DU Exam Date Sheet 2026: छात्रों की आपत्तियों के बाद बदला फैसला, दिल्ली यूनिवर्सिटी ने जारी नई डेट शीट
DU Exam Date Sheet 2026: दिल्ली विश्वविद्यालय ने मई-जून 2026 की अंडरग्रेजुएट सेमेस्टर परीक्षाओं की फाइनल डेटशीट जारी कर दी है। यूनिवर्सिटी ने कहा है कि छात्रों, शिक्षकों और कॉलेजों से मिले सुझावों को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया गया है।

DU Exam Date Sheet 2026: दिल्ली विश्वविद्यालय ने गुरुवार 7 मई को एक अहम नोटिफिकेशन जारी करते हुए अंडरग्रेजुएट एंड-सेमेस्टर परीक्षाओं की फाइनल डेटशीट जारी कर दी है। पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया और छात्र संगठनों के बीच परीक्षा तारीखों को लेकर लगातार चर्चा चल रही थी। कई छात्रों ने डेट्स के टकराव, तैयारी के कम समय और लॉजिस्टिक परेशानियों को लेकर चिंता जताई थी। अब यूनिवर्सिटी की तरफ से जारी आधिकारिक नोटिस में साफ कहा गया है कि छात्रों, शिक्षकों, विभागों और कॉलेजों से मिले सुझावों और आपत्तियों पर गंभीर और समग्र तरीके से विचार करने के बाद ही डेटशीट को अंतिम रूप दिया गया है।
यूनिवर्सिटी ने क्या कहा?
नोटिस में बताया गया है कि मई-जून 2026 सत्र की अंडरग्रेजुएट सेमेस्टर परीक्षाओं की डेटशीट अब फाइनल कर दी गई है। यूनिवर्सिटी का कहना है कि परीक्षा संचालन के दौरान अकादमिक और व्यवस्थागत दोनों तरह की चुनौतियों को ध्यान में रखा गया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी ने यह भी कहा कि परीक्षा समय पर कराने के लिए हर संभव कोशिश की गई है ताकि छात्रों की पढ़ाई और परीक्षा प्रक्रिया दोनों प्रभावित न हों। फाइनल डेटशीट यूनिवर्सिटी एग्जाम पोर्टल पर अपलोड कर दी गई है।
अफवाहों से दूर रहने की सलाह
नोटिस में छात्रों को खास तौर पर सलाह दी गई है कि वे किसी भी अपुष्ट खबर या सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर भरोसा न करें। यूनिवर्सिटी ने कहा है कि छात्र अपनी तैयारी आत्मविश्वास के साथ जारी रखें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। पिछले कुछ दिनों में कई अनऑफिशियल पोस्ट वायरल हो रही थीं जिनमें दावा किया जा रहा था कि परीक्षाएं टल सकती हैं या डेटशीट में बड़ा बदलाव होगा। अब यूनिवर्सिटी के इस नोटिस के बाद स्थिति काफी हद तक साफ हो गई है।
कॉलेजों और फैकल्टी से भी मांगा सहयोग
नोटिफिकेशन में सभी कॉलेजों, विभागों और फैकल्टी मेंबर्स से अपील की गई है कि वे परीक्षा प्रक्रिया को सुचारु और शांतिपूर्ण तरीके से पूरा कराने में सहयोग करें। यूनिवर्सिटी ने कहा कि छात्रों के हित और उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए परीक्षाओं का संचालन किया जाएगा। इससे यह भी संकेत मिलता है कि यूनिवर्सिटी किसी तरह की अव्यवस्था या आखिरी समय की उलझन से बचना चाहती है।
लाखों छात्रों पर पड़ेगा असर
दिल्ली यूनिवर्सिटी की सेमेस्टर परीक्षाओं में हर साल लाखों छात्र शामिल होते हैं। ऐसे में डेटशीट को लेकर कोई भी बदलाव सीधे तौर पर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को प्रभावित करता है। इस बार भी छात्र लगातार यह मांग कर रहे थे कि परीक्षा कार्यक्रम ऐसा हो जिसमें तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिले। अब यूनिवर्सिटी ने दावा किया है कि छात्रों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए ही फाइनल परीक्षा कार्यक्रम तैयार किया गया है।
अब छात्रों को क्या करना चाहिए?
छात्रों को सलाह दी जा रही है कि वे तुरंत यूनिवर्सिटी पोर्टल पर जाकर अपनी परीक्षा तारीखें चेक करें और उसी हिसाब से तैयारी शुरू करें। किसी भी नई जानकारी के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट और यूनिवर्सिटी नोटिस पर भरोसा करें।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
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- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


