
DDU: बीएड परीक्षा में चूक डेढ़ घंटे तक केंद्र ढूंढते रहे विद्यार्थी, एडमिट कार्ड पर गोरखपुर विश्वविद्यालय केंद्र छपा था
DDU gorakhpur university: गोरखपुर विश्वविद्यालय और कॉलेजों में शुक्रवार को पहले दिन ही बीएड प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में विधार्थी परेशान रहे। पहले ही दिन तीन सौ परीक्षार्थी डेढ़ घंटे तक अपना केंद्र खोजते रहे।
गोरखपुर विश्वविद्यालय और कॉलेजों में शुक्रवार को पहले दिन ही बीएड प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में विधार्थी परेशान रहे। पहले ही दिन तीन सौ परीक्षार्थी डेढ़ घंटे तक अपना केंद्र खोजते रहे। अंत में छात्रों की परेशानी को देखते हुए दीक्षा भवन केंद्र पर परीक्षा आयोजित कराई गई। डीडीयू और संबद्ध कॉलेजों में बीएड प्रथम सेमेस्टर के परीक्षाओं की समय सारिणी 15 दिंसबर को जारी की गई थी। समय सारिणी पर कई केंद्रों ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद 17 को संशोधित समय सारिणी जारी करते हुए परीक्षा दोपहर एक से चार बजे तक निर्धारित की गई।
बताया जा रहा है कि तीन कॉलेजों के विद्यार्थियों के एडमिट कार्ड पर परीक्षा केंद्र डीडीयू सिविल लाइंस लिखा था। विद्यार्थी 12 बजे विश्वविद्यालय पहुंच गए। दीक्षा भवन पहुंचे छात्रों या उनके कॉलेजों से संबंधित कोई रिकॉर्ड ही नहीं था। काफी मशक्कत के बाद विवि प्रशासन ने उनकी परीक्षाएं दीक्षा भवन में कराने का निर्णय लिया। दीक्षा भवन में 10 कॉलेजों का केंद्र बनाया गया था। बाद में दूसरे कमरे खुलवाकर 300 अतिरक्ति छात्रों की परीक्षा कराई गई। इन सबके बीच छात्रों का आरोप है कि 45 मिनट की देरी से परीक्षा शुरू कराई गई। लेकिन अतिरिक्त समय नहीं दिया गया।
अलग-अलग कारणों से संशोधित समय सारिणी जारी की गई थी। संबंधित छात्रों की परीक्षा डीडीयू केंद्र पर ही होनी थी। आगे केंद्र बदलता है तो सूचना संबंधित छात्रों को पहले दी जाएगी।
-डॉ. कुलदीप सिंह, परीक्षा नियंत्रक, डीडीयू
छात्रों ने यह भी बताया कि द्वितीय प्रश्नपत्र की परीक्षा कहां होगी, यह तय नहीं है। एक छात्रा ने बताया कि उसने पहले जो प्रवेश पत्र डाउनलोड किया था, उसमें केंद्र डीडीयू लिखा है। दोबारा एडमिट कार्ड डाउनलोड किया तो उसमें केंद्र सेंट एंड्रयूज कॉलेज लिखा है। बताया जा रहा है कि सेंट एंड्रयूज कॉलेज प्रशासन के पास भी केंद्र बनाए जाने से संबंधित कोई जानकारी नहीं है।
नकल सामग्री के साथ 10 छात्र पकड़े गए: डीडीयू और कॉलेजों में शुक्रवार को स्नातक प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू हुईं। पहले ही दिन अलग-अलग केंद्रों पर कुल 10 छात्र-छात्राएं अनुचित साधन प्रयोग में पकड़े गए।

लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
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