CTET परीक्षा को लेकर बवाल, 11 बजे तक नहीं पहुंचा प्रश्नपत्र, भड़के अभ्यर्थी
वैशाली के सेंट जॉन्स परीक्षा केंद्र पर CTET के दौरान प्रश्नपत्र देर से पहुंचने पर अभ्यर्थियों का गुस्सा फूटा है। परीक्षा शुरू होने से पहले ही माहौल तनावपूर्ण हो गया।

सुबह से हाथ में एडमिट कार्ड और मन में सपने लिए पहुंचे अभ्यर्थी, लेकिन परीक्षा हॉल के बाहर इंतजार ने सब्र तोड़ दिया। CTET जैसी अहम परीक्षा में जब तय समय निकल गया और प्रश्नपत्र का कोई अता-पता नहीं था, तो गुस्सा फूट पड़ा और परीक्षा केंद्र हंगामे का मैदान बन गया।
बिहार के वैशाली जिले में CTET परीक्षा के दौरान उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब निर्धारित समय पर प्रश्नपत्र परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंचा। वैशाली प्रखंड स्थित सेंट जॉन्स एकेडमी में आयोजित CTET परीक्षा सुबह 9:30 बजे शुरू होनी थी, लेकिन अभ्यर्थी 11 बजे तक परीक्षा शुरू होने का इंतजार करते रहे।
लंबे इंतजार से परेशान परीक्षार्थियों का गुस्सा आखिरकार बाहर आ गया। परीक्षा केंद्र के अंदर और बाहर जमकर हंगामा हुआ। अभ्यर्थियों का कहना था कि वे समय से पहले केंद्र पर पहुंच गए थे, लेकिन व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई थी। न तो समय पर कोई सूचना दी गई और न ही देरी की वजह साफ की गई।
कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में ऐसी लापरवाही बेहद गंभीर है। कुछ परीक्षार्थियों ने कहा कि देरी की वजह से मानसिक तनाव बढ़ गया और परीक्षा के माहौल पर भी असर पड़ा।
गौरतलब है कि सीबीएसई आज 7 और कल 8 फरवरी को केन्द्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 सीटीईटी का आयोजन कर रहा है। दोनों दिनों में पेपर-1 और पेपर-2 की परीक्षाएं होंगी। आज 7 फरवरी को पेपर-2 सुबह 9.30 से दोपहर 12.00 बजे तक और पेपर-1 दोपहर 2.30 से शाम 5.00 बजे तक आयोजित होगा। 8 फरवरी को भी यही टाइमिंग रहेगी। परीक्षा 2:30 घंटे की अवधि की होगी। सीबीएसई ने सभी अभ्यर्थियों को निर्देश दिया है कि वे अपना सटीक परीक्षा तिथि और समय अपने प्रवेश पत्र में दर्ज जानकारी से ही सुनिश्चित करें और उसी के अनुसार परीक्षा केन्द्र पर पहुंचें। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा शुरू होने के बाद किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा। केन्द्राधीक्षकों को निर्देश दिया गया कि एडमिट कार्ड से मां के नाम का मिलान होगा।

लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
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हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
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- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव




