NEET री-टेस्ट से पहले IIT कानपुर में टेलीग्राम बैन पर छिड़ी बहस; निदेशक, सार्थक और निसर्ग भिड़े
नीट री-टेस्ट से पहले टेलीग्राम एप पर प्रतिबंध को लेकर आईआईटी में बहस छिड़ गई है। यह बहस एक्स पर तर्क-प्रतितर्क के रूप में दिख रही है। इसमें आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणीन्द्र, सीबीएसई की ऑन स्क्रीन मार्किंग प्रणाली में त्रुटियां खोजकर चर्चा में आए सार्थक सिद्धांत और निसर्ग अधिकारी शामिल हैं।

नीट री-टेस्ट से पहले टेलीग्राम एप पर प्रतिबंध को लेकर आईआईटी में बहस छिड़ गई है। यह बहस एक्स पर तर्क-प्रतितर्क के रूप में दिख रही है। इसमें आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल, सीबीएसई की ऑन स्क्रीन मार्किंग प्रणाली में त्रुटियां खोजकर चर्चा में आए सार्थक सिद्धांत और निसर्ग अधिकारी शामिल हैं। तीन मई को हुए नीट-यूजी के निरस्त होने के बाद यह परीक्षा अब 21 जून को कराई जा रही है। परीक्षा को लेकर सरकार ने 22 जून तक टेलीग्राम एप को बंद कर दिया है।
एनटीए का दाव
एनटीए ने दावा किया है कि टेलीग्राम बैन गलत जानकारी और पेपर लीक के झूठे दावों को फैलने से रोकने का प्रयास है। इसको लेकर एनटीए की ओर से एक्स पर टेलीग्राम ब्लॉक करने की जानकारी को पोस्ट किया गया।
निसर्ग ने क्या कहा
निसर्ग ने पोस्ट पर अपना पक्ष रखते हुए दावा किया कि लोग टेलीग्राम पर लगी किसी भी रोक को आसानी से बाईपास कर सकते हैं। उनका दावा है कि ‘पेपर लीक नहीं रोक पाए, आखिर में टेलीग्राम को ब्लॉक कर दिया। टेलीग्राम को पूरी तरह ब्लॉक करना संभव नहीं है। इस एप को इस तरह डिजाइन किया गया है।’
आईआईटी निदेशक ने क्या कहा
निसर्ग की प्रतिक्रिया पर आईआईटी निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने लिखा ‘चिंता सिर्फ लीक हुए पेपर साझा करने की नहीं थी, बल्कि लीक के झूठे दावों के फैलने की थी। इसका इस्तेमाल लीक की ऐसी झूठी खबरें फैलाने के लिए किया जा सकता है, जो वास्तविक सी लगती है। जेईई एडवांस्ड के दौरान भी किसी ने ऐसा किया था। इससे बेवजह भ्रम होता है।’
इस बहस के दौरान सार्थक सिद्धांत ने भी टेलीग्राम को ब्लॉक करने की वजह पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा ‘सिर्फ इसलिए कि कम्युनिकेशन के एक माध्यम में गलत जानकारी फैलाने की गुंजाइश है, हमने उसे बंद करने का फैसला कर लिया।
यश यादव को एग्जाम में बैठने की अनुमति
वहीं, देश भर में चर्चा का विषय बने इस मामले के मुख्य आरोपियों में से एक, यश यादव को दिल्ली की कोर्ट ने 21 जून को होने वाली नीट की री-एग्जाम (neet 2026 Re-exam) में बैठने की विशेष अनुमति दे दी है। कोर्ट ने उसे पूरी तरह रिहा या जमानत पर छोड़ने से इनकार कर दिया है, जिसका मतलब है कि यश यादव को न्यायिक हिरासत में रहते हुए ही पुलिस सुरक्षा के बीच परीक्षा केंद्र पर ले जाया जाएगा और वह अपना पेपर देगा।
अंतरिम जमानत खारिज, पर मिली ये बड़ी राहत
राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष जज विशाल गोगने ने यह महत्वपूर्ण आदेश यश यादव द्वारा दायर की गई एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुनाया। आरोपी यश यादव ने कोर्ट से अपील की थी कि उसे 21 जून को होने वाले नीट री-टेस्ट में शामिल होने के लिए 15 दिनों की अंतरिम जमानत दी जाए। कोर्ट ने उसकी 15 दिन की जमानत वाली अर्जी को तो पूरी तरह खारिज कर दिया, लेकिन एक छात्र के रूप में उसके भविष्य को देखते हुए याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया।
नीट 2026 री-एग्जाम कई बदलाव किए गए हैं
इस बार होने जा रही नीट री-एग्जाम के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने छात्रों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए कुछ महत्वपूर्ण और बड़े बदलाव किए हैं। परीक्षा का समय दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक तय किया गया है। सबसे खास बात यह है कि इस बार अभ्यर्थियों को पेपर हल करने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जा रहा है, जिससे परीक्षा की कुल अवधि अब 195 मिनट की होगी। इसके अलावा, गणना और डायग्राम बनाने के लिए प्रश्न पुस्तिका में रफ वर्क के पेजों की संख्या को 2 से बढ़ाकर 4 कर दिया गया है। इस री-टेस्ट में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए फ्रेश एडमिट कार्ड आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर लाइव कर दिए गए हैं, जिसे वे अपने एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड के जरिए डाउनलोड कर सकते हैं।


