DSP Anju Yadav: 21 की उम्र में शादी, 24 में बनीं मां; पति की मौत के बाद ऐसे बनीं DSP
राजस्थान में डीएसपी के पद पर तैनात अंजू यादव की कहानी इसी विश्वास की मिसाल है। एक समय ऐसा था कि तैयारी शुरू करने से पहले अंजू यादव को आरएएस का फुल फॉर्म भी पता नहीं था। हालात इतने खराब थे कि आंखों के आंसू सूख चुके थे। लेकिन ऐसे कठिन हालात में हार नहीं मानी और पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की।

कहते हैं कि सपनों की कोई उम्र नहीं होती और न ही परिस्थितियां उन्हें रोक सकती हैं। अगर हौसला मजबूत हो, तो घर की चारदीवारी से निकलकर भी ऊंची उड़ान भरी जा सकती है। राजस्थान में डीएसपी के पद पर तैनात अंजू यादव की कहानी इसी विश्वास की मिसाल है। एक समय ऐसा था कि तैयारी शुरू करने से पहले अंजू यादव को आरएएस का फुल फॉर्म भी पता नहीं था। हालात इतने खराब थे कि आंखों के आंसू सूख चुके थे। लेकिन ऐसे कठिन हालात में हार नहीं मानी और पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की। डीएसपी बनने तक उनका सफर आसान नहीं था।
अंजू यादव की जर्नी
हरियाणा के एक साधारण किसान परिवार से आने वाली अंजू यादव ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर सफलता की नई मिसाल कायम की है। आज वह राजस्थान में डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) के पद पर कार्यरत हैं। सितंबर 2025 में आयोजित पासिंग आउट परेड के बाद उन्होंने आधिकारिक रूप से राजस्थान पुलिस सेवा (RPS) में पुलिस उपाधीक्षक के रूप में जिम्मेदारी संभाली। अंजू ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा 2021 में विधवा श्रेणी के तहत शानदार प्रदर्शन करते हुए 1725वीं रैंक हासिल की थी। इस परीक्षा का परिणाम वर्ष 2023 में घोषित किया गया था।
कौन है अंजू यादव
अंजू यादव का जन्म 1988 में हरियाणा के धौलेड़ा नाम के एक गांव में हुआ था। उनके पिता लालाराम यादव एक किसान हैं और मां सुशीला देवी गृहणी हैं। अंजू की पढ़ाई किसी बड़े पब्लिक स्कूल से नहीं, बल्कि गांव के सरकारी स्कूल में हुई है। 12वीं तक सरकारी स्कूल से पढ़ाई की। इसके बाद डिस्टेंस से सरकारी कॉलेज से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की।
21 के उम्र में शादी
बीए करने के बाद साल 2009 में 21 साल की उम्र में उनकी शादी राजस्थान के गंडाला गांव (पहले अलवर जिला) में हुई। 24 साल की उम्र में उन्होंने एक बेटे मुकुलदीप को जन्म दिया। मां बनने के बाद अंजू अपनी लाइफ में कुछ बनना चाहती थीं। लेकिन ससुराल से सपोर्ट नहीं मिला। तब उन्होंने अपने मायके आने का फैसला किया। बेटे की परवरिश मायके में हुई।
सरकारी स्कूल में बनीं टीचर
मायके आने के बाद पिता के सपोर्ट और खुद की मेहनत से अंजू यादव ने तीन सरकारी नौकरी हासिल की। सबसे पहले साल 2016 में वे मध्य प्रदेश के भिंड में जवाहर नवोदय विद्यालय में टीचर बनीं, जहां दो साल पढ़ाया। फिर राजस्थान और दिल्ली में सरकारी स्कूल टीचर की नौकरी हासिल की। दिल्ली उन्होंने पांच साल पढ़ाया।
पति की मौत के बाद भरा ras का फॉर्म
साल 2021 में अंजू के पति नित्यानंद का बीमारी के चलते निधन हो गया। उस वक्त उन्होंने खुद को संभाला। उसी साल राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा (RAS) 2021 का फॉर्म निकला। पति के जाने के गम कम नहीं था, फिर भी उन्होंने हिम्मत जुटाते हुए RAS का फॉर्म भर दिया। प्राशनिक सेवा परीक्षा की तैयारी और सफलता हासिल की।


