Delhi University 2026: डीयू में एडमिशन का नया चांस, 3 अगस्त से मिड-एंट्री; तीसरे राउंड का पूरा शेड्यूल जारी

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Delhi University 2026: डीयू ने सीएसएएस यूजी 2026 के तहत मिड एंट्री और तीसरे राउंड की दाखिला तारीखों का ऐलान किया, अब तक 71,342 छात्रों ने सीट पक्की की।

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दिल्ली यूनिवर्सिटी

Delhi University 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) में दाखिले की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही और अब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उन छात्रों के लिए भी दरवाजा खोल दिया है जो अब तक किसी वजह से सीट पक्की नहीं कर पाए थे। दिल्ली यूनिवर्सिटी ने बुधवार, 29 जुलाई को मिड-एंट्री दाखिलों और अंडरग्रेजुएट दाखिलों के तीसरे राउंड का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया, वो भी उस वक्त जब यूनिवर्सिटी में यूजी दाखिलों का आंकड़ा 71 हजार के पार जा चुका है।

कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम यानी CSAS-UG 2026 के तहत जारी नोटिस के मुताबिक, अपग्रेड की गई सीटों की लिस्ट और वॉर्ड कोटा की पहली एलोकेशन लिस्ट 1 अगस्त को पोर्टल पर डाली जाएगी। इसके बाद कॉलेजों को 3 अगस्त तक इन आवेदनों की जांच-पड़ताल कर उन्हें मंजूरी देनी होगी, जबकि छात्रों के पास दाखिला फीस जमा करने के लिए 4 अगस्त तक का वक़्त रहेगा।

सीटों का एलोकेशन 8 अगस्त तक

वहीं तीसरे राउंड की बात करें तो सीट एलोकेशन की तीसरी लिस्ट 8 अगस्त को जारी होगी, जबकि जिन उम्मीदवारों को सीट अलॉट होगी, उन्हें 8 से 11 अगस्त की रात 11:59 बजे तक अपनी सीट स्वीकार करनी होगी। इसके बाद कॉलेज 12 अगस्त तक इन आवेदनों का सत्यापन करेंगे, और दाखिला फीस भरने की आखिरी तारीख 13 अगस्त की रात 11:59 बजे तय की गई है। यानी जिन छात्रों को अब तक मनचाहा कॉलेज या कोर्स नहीं मिल पाया है, उनके पास अभी भी किस्मत आजमाने का मौका बचा हुआ है।

71,342 छात्रों ने पक्की अपनी सीट

इस बीच डीयू प्रशासन ने जो आंकड़े साझा किए हैं, वो भी काफी दिलचस्प हैं। यूनिवर्सिटी के मुताबिक 29 जुलाई शाम साढ़े छह बजे तक कुल 71,342 छात्रों ने अपनी सीट एलोकेशन पक्की कर ली थी। इनमें से 25,088 उम्मीदवारों ने 'अपग्रेड' का विकल्प चुना है, यानी उन्हें उम्मीद है कि आगे के राउंड में उन्हें बेहतर कॉलेज या कोर्स मिल सकता है। जबकि 32,233 छात्रों ने दूसरे राउंड की काउंसलिंग के बाद अपने अलॉट किए गए कॉलेज और कोर्स को ही 'फ्रीज' यानी अंतिम रूप देना बेहतर समझा।

अब बात करते हैं उन छात्रों की जो अब तक रजिस्ट्रेशन ही नहीं करा पाए थे या फिर बीच में ही दाखिले की प्रक्रिया अधूरी छोड़ गए थे। ऐसे छात्रों के लिए डीयू 3 अगस्त से मिड-एंट्री रजिस्ट्रेशन शुरू कर रहा है, जिसकी आखिरी तारीख 5 अगस्त की रात 11:59 बजे तक रखी गई है। जो छात्र CSAS UG 2026 के पहले या दूसरे राउंड में हिस्सा नहीं ले पाए थे, वो अतिरिक्त 1000 रुपये फीस देकर मिड-एंट्री के जरिए दाखिला प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं।

मिड एंट्री के लिए क्या है शर्त

हालांकि, यूनिवर्सिटी ने अपनी 29 जुलाई की आधिकारिक नोटिस में यह भी साफ कर दिया है कि यह मिड-एंट्री सुविधा हर किसी के लिए नहीं है। एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज (ईसीए), स्पोर्ट्स कोटा, चिल्ड्रन/विडोज (सीडब्ल्यू) कोटा, वॉर्ड सुपरन्यूमेररी कोटा के तहत आवेदन करने वाले छात्र इस सुविधा का फायदा नहीं उठा पाएंगे। इसके अलावा बीए (ऑनर्स) म्यूजिक और बीएससी (पीई, एचई एंड स्पोर्ट्स) जैसे परफॉर्मेंस-बेस्ड कोर्सेज और बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स (बीएफए) जैसे प्रैक्टिकल-बेस्ड प्रोग्राम में भी मिड-एंट्री से दाखिला संभव नहीं होगा।

28 जुलाई से शुरू हो चुका है सत्र

गौरतलब है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी में अंडरग्रेजुएट सत्र 2026-27 पहले ही 28 जुलाई से शुरू हो चुका है, जब सभी संबद्ध कॉलेजों में नए छात्रों के लिए ओरिएंटेशन सेशन आयोजित किए गए। ऐसे में जिन छात्रों को अभी तक सीट नहीं मिली, उनके लिए यह मिड-एंट्री विंडो किसी सुनहरे मौके से कम नहीं है। यूनिवर्सिटी ने साफ किया है कि किसी भी तरह की जानकारी के लिए छात्र दाखिले के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर पूरी प्रक्रिया और शर्तें देख सकते हैं।

Himanshu Tiwari

लेखक के बारे में

Himanshu Tiwari

शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।

परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।

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हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।

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