
CUET : इलाहाबाद विश्वविद्यालय UG दाखिले में बदलाव, 3 विषयों की परीक्षा देकर मिलेगा 10 कोर्स में एडमिशन
इलाहाबाद विश्वविद्यालय इस बार भी सीयूईटी से ही दाखिले लेगा। लेकिन इस बार बड़ा बदलाव हुआ है। अब तीन विषय (दो अनिवार्य और एक ऐच्छिक) की परीक्षा देकर बीए, बीएएलएलबी समेत दस पाठ्यक्रमों में दाखिला लिया जा सकेगा।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के स्नातक प्रवेश में इस साल महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब तीन विषय (दो अनिवार्य और एक ऐच्छिक) की परीक्षा देकर बीए, बीएएलएलबी समेत दस पाठ्यक्रमों में दाखिला लिया जा सकेगा। इसी तरह तीन विषयों की परीक्षा देकर परीक्षार्थी बीएससी समेत चार पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकेंगे। प्रवेश पूर्व की भांति सीयूईटी के जरिए ही होगा, जिसके लिए तीन जनवरी से पंजीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
डोमेन में अधिकतम तीन विषयों के चयन की सुविधा
सीयूईटी में अब डोमेन (ऐच्छिक विषय) के अंतर्गत अभ्यर्थी अधिकतम तीन विषयों का चयन कर सकेंगे। इससे पहले छात्रों को केवल एक ही विषय चुनने की अनुमति थी, जिससे कई बार वे अपनी रुचि और योग्यता के अनुरूप पाठ्यक्रम चुनने से वंचित रह जाते थे। इविवि के सभी स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए भाषा और सामान्य ज्ञान अनिवार्य रहेंगे, जबकि डोमेन के अंतर्गत अधिकतम तीन विषयों का चयन किया जा सकेगा।
सीयूईटी के जरिए इस साल इविवि में 18 पाठ्यक्रमों में प्रवेश होना है, जिसे पांच भागों में विभाजित किया गया है। पहले भाग में दस कोर्स बीए, बीएएलएलबी, बीपीए (बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स), बीएफए (बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स), बीवोक (मीडिया प्रोडक्शन) बीए मीडिया स्टडीज, बीए इन फैशन डिजाइन एण्ड टेक्नोलॉजी, फाइव ईयर कोर्स ऑन योगा, मेडिटेशन एण्ड फिलॉस्पी, फाइव ईयर इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (बीबीए-एमबीए), फाइव ईयर इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन डिजास्टर मैनेजमेंट एण्ड इनवायरमेंटल साइंस हैं। इनमें प्रवेश के लिए हिन्दी या अंग्रेजी, जनरल एप्टीट्यूड अनिवार्य विषय के साथ ही भूगोल, राजनीति विज्ञान, गृह विज्ञान, मानवशास्त्र, समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, जुलोजी, फिजिक्स, कमेस्ट्री, संस्कृत सहित 22 ऐच्छिक (डोमेन) विषयों में से किसी एक विषय की परीक्षा देनी होगी।
दूसरे भाग में पांच वर्षीय फैमली एण्ड कम्यूनिटी साइंस इंटीग्रेटड कोर्स है, जिसके लिए दो अनिवार्य के साथ गृह विज्ञान, फिजिक्स, कमेस्ट्री, बायोलॉजी सहित दस ऐच्छिक विषयों में से किसी एक को चुनना होगा। तीसरा भाग में एक कोर्स बीकॉम है, जिसमें दो अनिवार्य के साथ फिजिक्स, केमेस्ट्री, मैथ सहित आठ ऐच्छिक विषयों में से किसी एक की परीक्षा देनी होगी। चौथे भाग में चार कोर्स बीएससी (मैथ्स), बीसीए (त्रिवर्षीय), फाइव ईयर इंटीग्रेटेड बीसीए एण्ड एमसीए (डाटा साइंस), बीवोक (साफ्टवेयर डेवलपमेंट) शामिल हैं, जिसके लिए दो अनिवार्य के साथ ही फिजिक्स, केमेस्ट्री, मैथ्स सहित दस ऐच्छिक विषयों में से किसी एक की परीक्षा देनी होगी। पांचवें भाग में दो कोर्स बीएससी (बायोलॉजी) और बीवोक (फूड प्रोसेसिंग एण्ड टेक्नोलॉजी) शामिल हैं, जिसके लिए दो अनिवार्य विषयों के साथ ही बायो, फिजिक्स, केमेस्ट्री, मानव विज्ञान सहित दस ऐच्छिक विषयों में से किसी एक की परीक्षा देनी होगी। यह निर्णय छात्रों की बहुआयामी रुचियों और व्यापक करियर विकल्पों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। पहले इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अलग-अलग डोमेन विषयों की अनिवार्यता होती थी।





