CSJMU के 45 कॉलेजों में शुरू होंगे 88 नए कोर्स, AI और साइबर सिक्योरिटी की भी होगी पढ़ाई
कानपुर के सीएसजेएमयू में नए सत्र 2026-27 से 45 डिग्री कॉलेजों में 88 नए कोर्स शुरू होंगे, साथ ही छात्र अब कॉलेजों में एआई और साइबर सिक्योरिटी की पढ़ाई भी कर सकेंगे।

कानपुर के छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के छात्रों के लिए शानदार खबर है। नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पढ़ाई का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है। अब कॉलेजों में सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि सीधे नौकरी दिलाने वाले आधुनिक कोर्स भी पढ़ाए जाएंगे।
यहां जानिए इस बड़े बदलाव की 4 सबसे अहम बातें
45 कॉलेजों में 88 नए कोर्स: विश्वविद्यालय ने 45 डिग्री कॉलेजों को 88 नए कोर्स शुरू करने की मंजूरी (NOC) दे दी है। इसमें औरैया और रमाबाई नगर के दो एडेड कॉलेजों के साथ-साथ 43 प्राइवेट (वित्तपोषित) कॉलेज शामिल हैं। अब इन्हें बस संबद्धता (Affiliation) की आखिरी प्रक्रिया पूरी करनी है।
डिग्री कॉलेजों में अब 'AI' और 'साइबर सिक्योरिटी': पहले जो एडवांस कोर्स सिर्फ यूनिवर्सिटी कैंपस में होते थे, वो अब आम डिग्री कॉलेजों में भी मिलेंगे। छात्र अपने रेगुलर ग्रेजुएशन के साथ-साथ 'साइबर सिक्योरिटी', 'AI फॉर ऑल' और 'फाइनेंशियल लिटरेसी' जैसे कोर्स को 'माइनर सब्जेक्ट' के तौर पर पढ़ सकेंगे। इनकी पढ़ाई ऑनलाइन समर्थ पोर्टल के जरिए होगी।
4 साल में पूरी होगी BA-BEd और BSc-BEd: शिक्षक बनने का सपना देखने वालों का अब एक साल बचेगा। यूनिवर्सिटी ने 4 साल का इंटीग्रेटेड कोर्स (BA-BEd और BSc-BEd) शुरू किया है। इसके लिए 12वीं पास छात्र 10 मार्च तक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की वेबसाइट पर ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। दोनों कोर्स में 50-50 सीटें हैं।
बीएड एंट्रेंस फॉर्म की तारीख बढ़ी: यूपी बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा के लिए फॉर्म भरने की आखिरी तारीख बढ़ाकर 5 अप्रैल कर दी गई है। अगर कोई लेट हो जाता है, तो वह लेट फीस के साथ 10 अप्रैल तक फॉर्म भर सकता है। इस बार यह परीक्षा बुंदेलखंड विश्वविद्यालय 31 मई को करवाएगा।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


