Hindi Newsकरियर न्यूज़DPharma : Jharkhand 34 pharmacy colleges recognition offering D Pharma Diploma in Pharmacy course revoked dpharm
DPharma Course : डीफार्मा कोर्स करा रहे 34 फार्मेसी कॉलेजों की मान्यता होगी रद्द

DPharma Course : डीफार्मा कोर्स करा रहे 34 फार्मेसी कॉलेजों की मान्यता होगी रद्द

संक्षेप:

DPharma : नियमों की धज्जियां उड़ाकर डिप्लोमा इन फार्मेसी पाठ्यक्रम का संचालन कर रहे झारखंड के 34 फार्मेसी कॉलेजों की मान्यता रद्द होगी। सरकार ने लेटर ऑफ कंसेंट निरस्त करने की तैयारी कर ली है।

Jan 08, 2026 07:28 am ISTPankaj Vijay लाइव हिन्दुस्तान, रंजन, रांची
share Share
Follow Us on

विभागीय प्रावधानों का खुलेआम उल्लंघन कर डिप्लोमा इन फार्मेसी पाठ्यक्रम का संचालन कर रहे झारखंड के 34 फार्मेसी कॉलेजों की मान्यता रद्द होगी। इन संस्थानों के द्वारा सरकार से न तो एनओसी लिया गया था और न ही एनओसी के लिए आवेदन किया गया था। इतना नहीं, इन संस्थानों के पास न तो अपनी जमीन और न अपना भवन ही है। साथ ही टीचिंग और नन टीचिंग स्टाफ भी नहीं हैं। ऐसे 34 फार्मेसी संस्थानों को सरकार की ओर से दिया गया लेटर ऑफ कंसेंट निरस्त होगा।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

डिप्लोमा इन फार्मेसी कोर्स संचालित कर रहे 36 संस्थान ऐसे भी मिले हैं, जहां टीचिंग और नन टीचिंग स्टाफ की आंशिक कमी है, लेकिन इनका अपना भवन व अपनी जमीन है। ये संस्थान संचालन के लिए प्रयासरत तो हैं, लेकिन इन संस्थानों ने भी डिप्लोमा इन फार्मेसी के लिए न तो एनओसी लिया है और न ही इसके लिए आवेदन ही किया है। इन सभी 36 फार्मेसी संस्थानों से स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्टीकरण पूछा है। स्पष्टीकरण मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह भी सवाल उठा है कि फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) द्वारा तय प्रावधान के अनुसार फार्मेसी संस्थानों में शिक्षकों, भवन और अन्य संसाधनों की जांच परीक्षा समिति द्वारा क्यों नहीं की गई। इस मामले में डिप्लोमा इन फार्मेसी एग्जामिनेशन कमेटी के अध्यक्ष/सदस्य सचिव से भी स्पष्टीकरण पूछा जाएगा।

विभागीय कमेटी की जांच में हुआ खुलासा

अनियमितताओं की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने फार्मेसी संस्थानों की जांच के लिए बीते साल अगस्त में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। विभागीय उप सचिव रंजीत लोहरा की अध्यक्षता में गठित कमेटी में अवर सचिव धीरंजन प्रसाद शर्मा व प्रशांत पांडेय शामिल थे। जांच समिति ने राज्य के कुल 71 फार्मेसी संस्थानों की जांच की तो व्यापक अनियमितता सामने आई। समिति ने जांच प्रतिवेदन विभाग को सौंप दिया है। रिपोर्ट के अनुसार कई संस्थान न तो सरकारी प्रावधानों का पालन कर रहे हैं और न ही पीसीआई के मानकों पर खरे उतरते हैं।

