
DPharma : बड़ी राहत, डीफार्मा छात्रों के रजिस्ट्रेशन में एग्जिट एग्जाम की बाध्यता खत्म, रिन्युअल भी हो सकेगा
DPharma : डी फार्मा छात्रों के रजिस्ट्रेशन में एग्जिट एग्जाम की बाध्यता खत्म हो गई है। राज्य में 2022-24 और 2023-25 के लगभग 7000 से अधिक छात्रों को फायदा होगा। जिनके निबंधन पर दिसंबर तक की पाबंदी थी, उनका अब रिन्युअल भी हो सकेगा।
DPharma Course : फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने 2022-2023 बैच एवं उसके बाद के सत्रों में डिप्लोमा इन फार्मेसी में प्रवेश लेकर पास हुए छात्रों के काउंसिल में निबंधन के लिए फिलहाल एग्जिट एग्जाम पास होने की बाध्यता हटा दी है। फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के निबंधक सह सचिव अनिल मित्तल ने इस बाबत सभी राज्यों के काउंसिल, ट्रिब्यूनल एवं संस्थानों को पत्र भेजा है। पीसीआई के रजिस्ट्रार ने सभी स्टेट फार्मेसी काउंसिल से अनुरोध किया है कि वे 2022-2023 बैच के पास हुए स्टूडेंट्स को फार्मेसी एक्ट, 1948 की धारा 32(2) के तहत तय शर्तों के अनुसार एग्जिट एग्जाम होने तक रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी करें। इसके बाद 2022-23 सत्र व उसके बाद के छात्रों का निबंधन के साथ-साथ पूर्व निबंधन का नवीकरण भी हो सकेगा।
पीसीआई के इस फैसले से राज्य में 2022-24 और 2023-25 के लगभग 7000 से अधिक छात्रों को फायदा होगा। डीप्लोमा इन फार्मेसी की परीक्षा पास कर चुके छात्र एग्जिट एग्जाम पास किए बगैर ही झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल में अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। साथ ही जिनके निबंधन पर दिसंबर तक की पाबंदी थी, उनका अब रिन्युअल भी हो सकेगा।
2022-23 सत्र से एग्जिट एग्जाम किया था जरूरी
फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने 2022-23 सत्र से डिप्लोमा इन फार्मेसी छात्रों के लिए एग्जिट एग्जाम अनिवार्य कर दिया था। काउिसंल ने सभी स्टेट काउंसिल को स्पष्ट निर्देश दिया था कि वे 2022-23 शैक्षणिक सत्र में डी फार्मा पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले छात्रों को तब तक फार्मासिस्ट के रूप में रजिस्ट्रेशन न करने दें, जब तक कि वह एग्जिट एग्जाम पास न कर लें।
फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने मार्च 2022 में एग्जिट एग्जाम के संबंध में अपना पहला सर्कुलर जारी किया था और 6 फरवरी 2023 को जारी सर्कुलर में यह घोषणा की थी कि उसने डिप्लोमा इन फार्मेसी एग्जिट परीक्षा विनियम, 2022 के तहत परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है। बता दें कि एग्जिट एग्जाम लेने की जिम्मेवारी फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया की ही थी। यह परीक्षा नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (एनबीईएमएस) के माध्यम से आयोजित की जानी थी। लेकिन फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के द्वारा अब तक एक बार भी यह परीक्षा आयोजित नहीं की जा सकी। जिसके बाद बीते साल पीसीआई ने 2022-23 में नामांकित एवं पास कर चुके छात्रों के लिए एक साल के लिए स्टेट काउंसिल में निबंधन की अनुमति दी थी। लेकिन, फिलहाल एग्जिट एग्जाम का आयोजन न हो पाने के कारण अब पीसीआई ने परीक्षा के आयोजन होने तक छात्रों का निबंधन स्टेट काउंसिल में करने की अनुमति प्रदान कर दी है।





