
यह पूरा मामला जस्टिस जसमीत सिंह की बेंच के समक्ष तब सामने आया, जब दिल्ली यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ लॉ में 'इंटीग्रेटेड लॉ कोर्स' के छठे सेमेस्टर के छात्र सैफ राशिद सईद ने विश्वविद्यालय के एक फैसले को कोर्ट में चुनौती दी।
दिल्ली यूनिवर्सिटी ने 25 मई 2026 को एक आधिकारिक नोटिस जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि 28 मई को बकरीद के उपलक्ष्य में यूनिवर्सिटी के सभी ऑफिस और विभाग बंद रहेंगे, लेकिन पहले से तय परीक्षाएं अपने तय शेड्यूल के अनुसार ही आयोजित की जाएंगी। छात्र ने याचिका में दलील दी कि 28 मई को छठे सेमेस्टर की "पब्लिक पॉलिसी एंड एडमिनिस्ट्रेशन" की मुख्य परीक्षा होनी है। त्योहार के दिन परीक्षा आयोजित करना मनमाना और छात्रों को उनके धार्मिक अधिकारों से वंचित करने जैसा है।
याचिका में दिए गए थे अन्य परीक्षाओं के उदाहरण
छात्र के वकील ने अदालत में दलील देते हुए स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने पहले ही आधिकारिक अधिसूचना जारी कर बकरीद की छुट्टी को 27 मई से बदलकर 28 मई कर दिया था। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट ने भी अपनी 28 मई की छुट्टियों को संशोधित किया था।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने भी बकरीद के कारण 28 मई को होने वाली सीयूईटी यूजी (CUET UG 2026) की परीक्षाओं को स्थगित कर दिया था। इसके बावजूद दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा जारी रखने का फैसला संवेदनहीन और गैर-समावेशी था, जिसका छात्र संगठनों और शिक्षक संघों ने भी पुरजोर विरोध किया था।
दोबारा परीक्षा के लिए ईमेल से करना होगा आवेदन
मामले की सुनवाई के दौरान डीयू के वकील मोहिंदर रूपल ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि अल्पसंख्यक समुदाय या त्योहार मनाने वाले छात्रों का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। कोर्ट ने डीयू के इस बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए याचिका का निपटारा कर दिया । जो छात्र 28 मई को परीक्षा में शामिल नहीं होना चाहते हैं, उन्हें अपने आधिकारिक ईमेल के जरिए लॉ फैकल्टी के डीन को सूचित करना होगा। छात्रों को यह ईमेल 27 मई 2026 की निर्धारित समय-सीमा के भीतर भेजना अनिवार्य है। ईमेल प्राप्त होने के बाद, यूनिवर्सिटी इन छात्रों के लिए 4 जुलाई 2026 के बाद एक अलग परीक्षा आयोजित करेगी।
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