नामांकन पर रोक की अनुशंसा होगी

व्यापक अनियमितता मिलने के बाद जिन 34 संस्थानों को पूर्व में जारी लेटर ऑफ कंसेंट को निरस्त करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। पीसीआई, नई दिल्ली को पत्र भेजकर इन संस्थानों में वर्ष 2025-26 के लिए नए नामांकन पर रोक लगाने की भी अनुशंसा की जाएगी। चूंकि यह 'लेटर ऑफ कंसेंट' डिप्लोमा इन फार्मेसी एग्जामिनेशन कमेटी द्वारा जारी किया गया था, इसलिए निरस्तीकरण की कार्रवाई भी उसी समिति के माध्यम से की जाएगी। इसके साथ ही जांच रिपोर्ट में 36 ऐसे संस्थानों को चिह्नित किया गया है, जहां टीचिंग, नन-टीचिंग स्टाफ व इंफ्रास्ट्रक्चर की आंशिक कमी पाई गई है।

हालांकि इन संस्थानों ने भी विभागीय संकल्प के तहत अनिवार्य एनओसी प्राप्त नहीं किया है। इन संस्थानों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उनके लेटर ऑफ कंसेंट की समीक्षा की जाएगी।

छात्रों के पंजीकरण व परीक्षा पर असर

विभाग ने सख्ती बरतते हुए कहा है कि जिन संस्थानों ने अब तक एनओसी प्राप्त नहीं किया है, उनके छात्रों के आगामी परीक्षाओं के लिए पंजीकरण पर रोक लगाई जा सकती है। साथ ही, पूर्व में केवल लेटर ऑफ कंसेंट के आधार पर परीक्षा लेने की अंतरिम व्यवस्था को वर्ष 2025-26 से समाप्त करने का भी प्रस्ताव है। जांच रिपोर्ट की समीक्षा के बाद अपर मुख्य सचिव ने साफ कर दिया है कि बिना वैध एनओसी और पीसीआई मानकों के कोई भी फार्मेसी कॉलेज संचालित नहीं किए जाएंगे। केवल उन्हीं संस्थानों के छात्रों की परीक्षा ली जाएगी, जो सभी सरकारी और वैधानिक शर्तों को पूरा करेंगे।

रांची-खूंटी के10 फार्मेसी कॉलेजों का कंसेंट होगा रद्द

विभागीय प्रावधानों का उल्लंघन कर डिप्लोमा इन फार्मेसी का संचालन कर रहे राज्य के 34 फार्मेसी कॉलेजों का सरकार लेटर ऑफ कंसेंट निरस्त करेगी। वहीं जिन संस्थानों ने डिप्लोमा इन फार्मेसी के लिए न तो एनओसी लिया है और न ही इसके लिए आवेदन ही किया है। सभी 36 फार्मेसी संस्थानों से स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्टीकरण पूछा है।

ये भी पढ़ें:डी फार्मा छात्रों के रजिस्ट्रेशन में एग्जिट एग्जाम की बाध्यता खत्म

रांची-खूंटी में इनका लेटर ऑफ कंसेंट निरस्त होगा

1. विद्यापति कॉलेज ऑफ हेल्थ एंड प्रोफेशनल एजुकेशन, ओरमांझी 2. अर्नव इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, अंगारा 3. सिटी फार्मेसी कॉलेज, पिस्का मोड़ 4. एसीएमएस इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, इरबा 5. जसलोक कॉलेज ऑफ फार्मेसी, सिमलिया 6. बाजरा कॉलेज ऑफ फार्मेसी, हेहल 7. आरोहण कॉलेज ऑफ फार्मेसी, गेतलातू 8. अर्श नारायणी कॉलेज ऑफ फार्मेसी, हवाई नगर 9. इंस्टीट्यूट ऑफ आसनबनी और 10. निर्मला देवी कॉलेज ऑफ फार्मेसी, खूंटी।

