DU UG Admission 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए 16 जुलाई को आएगी पहली लिस्ट, जानिए दाखिले का पूरा गणित
दिल्ली यूनिवर्सिटी में अंडरग्रेजुएट एडमिशन 2026 के लिए 1.9 लाख से ज्यादा छात्रों ने अप्लाई किया है, जिसकी पहली लिस्ट 16 जुलाई को आएगी, जानिए करेक्शन विंडो और एडमिशन का पूरा प्रोसेस।

दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में दाखिले की रेस अब अपने सबसे अहम और धड़कनें तेज कर देने वाले पड़ाव पर पहुंच गई है। देश के सबसे नामी शिक्षण संस्थानों में शुमार डीयू में अपनी जगह पक्की करने के लिए इस साल भी देशभर के छात्रों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। ताज़ा जानकारी के मुताबिक, 2026-27 के नए अकैडमिक सेशन के लिए अंडरग्रेजुएट (UG) कोर्सेज में एडमिशन को लेकर 1.9 लाख से ज्यादा छात्रों ने अपनी किस्मत आजमाई है। यह महज़ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि देश के कोने-कोने से आए लाखों युवाओं के सुनहरे भविष्य की उम्मीद है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि 1.64 लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स ने अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स चुनने वाला प्रोसेस यानी 'प्रेफरेंस-फिलिंग' का चरण भी पूरा कर लिया है। अगर आप या आपके परिवार में कोई डीयू में दाखिले का ख्वाब देख रहा है, तो यह खबर आपके लिए बहुत मायने रखती है।
एडमिशन प्रोसेस का दूसरा अहम फेज
यूनिवर्सिटी प्रशासन के मुताबिक, कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) के जरिए अब तक 1,90,645 छात्रों ने अंडरग्रेजुएट दाखिले के लिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाया है। इनमें से 1,64,098 छात्रों ने फेज-2 की प्रक्रिया कामयाबी के साथ पूरी कर ली है। दाखिले के इस दूसरे फेज में छात्रों को अपने मनपसंद प्रोग्राम और कॉलेज की लिस्ट भरनी होती है। यही वो चरण है जो यह तय करता है कि छात्र को कौन सा कॉलेज मिलेगा। ध्यान रहे, यह जरूरी प्रक्रिया शनिवार, 11 जुलाई की रात 11:59 बजे तक ही खुली रहेगी। जिन छात्रों ने अभी तक यह काम पूरा नहीं किया है, उन्हें बिना किसी देरी के इसे निपटा लेना चाहिए, वरना बाद में पछताने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा। इसी हफ्ते हुए एक खास वेबिनार में भी अधिकारियों ने बार-बार गुजारिश की थी कि छात्र अपनी पसंद बड़ी सूझ-बूझ के साथ भरें।
गलतियां सुधारने के लिए मिली करेक्शन विंडो
इंसान से ही गलती होती है, और इसी बात को गहराई से समझते हुए दिल्ली यूनिवर्सिटी ने जल्दबाजी में फॉर्म भरने वाले छात्रों को एक बड़ी सहूलियत दी है। शुक्रवार सुबह 10 बजे से CSAS पोर्टल पर एक 'वन-टाइम करेक्शन विंडो' यानी गलतियां सुधारने का विकल्प खोल दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, कई छात्रों ने ईमेल और हेल्पलाइन पर शिकायत की थी कि फॉर्म भरते वक्त अनजाने में उनसे कुछ जरूरी डिटेल्स में चूक हो गई है। छात्रों की इसी परेशानी को दूर करने के लिए यूनिवर्सिटी ने यह बड़ा फैसला लिया। यह करेक्शन विंडो भी शनिवार रात 11:59 बजे तक ही काम करेगी। इसके बाद किसी भी सूरत में कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। बता दें कि यूजी एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन 26 जून को शुरू हुआ था और यह भी शनिवार रात को ही बंद होने जा रहा है।
क्या है सीटों और कोर्सेज का पूरा गणित?
