DDU का बड़ा तोहफा, नेट-जेआरएफ की तैयारी के लिए विश्वविद्यालय में चलेंगी फ्री कोचिंग कक्षाएं
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) प्रशासन ने आगामी 'यूजीसी नेट-जेआरएफ' (जून परीक्षा) की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए विशेष कोचिंग कक्षाएं संचालित करने का फैसला लिया है।

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) ने उच्च शिक्षा की राह देख रहे मेधावी विद्यार्थियों के लिए एक बेहद सराहनीय कदम उठाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आगामी 'यूजीसी नेट-जेआरएफ' (जून परीक्षा) की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए विशेष कोचिंग कक्षाएं संचालित करने का फैसला लिया है। कुलपति प्रो. पूनम टंडन के मार्गदर्शन में शुरू होने वाली यह पहल उन छात्रों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो आर्थिक तंगी या सही मार्गदर्शन के अभाव में इन बड़ी परीक्षाओं की तैयारी नहीं कर पाते थे।
यह पूरी कवायद केंद्र सरकार की पीएम-उषा (PM-USHA) योजना के 'इक्विटी इनिशिएटिव' के तहत की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में सभी को समान अवसर प्रदान करना है।
नेट लर्निंग सेंटर के माध्यम से मिलेगी ट्रेनिंग
विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में स्थापित किए गए 'नेट लर्निंग सेंटर' इन कोचिंग कक्षाओं के मुख्य केंद्र होंगे। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि ये कक्षाएं जल्द ही शुरू कर दी जाएंगी और लगभग डेढ़ माह (45 दिन) तक चलेंगी। इन कक्षाओं का डिजाइन इस तरह तैयार किया गया है कि छात्र जून में होने वाली परीक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।
विशेष बात यह है कि केंद्र सरकार ने इस नेक पहल के लिए पिछले वर्ष और वर्तमान सत्र को मिलाकर लगभग 67 लाख रुपये का बजट आवंटित किया है। इस भारी-भरकम राशि का उपयोग छात्रों को बेहतरीन अध्ययन सामग्री, मार्गदर्शन और सुविधाएं प्रदान करने में किया जाएगा।
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और पात्रता
जो विद्यार्थी नेट (UGC NET) या जेआरएफ (JRF) की तैयारी करना चाहते हैं, वे अब अपनी तैयारी को रफ्तार दे सकते हैं। इच्छुक विद्यार्थियों को अपने-अपने संबंधित विभागों में जाकर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। कक्षाएं जल्द शुरू होने वाली हैं, इसलिए छात्रों को सलाह दी गई है कि वे बिना देरी किए अपने विभाग में संपर्क करें। सरकार और विश्वविद्यालय की इस पहल का एकमात्र लक्ष्य छात्रों को प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के योग्य बनाना है।
कुलपति का संदेश: अनुशासन से मिलेगी सफलता
डीडीयू की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने इस अवसर पर छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यूजीसी और सीएसआईआर नेट-जेआरएफ जैसी परीक्षाएं राष्ट्रीय स्तर की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक हैं। उन्होंने कहा:
“विद्यार्थियों को इन कोचिंग कक्षाओं का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए। नियमित अध्ययन, अनुशासन और पूर्ण समर्पण ही सफलता की कुंजी है। हमें पूरा विश्वास है कि हमारे विद्यार्थी इस विशेष कोचिंग के माध्यम से उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त कर विश्वविद्यालय का नाम रोशन करेंगे।”
शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर की ओर कदम
पीएम-उषा योजना के तहत मिली 67 लाख रुपये की ग्रांट यह दर्शाती है कि सरकार उच्च शिक्षा में रिसर्च और शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए कितनी गंभीर है। इन लर्निंग सेंटर्स के माध्यम से डीडीयू न केवल गोरखपुर बल्कि आसपास के जिलों के छात्रों को भी एक मजबूत शैक्षणिक मंच प्रदान कर रहा है। डेढ़ महीने की यह सघन कोचिंग छात्रों की कमजोरियों को दूर करने और उनमें आत्मविश्वास भरने का काम करेगी।
लेखक के बारे में
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