रांची-खूंटी के इन संस्थानों से स्पष्टीकरण: 1. फ्लोरेंस कॉलेज ऑफ फार्मेसी, इरबा, ओरमांझी 2. धन्वंतरी कॉलेज ऑफ फार्मेसी, चकला, ओरमांझी 3. स्वर्णरेखा कॉलेज ऑफ फार्मेसी, एसडीए मिशन हॉस्पिटल, बरगाई 4. शाइन अब्दुर रज्जाक अंसारी इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एजुकेशन एंड रिसर्च सेंटर, इरबा 5. डॉ. बी.आर. आंबेडकर कॉलेज ऑफ फार्मेसी, पिस्का नगर6. एसपी सिंह कॉलेज ऑफ फार्मेसी, बरियातू, डॉक्टर्स कॉलोनी 7. रांची कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर, पंचायत, ओरमांझी 8. इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड टेक्नोलॉजी, रुडिया, नेवरी 9. जैनेंद्र फार्मेसी कॉलेज, बिजुलिया, रातू 10. रिधिमा कॉलेज ऑफ फार्मेसी, तुंगरी टोली, अरगोड़ा, हेहल 11. काशीबाई गणपत कॉलेज ऑफ फार्मेसी, ठाकुरगांव, बुड़मू 12. झारखंड फार्मेसी कॉलेज, माता वैष्णवी नगर, फेज-01, पुंदाग 13. पटेल कॉलेज ऑफ फार्मेसी, अरगोड़ा, कथल मोड़ रोड, पुंदाग 14. मनरखन महतो फार्मेसी कॉलेज, केदल, बीआईटी मोड़15. सनराइज कॉलेज ऑफ फार्मेसी, हुतुप, इरबा 16. भारती कॉलेज ऑफ फार्मेसी, कांदरी, मांडर 17. रांची कॉलेज ऑफ फार्मेसी, कुटे टोली, तेतरी, नामकुम 18. इंडेन कॉलेज ऑफ फार्मेसी, गुटवा टोली, रातू 19. अरण्यक कॉलेज ऑफ फार्मेसी, ओरमांझी 20. विकास इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, नेवरी 21. आरम इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, इरबा 22. ट्राइबल अमृत कॉलेज ऑफ फार्मेसी, कोकर, महावीर नगर 23. तुपुदाना इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, कांची, बुंडू और सहयोग कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज, खूंटी-तैमारा रोड, डाटिया।

Pankaj Vijay

लेखक के बारे में

Pankaj Vijay

पंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार

शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।


15 से अधिक सालों का अनुभव

पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।


विजन

तमाम तरह के करियर, स्कूल एजुकेशन, हायर एजुकेशन, भर्तियों, प्रतियोगी परीक्षाओं, एंट्रेंस एग्जाम, नौकरी के लिए जरूरी स्किल्स एवं बेरोजगार युवाओं के मुद्दों को लेकर पंकज के पास गहरी समझ है। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के कई टॉपरों के इंटरव्यू किए हैं। उनकी लिखी सक्सेस स्टोरीज युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को प्रेरित करती रही हैं। पंकज का मानना है कि विश्वसनीयता, पारदर्शिता और तथ्यपरकता ही पत्रकारिता की असली ताकत है। उनका लक्ष्य स्कूली छात्रों व बेहतर करियर एवं सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को आसान भाषा में सटीक, तेज और भरोसेमंद जानकारी देना है।


विशेषज्ञता

तमाम तरह की सरकारी भर्तियां, परीक्षाएं व उनके परिणाम
स्कूल एजुकेशन, हायर एजुकेशन, कोर्स, एडमिशन से जुड़े विषय
बोर्ड रिजल्ट लाइव कवरेज और शिक्षा एवं रोजगार जगत संबंधी ब्रेकिंग
स्कूलिंग के बाद करियर की राहें
यूपीएससी, जेईई मेन व नीट जैसी बड़ी परीक्षाओं के टॉपरों के इंटरव्यू
छात्रों के ज्ञान के लिए रिसर्च बेस्ड और एक्सप्लेनर स्टोरी

और पढ़ें
लेटेस्ट एजुकेशन न्यूज़ अपडेट हिंदी में हिंदुस्तान पर, Hindi News, क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।