11 सितंबर की छुट्टी से बना 3 दिन का लंबा वीकेंड? दिल्ली में स्कूल-दफ्तर रहेंगे बंद

लाइव हिन्दुस्तान
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दिल्ली में BRICS समिट के चलते 11 सितंबर को स्कूल-दफ्तर बंद रहेंगे। इसके साथ तीन दिन स्कूल-दफ्तरों में लगातार तीन दिन की छुट्टी का अवसर हासिल हो सकता है।

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ब्रिक्स पर छुट्टी की वजह से रहेगी 3 दिन की छुट्टी

राजधानी दिल्ली में इन दिनों गहमागहमी अपने चरम पर है। सड़कों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम है। हर तरफ बैरिकेडिंग और पुलिस की चौकसी यह सब हो रहा है। 18वें ब्रिक्स (BRICS) समिट की तैयारियों के चलते। इस बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन को देखते हुए दिल्ली सरकार ने शुक्रवार 11 सितंबर को स्कूलों और सरकारी दफ्तरों में छुट्टी का ऐलान कर दिया है। खास बात यह है कि 11 सितंबर के बाद वीकेंड पड़ने की वजह से छात्रों और कर्मचारियों को लगातार तीन दिन की राहत मिलने जा रही है।

दरअसल, शिक्षा निदेशालय ने अपने अधीन आने वाले सभी स्कूलों और दफ्तरों के लिए एक सर्कुलर जारी करते हुए बताया कि सरकारी स्कूल, सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल और मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूल सब इस दिन बंद रहेंगे। इसी तरह केंद्र सरकार के दिल्ली और नई दिल्ली स्थित तमाम कार्यालयों को भी शुक्रवार को बंद रखने का फैसला लिया गया है। दिल्ली की उपराज्यपाल ने भी BRICS समिट की तैयारियों के मद्देनज़र 11 सितंबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से जारी नोटिस में साफ कहा गया है कि इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन के बड़े पैमाने और इससे जुड़े व्यापक इंतज़ामों को देखते हुए यह फैसला लिया गया, ताकि आम जनता को ट्रैफिक और अन्य दिक्कतों से जूझना न पड़े।

कहां होगा BRICS समिट?

ब्रिक्स समिट का आयोजन 12 और 13 सितंबर को प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में होने जा रहा है। इस दो दिवसीय सम्मेलन में ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका के साथ-साथ मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों के शीर्ष नेता और प्रतिनिधिमंडल शिरकत करेंगे। भारत इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है, इसलिए पूरे आयोजन की कमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में है।

चूंकि ज़्यादातर विदेशी मेहमानों का दिल्ली पहुंचना 11 सितंबर को ही तय है, इसलिए उनके आवागमन को सुगम बनाने और सुरक्षा-यातायात संबंधी व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से संभालने के मकसद से इस दिन छुट्टी रखी गई है। शहर के कई नामी-गिरामी होटलों जैसे धौलाकुआं के पास स्थित ITC मौर्या और ताज पैलेस में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। इसके अलावा हैदराबाद हाउस, विज्ञान भवन, अंबेडकर भवन और सुषमा स्वराज भवन के आसपास भी सजावट और सड़क सुधार का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। दिल्ली पुलिस ने बताया है कि करीब 35 प्रमुख सड़कों पर यातायात डायवर्जन लागू किया जाएगा और शहर भर में 22 जगहों पर डायवर्जन प्वाइंट बनाए गए हैं। सरदार पटेल मार्ग, शांति पथ, जनपथ और अकबर रोड जैसे VIP मूवमेंट वाले इलाकों में आम गाड़ियों की आवाजाही पर खास पाबंदियां रहेंगी।

घर से निकलने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

अगर अगले कुछ दिनों में आपको दिल्ली में कहीं आना-जाना है, तो नीचे दी गई बातों का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। निकलने से पहले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल ज़रूर चेक कर लें, ताकि सड़क बंद होने, डायवर्जन या किसी और पाबंदी की ताज़ा जानकारी मिल सके। VIP मूवमेंट के दौरान कुछ सड़कें पूरी तरह बंद भी की जा सकती हैं, ऐसे समय पर उन रास्तों से गुज़रने से बचें। जिन होटलों में विदेशी मेहमान ठहरे हैं, उनके आसपास सुरक्षा बेहद चाक-चौबंद रहेगी, इसलिए वहां से आना-जाना टालना ही बेहतर रहेगा। अगर VIP मूवमेंट के दौरान पुलिसकर्मी आपको रोकते हैं, तो बहस करने के बजाय सहयोग करें सुरक्षा व्यवस्था में खलल डालने पर कार्रवाई भी हो सकती है।

एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन आने-जाने वालों को भी सलाह दी गई है कि वे सामान्य से 3-4 घंटे अतिरिक्त समय लेकर निकलें और जहां तक हो सके मेट्रो जैसे सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें, ताकि सड़क जाम की झंझट से बचा जा सके। गौरतलब है कि 2023 में भी जब दिल्ली में G20 समिट हुआ था, तब भी भारत मंडपम को ही मुख्य आयोजन स्थल बनाया गया था और उस दौरान भी स्कूल-दफ्तर कई दिनों तक बंद रखे गए थे। अब एक बार फिर उसी अंदाज़ में राजधानी दुनिया के बड़े नेताओं की मेज़बानी के लिए तैयार खड़ी है।

Himanshu Tiwari

लेखक के बारे में

Himanshu Tiwari

शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।

परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।

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हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।

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काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।

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- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
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