इस साल दिल्ली यूनिवर्सिटी अपने 69 बेहतरीन कॉलेजों और विभागों में फैले 73 अलग-अलग अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम्स के लिए छात्रों को दाखिला दे रही है। पूरे यूनिवर्सिटी कैंपस में कुल मिलाकर 71,624 सीटों पर कड़ा मुकाबला है। आर्ट्स के छात्रों के लिए खास तौर पर बीए प्रोग्राम के करीब 150 कॉम्बिनेशन मौजूद हैं, जो उन्हें मनचाहे विषय पढ़ने की आजादी देते हैं। यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट पर सीटों का पूरा ब्योरा पहले ही अपलोड किया जा चुका है। छात्रों को सख्त हिदायत दी गई है कि वो डेडलाइन खत्म होने से पहले अपनी प्रेफरेंस को अच्छी तरह जांच लें। एक बार वक्त निकल गया, तो आपकी चुनी हुई लिस्ट अपने आप पोर्टल पर 'लॉक' हो जाएगी। स्पोर्ट्स और एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज (ECA) जैसी खास कैटेगरी के दाखिले भी इसी लिस्ट की बदौलत तय होंगे।
16 जुलाई को आएगी पहली लिस्ट
सबकी नजरें अब 16 जुलाई पर टिकी हैं। इसी दिन सीटों के बंटवारे की पहली लिस्ट दुनिया के सामने आएगी। जब किसी छात्र को सीट मिल जाएगी, तो उसे दाखिले की फीस भरकर उस सीट को पक्का यानी फ्रीज करना होगा। अगर कोई अपनी सीट से पूरी तरह खुश नहीं है, तो वह अगली लिस्ट में बेहतर विकल्प के लिए 'अपग्रेड' का ऑप्शन चुन सकता है। अपग्रेड चाहने वाले छात्र अगले राउंड से पहले अपनी पसंद की लिस्ट में फिर से ऊपर-नीचे बदलाव कर सकेंगे।
फीस भरने के मामले में एक बड़ी राहत देते हुए यूनिवर्सिटी ने इस बार 'वर्चुअल वॉलेट' का शानदार तरीका ईजाद किया है। अगर आपने पहले राउंड में फीस भर दी है और बाद में आपका कॉलेज या कोर्स अपग्रेड होता है, तो आपकी दी हुई फीस नई जगह अपने आप एडजस्ट हो जाएगी। यानी बार-बार पैसे रिफंड कराने और जमा करने की झंझट हमेशा के लिए खत्म। यूनिवर्सिटी का पूरा इरादा है कि 28 जुलाई से नई क्लासेज शुरू होने से पहले दाखिले के कम से कम दो राउंड आसानी से पूरे कर लिए जाएं।
पोस्टग्रेजुएट, बीटेक और लॉ का क्या हाल है?
सिर्फ अंडरग्रेजुएट ही नहीं, पोस्टग्रेजुएट (PG) प्रोग्राम्स में भी एडमिशन का सिलसिला जोरों पर है। दो साल वाले पीजी कोर्सेज (जिनमें MFA, B.P.Ed, M.P.Ed और म्यूजिक जैसे परफॉर्मेंस-बेस्ड कोर्स शामिल हैं), उनकी तीसरी एलोकेशन लिस्ट 10 जुलाई को जारी हो चुकी है। इसमें 1,765 नए दाखिले दिए गए हैं, और 5,848 छात्र पहले ही अपनी सीटें पक्की कर चुके हैं। इन्हें भी शनिवार रात 11:59 बजे तक का वक्त दिया गया है।
यूनिवर्सिटी ने यह भी बताया कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत शुरू किए गए नए एक साल के पीजी प्रोग्राम में 8,823 रजिस्ट्रेशन हुए हैं। उधर, बीटेक की दूसरी लिस्ट भी पोर्टल पर लाइव है। वहीं, पांच साल के इंटीग्रेटेड लॉ प्रोग्राम्स के लिए 18 खाली सीटों पर मेरिट के आधार पर पहले स्पॉट एडमिशन राउंड का भी ऐलान कर दिया गया है।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
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- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


