565 छात्रों की दोबारा परीक्षा, नॉर्मलाइजेशन नहीं? CUET PG 2026 परीक्षा पर NTA ने दिया जवाब

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CUET PG 2026 में कुछ विषयों की परीक्षा अलग तारीखों पर होने और नॉर्मलाइजेशन नहीं लागू किए जाने को लेकर उठे सवालों पर NTA ने सफाई दी है।

565 छात्रों की दोबारा परीक्षा, नॉर्मलाइजेशन नहीं? CUET PG 2026 परीक्षा पर NTA ने दिया जवाब

CUET PG 2026 को लेकर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। कुछ अभ्यर्थियों और यूजर्स ने सवाल उठाए थे कि जब कुछ विषयों की परीक्षा एक से ज्यादा तारीखों पर हुई, तो फिर नॉर्मलाइजेशन क्यों नहीं किया गया। इसी विवाद और अटकलों को खत्म करने के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने आधिकारिक बयान जारी कर पूरी स्थिति स्पष्ट की है। एजेंसी का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी रही है और किसी भी छात्र को विशेष लाभ नहीं दिया गया।

आखिर क्यों करानी पड़ी थी दोबारा परीक्षा?

NTA के मुताबिक मार्च 2026 में मेघालय के तुरा इलाके में कानून-व्यवस्था से जुड़ी परेशानी और कुछ विदेशी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा संबंधी हालात के कारण कई छात्र अपनी निर्धारित तारीख पर परीक्षा नहीं दे पाए थे। इन परिस्थितियों से प्रभावित कुल 565 उम्मीदवार 28 विषयों की परीक्षा से वंचित रह गए थे। एजेंसी ने कहा कि यह स्थिति छात्रों के नियंत्रण से बाहर थी, इसलिए उन्हें नुकसान से बचाने के लिए 29 और 30 मार्च 2026 को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। NTA ने स्पष्ट किया कि यह कदम केवल छात्र हित में उठाया गया था ताकि किसी उम्मीदवार का भविष्य ऐसी परिस्थितियों की वजह से प्रभावित न हो जिनके लिए वह जिम्मेदार नहीं था।

नॉर्मलाइजेशन को लेकर क्या कहा गया?

सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर थी कि फिर से परीक्षा देने वाले छात्रों के अंकों का नॉर्मलाइजेशन क्यों नहीं किया गया। इस पर NTA ने साफ कहा कि CUET PG में एजेंसी की नीति सभी उम्मीदवारों के वास्तविक प्राप्तांक यानी एब्सोल्यूट मार्क्स जारी करने की है। एजेंसी के अनुसार न तो मुख्य परीक्षा में किसी का स्कोर नॉर्मलाइज किया जाता है और न ही पुनर्निर्धारित परीक्षा में। इसलिए दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों को किसी ऐसी प्रक्रिया से छूट नहीं मिली जो बाकी उम्मीदवारों पर लागू की गई हो।

हजारों और सैकड़ों छात्रों की तुलना नहीं हो सकती: NTA

NTA ने अपने बयान में आंकड़ों के जरिए भी स्थिति समझाने की कोशिश की। एजेंसी ने बताया कि अंग्रेजी विषय में मुख्य परीक्षा में करीब 16 हजार उम्मीदवार शामिल हुए थे, जबकि पुनर्निर्धारित परीक्षा में लगभग 120 छात्र थे। इसी तरह राजनीति विज्ञान में मुख्य परीक्षा में करीब 26 हजार छात्र शामिल हुए, जबकि दोबारा परीक्षा में लगभग 100 उम्मीदवार थे। इतिहास विषय में मुख्य परीक्षा में करीब 13,600 छात्र बैठे थे, जबकि पुनर्परीक्षा में 80 से भी कम उम्मीदवार शामिल हुए। NTA का कहना है कि जब एक समूह में हजारों और दूसरे में केवल कुछ दर्जन या सौ छात्र हों, तब दोनों के बीच सांख्यिकीय आधार पर नॉर्मलाइजेशन करना अर्थहीन हो जाता है।

प्रश्नपत्रों की कठिनाई को लेकर भी दी जानकारी

कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि क्या दोबारा परीक्षा का प्रश्नपत्र आसान या कठिन था। इस पर NTA ने कहा कि फिर से हुई परीक्षा में इस्तेमाल किए गए प्रश्नपत्र पहले से ही विषय विशेषज्ञों द्वारा तैयार और अनुमोदित किए गए थे। विशेषज्ञों ने प्रमाणित किया था कि इन प्रश्नपत्रों का कठिनाई स्तर मुख्य परीक्षा में इस्तेमाल हुए प्रश्नपत्रों के बराबर है। इसलिए किसी भी उम्मीदवार को प्रश्नपत्र के स्तर के कारण अतिरिक्त फायदा या नुकसान नहीं हुआ।

सभी छात्रों का मूल्यांकन एक ही व्यवस्था से हुआ

एजेंसी ने दोहराया कि CUET PG 2026 के प्रत्येक उम्मीदवार का स्कोर एक समान मूल्यांकन प्रणाली के तहत तैयार किया गया है। परीक्षा की तारीख बदलने से केवल परीक्षा देने का अवसर मिला, मूल्यांकन की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया। NTA ने कहा कि उसका उद्देश्य हमेशा निष्पक्ष, पारदर्शी और छात्र-केंद्रित परीक्षा प्रणाली बनाए रखना है। इसी वजह से प्रभावित छात्रों के लिए अलग परीक्षा आयोजित की गई, लेकिन अंक निर्धारण की प्रक्रिया सभी के लिए एक जैसी रखी गई।

Himanshu Tiwari

लेखक के बारे में

Himanshu Tiwari

शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।

परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।

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हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।

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