यूपी में एफिलिएटेड प्राइमरी शिक्षक भर्ती में DElEd TET अनिवार्य, जानें नए योग्यता नियम
उत्तर प्रदेश में एडेड माध्यमिक स्कूलों के संबद्ध प्राइमरी अनुभाग में कक्षा एक से कक्षा पांच तक के शिक्षकों की भर्ती के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य कर दिया गया है।

लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। उत्तर प्रदेश में अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक स्कूलों के संबद्ध प्राइमरी अनुभाग में कक्षा एक से कक्षा पांच तक के शिक्षकों की भर्ती के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य कर दिया गया है। वहीं बीटीसी के साथ डीएलएड डिग्री धारकों को भी शिक्षक पद पर भर्ती के लिए अर्ह घोषित किया गया है। वहीं प्राचार्य पद पर भर्ती को 28 साल बाद फिर प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) शिक्षकों को भी अर्ह माना गया है।
एडेड माध्यमिक स्कूलों के संबद्ध प्राइमरी अनुभाग में शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती नए नियमों के अनुसार ही होगी। अब टीईटी पास करने के बाद ही अभ्यर्थी शिक्षक के पद पर भर्ती के लिए आवेदन फॉर्म भर सकेगा। अभ्यर्थी को भारत व विधि द्वारा स्थापित अथवा सरकार की ओर से मान्यता प्राप्त किसी विश्वविद्यालय व मानित विश्वविद्यालय या संस्था से स्नातक उपाधि धारक, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से मान्यता प्राप्त बीटीसी व डीएलएड की उपाधि होना आवश्यक है।
वहीं संबद्ध प्राइमरी अनुभाग में कक्षा एक से कक्षा पांच तक के शिक्षक पदों पर भर्ती के लिए टीईटी पास होना भी आवश्यक कर दिया गया है। अभी तक टीईटी की अनिवार्यता यहां नहीं थी।
बीपीएड धारकों को भी मौका
इंटरमीडिएट में प्रधानाचार्य के पद पर भर्ती के लिए परास्नातक (पीजी) में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक और बीएड भी जरूरी है। वहीं हाईस्कूल स्तर के एडेड माध्यमिक स्कूलों में प्रधानाध्यापक के पद के लिए भी पीजी में 50 प्रतिशत अंक जरूरी हैं। इसके लिए बीएड के साथ ही साथ बीपीएड पास अभ्यर्थी भी अर्ह माने जाएंगे। वर्तमान में प्रदेश भर में 4512 एडेड माध्यमिक स्कूल हैं। इनमें प्रधानाचार्यों के 1475 और प्रधानाध्यापकों के 1172 पद रिक्त हैं।
प्रवक्ता भर्ती के लिए पीजी में 50 प्रतिशत अनिवार्य
प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता (पीजीटी) भर्ती के लिए वहीं अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे जिनके परास्नातक में 50 प्रतिशत अंक होंगे। शिक्षा निदेशालय में प्रवक्ता भर्ती की नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। उम्मीद है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद की गाइडलाइन के अनुसार संशोधन को जल्द मंजूरी मिल जाएगी। पिछले दिनों शिक्षा निदेशालय पहुंचे अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने अफसरों से एनसीटीई के अनुसार शैक्षिक अर्हता निर्धारित करने के आदेश दिए थे ताकि बेवजह अड़चन न हो। एनसीटीई ने एक दशक पहले ही प्रवक्ता भर्ती के लिए परास्नातक में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक की शर्त लागू कर दी थी। हालांकि यूपी में अब तक यह नियम लागू नहीं हो सका था। टीजीटी के 17740 और पीजीटी के 2615 पदों का अधियाचन चयन आयोग को भेजा गया है।


