DDU: डीडीयू गोरखपुर में ही अब होगी लाइब्रेरी साइंस की पढ़ाई,अब घर बैठे बनें लाइब्रेरी एक्सपर्ट
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDU) प्रशासन ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कदम बढ़ाते हुए 'इंस्टीट्यूट ऑफ लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस' की स्थापना का निर्णय लिया है। अब छात्रों को लाइब्रेरी साइंस की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDU) के छात्रों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कदम बढ़ाते हुए 'इंस्टीट्यूट ऑफ लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस' की स्थापना का निर्णय लिया है। यह नया संस्थान न केवल गोरखपुर बल्कि बस्ती और देवीपाटन मंडल के छात्रों के लिए भी करियर के नए द्वार खोलेगा। अब छात्रों को लाइब्रेरी साइंस की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
सत्र 2026-27 से शुरू होगा बैचलर कोर्स
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। योजना के अनुसार एक वर्षीय 'बैचलर ऑफ लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस' (B.Lib.I.Sc) का कोर्स इसी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शुरू हो जाएगा। उच्च शिक्षा की मांग को देखते हुए 'मास्टर ऑफ लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस' (M.Lib.I.Sc) का कोर्स अगले सत्र यानी 2027-28 से शुरू किया जाएगा। यह संस्थान और इसके तहत संचालित होने वाले दोनों कोर्स विश्वविद्यालय के आर्टस फैकल्टी के अंतर्गत काम करेंगे।
केंद्रीय ग्रंथालय में होगी पढ़ाई, मिलेगी प्रैक्टिकल नॉलेज
इस पहल की सबसे खास बात यह है कि ये दोनों कोर्स विश्वविद्यालय के सेंट्रल लाइब्रेरी परिसर में ही संचालित किए जाएंगे।
व्यावहारिक प्रशिक्षण: पुस्तकालय परिसर में क्लास होने से छात्रों को किताबों के रख-रखाव, कैटलॉगिंग और डिजिटल लाइब्रेरी मैनेजमेंट की प्रैक्टिकल नॉलेज सीधे तौर पर मिल सकेगी।
संसाधनों का लाभ: छात्रों को लाइब्रेरी के विशाल संसाधनों और आधुनिक तकनीकों का उपयोग सीखने का मौका मिलेगा।
कैसे आया यह विचार?
विश्वविद्यालय के ग्रंथालयी डॉ. बिभाष कुमार मिश्रा ने छात्रों और स्नातक पास युवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए इस संस्थान की स्थापना का प्रस्ताव कुलपति के सामने रखा था। कुलपति ने इस पाठ्यक्रम की उपयोगिता और रोजगार की संभावनाओं को समझते हुए इसे सेल्फ फाइनेंस्ड स्कीम के तहत शुरू करने की अनुमति दी।
रोजगार के बढ़ेंगे अवसर: कुलपति का संदेश
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने इस निर्णय के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा "हमारा लक्ष्य पुस्तकालय विज्ञान के क्षेत्र में ऐसे प्रशिक्षित पेशेवर तैयार करना है जो यूजीसी के आधुनिक मानकों पर खरे उतरें। यह कोर्स पूरा करने के बाद छात्र विभिन्न शिक्षण संस्थानों, सरकारी विभागों, प्रलेखन केंद्रों और निजी संस्थाओं में रोजगार पा सकेंगे।"
पूर्वांचल के छात्रों को होगा बड़ा फायदा
अब तक गोरखपुर और आसपास के मंडलों (बस्ती और देवीपाटन) में लाइब्रेरी साइंस के अच्छे संस्थानों की कमी थी। इसके कारण छात्रों को दूसरे जनपदों या राज्यों में जाना पड़ता था। डीडीयू में इस संस्थान के खुलने से स्थानीय छात्रों के समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
लेखक के बारे में
Prachiशॉर्ट बायो: प्राची लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पिछले 2 वर्षों से वे करियर, शिक्षा और सरकारी नौकरियों से जुड़े विषयों पर लिख रही हैं। मुश्किल खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी विशेषता है। वे 2024 से लाइव हिन्दुस्तान की करियर टीम का हिस्सा हैं।
अनुभव और करियर का सफर
प्राची ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत 'नन्ही खबर' से की थी, जहां उन्होंने जमीनी स्तर पर खबरों के महत्व को समझा। इसके बाद, उन्होंने 'सी.वाई. फ्यूचर लिमिटेड' और 'कुटुंब' जैसे प्लेटफॉर्म्स पर बतौर कंटेंट राइटर काम करते हुए अपनी लेखनी और रिसर्च स्किल्स को निखारा। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने के बाद, वे करियर डेस्क पर सक्रिय हैं और छात्रों के लिए करियर विकल्पों, बोर्ड परीक्षाओं, जॉब और प्रतियोगी परीक्षाओं की बारीकियों को कवर कर रही हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
प्राची ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) से इंग्लिश जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा किया है। उनकी शैक्षणिक नींव दिल्ली यूनिवर्सिटी से है, जहां से उन्होंने इतिहास में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इतिहास की अच्छी जानकारी होने के कारण, वे आज की खबरों को बेहतर तरीके से समझ और समझा पाती हैं। यही वजह है कि उनके लेखों में जानकारी पूरी तरह सटीक और अधिक भरोसेमंद होती है।
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रुचियां
इतिहास की समझ और पत्रकारिता के जुनून के साथ, प्राची को खाली समय में उपन्यास पढ़ना और विश्व सिनेमा देखना पसंद है, जो उनके लेखन में एक नया दृष्टिकोण जोड़ता है।
विशेषज्ञता
बोर्ड परीक्षा अपडेट्स और रिजल्ट एनालिसिस
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