
Delhi Nursery Admission 2026: दिल्ली नर्सरी एडमिशन की रेस शुरू, आवेदन से पहले इन 5 दस्तावेजों को कर लें अपडेट
Delhi Nursery Admission 2026: दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नर्सरी, केजी और कक्षा 1 में दाखिले की प्रक्रिया अब अपने महत्वपूर्ण पड़ाव पर है। दाखिले की दौड़ में शामिल होने के लिए सही डॉक्यूमेंट का होना सबसे अनिवार्य शर्त है।
Delhi Nursery Admission 2026: दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नर्सरी, केजी और कक्षा 1 में दाखिले की प्रक्रिया अब अपने महत्वपूर्ण पड़ाव पर है। अपने बच्चों का दाखिला देश के प्रतिष्ठित स्कूलों में कराने का सपना देख रहे अभिभावकों के लिए यह समय बहुत सावधानी बरतने का है। शिक्षा निदेशालय (DoE) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, दाखिले की दौड़ में शामिल होने के लिए सही डॉक्यूमेंट का होना सबसे अनिवार्य शर्त है।
दाखिले के लिए सबसे जरूरी डॉक्यूमेंट
आवेदन फॉर्म भरते समय किसी भी तरह की गलती या डॉक्यूमेंट की कमी बच्चे का अवसर छीन सकती है। अभिभावकों को नीचे दिए गए कागजात पहले से तैयार रखने चाहिए:
1. बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र: यह सबसे बुनियादी और अनिवार्य डॉक्यूमेंट है। इसमें बच्चे का नाम और जन्म तिथि स्पष्ट होनी चाहिए।
2. निवास प्रमाण पत्र : दिल्ली के स्कूलों में 'नेबरहुड क्राइटेरिया' (दूरी के आधार पर अंक) बहुत मायने रखता है। इसके लिए राशन कार्ड (माता-पिता के नाम पर), मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी), बिजली या पानी का बिल, एमटीएनएल फोन बिल या माता-पिता में से किसी एक का आधार कार्ड मान्य होगा।
3. पासपोर्ट साइज फोटो: बच्चे के साथ-साथ माता-पिता या अभिभावक की हालिया पासपोर्ट साइज तस्वीरें भी आवेदन पत्र पर लगानी होंगी।
4. टीकाकरण कार्ड: कई स्कूल बच्चे का मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट या टीकाकरण का रिकॉर्ड भी मांगते हैं ताकि आपात स्थिति में जानकारी रहे।
5. आधार कार्ड: हालांकि यह हर जगह अनिवार्य नहीं है, लेकिन पहचान के पुख्ता प्रमाण के तौर पर बच्चे और माता-पिता दोनों का आधार कार्ड साथ रखना सुरक्षित रहता है।
अतिरिक्त अंक के लिए जरूरी कागजात
दिल्ली के स्कूल दाखिले के लिए एक पॉइंट सिस्टम अपनाते हैं। अतिरिक्त अंक पाने के लिए कुछ विशेष डॉक्यूमेंट की जरूरत पड़ सकती है:
सिबलिंग कोटा: यदि बच्चे का बड़ा भाई या बहन उसी स्कूल में पढ़ रहा है, तो उनकी फीस रसीद या आईडी कार्ड की कॉपी लगानी होगी।
एलुमनाई कोटा : यदि माता-पिता उसी स्कूल के छात्र रहे हैं, तो उनकी पासिंग सर्टिफिकेट या मार्कशीट की जरूरत होगी।
फर्स्ट चाइल्ड: यदि यह आपका पहला बच्चा है, तो कुछ स्कूल इसके लिए एफिडेविड मांग सकते हैं।
अभिभावकों के लिए खास टिप्स
शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि कोई भी स्कूल माता-पिता का इंटरव्यू नहीं ले सकता और न ही उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर अंक दे सकता है। अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे जिस भी स्कूल में आवेदन कर रहे हैं, उसकी वेबसाइट पर जाकर 'क्राइटेरिया' और 'सीटों का विवरण' जरूर देख लें।
आवेदन फॉर्म जमा करने के बाद उसकी एकनॉलेजमेंट रिसीट लेना न भूलें। यदि आपको किसी स्कूल की प्रक्रिया में अनियमितता दिखती है, तो आप शिक्षा निदेशालय के शिकायत पोर्टल पर अपनी बात रख सकते हैं।

लेखक के बारे में
Prachiदिल्ली की रहने वाली प्राची लाइव हिन्दुस्तान में ट्रेनी कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले 1.5 वर्षों से वे करियर और शिक्षा क्षेत्र की बारीकियों को कवर कर रही हैं। प्राची ने प्रतिष्ठित भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) से इंग्लिश जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा और दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिस्ट्री ऑनर्स में ग्रेजुएशन किया है। लाइव हिन्दुस्तान से 2024 में जुड़ने से पहले, उन्होंने 'नन्ही खबर', 'सी.वाई. फ्यूचर लिमिटेड' और 'कुटुंब' जैसे संस्थानों में कंटेंट लेखक के रूप में अपनी लेखनी को निखारा है। इतिहास की समझ और पत्रकारिता के जुनून के साथ, प्राची को खाली समय में उपन्यास पढ़ना और विश्व सिनेमा देखना पसंद है।
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