दिल्ली-NCR की हवा जहरीली, GRAP-IV लागू, मंगलवार को स्कूल खुले या बंद? जानिए पूरा अपडेट
दिल्ली-NCR में लगातार तीसरे दिन हवा गंभीर श्रेणी में हैं। इसके मद्देनजर GRAP-IV लागू कर दिया गया है। हालांकि, ऐसे स्थिति में स्कूल पूरी तरह बंद नहीं, लेकिन हाइब्रिड और ऑनलाइन पढ़ाई के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली-NCR एक बार फिर जहरीली हवा की गिरफ्त में है। सोमवार को लगातार तीसरे दिन राजधानी और आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता “गंभीर” श्रेणी में बनी रही। सुबह से ही घना स्मॉग छाया रहा, जिससे दृश्यता घटी और लोगों को सांस लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने GRAP-IV के कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। इसके तहत दफ्तरों को 50 फीसदी क्षमता के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि स्कूल खुले हैं या बंद?
दिल्ली में स्कूलों का क्या फैसला?
दिल्ली में शिक्षा निदेशालय ने एक अहम सर्कुलर जारी किया है। इसके मुताबिक, पांचवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए स्कूलों बंद करने के आदेश दिए हैं। सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में नर्सरी से कक्षा पांचवीं तक के छात्रों के लिए फिजिकल मोड में कक्षाएं अगली सूचना तक बंद रहेंगी। वहीं 5वीं से 9वीं तक और कक्षा 11वीं के छात्रों के लिए पढ़ाई हाइब्रिड मोड में कराई जाएगी। यानी जिन छात्रों और अभिभावकों को सुविधा लगे, वे ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प चुन सकते हैं, जबकि बाकी छात्र स्कूल जाकर कक्षाएं अटेंड कर सकते हैं।
हालांकि, कक्षा 10वीं और 12वीं की कक्षाएं फिलहाल पहले की तरह सामान्य रूप से चलती रहेंगी। शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि ऑनलाइन मोड चुनने का फैसला पूरी तरह छात्रों और उनके अभिभावकों पर छोड़ा गया है। इसके साथ ही, बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सभी आउटडोर गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। खेलकूद, असेंबली, पीटी और किसी भी तरह की शारीरिक गतिविधि फिलहाल स्कूल परिसरों में नहीं होगी।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में क्या बदला?
गौतम बुद्ध नगर जिले में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय ने प्रदूषण को लेकर सख्त आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार, प्री-नर्सरी से कक्षा 5वीं तक की सभी कक्षाएं पूरी तरह ऑनलाइन मोड में संचालित होंगी। वहीं, कक्षा 6वीं से 9वीं और कक्षा 11वीं के छात्रों के लिए पढ़ाई हाइब्रिड मोड में होगी, जहां संभव हो वहां ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध रहेंगे। यह आदेश नोएडा और ग्रेटर नोएडा दोनों क्षेत्रों में लागू रहेगा।
गाजियाबाद में भी वही नियम
गाजियाबाद में भी हालात अलग नहीं हैं। यहां जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय ने वही आदेश जारी किया है, जो गौतम बुद्ध नगर में लागू है। यानी छोटे बच्चों के लिए ऑनलाइन क्लास और बड़े छात्रों के लिए हाइब्रिड पढ़ाई का रास्ता अपनाया गया है।
सेहत पर भारी पड़ता प्रदूषण
डॉक्टरों और विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्तर का प्रदूषण खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों के लिए बेहद खतरनाक है। ऐसे में प्रशासन की कोशिश है कि पढ़ाई जारी रहे, लेकिन बच्चों की सेहत से समझौता न हो।
कुल मिलाकर ल्ली-NCR में स्कूल पूरी तरह बंद नहीं किए गए हैं, लेकिन हालात को देखते हुए ऑनलाइन और हाइब्रिड पढ़ाई को प्राथमिकता दी जा रही है। आने वाले दिनों में अगर प्रदूषण और बढ़ता है, तो नियमों में और सख्ती भी संभव है।





