
Constitution Day 10 Lines : 26 नवंबर संविधान दिवस पर 10 लाइनें, भाषण और निबंध में आएंगी काम
Constitution Day Speech In Hindi : 26 नवंबर संविधान दिवस के अवसर पर स्कूलों में कई तरह के कार्यक्रम होते हैं। यहां हम स्कूली बच्चों के संविधान दिवस व भारतीय संविधान पर 10 महत्वपूर्ण लाइनें बता रहे हैं जिनका इस्तेमाल वे भाषण व निबंध में कर सकते हैं।
Constitution Day Speech In Hindi : आज देश संविधान दिवस मना रहा है। भारत का संविधान हमें विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने का गौरव देता है। वर्ष 1949 में 26 नवम्बर को संविधान सभा द्वारा संविधान को स्वीकृत किया गया, जो 26 जनवरी 1950 को प्रभाव में आया। संविधान दिवस के मौके पर देशवासी न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल्यों की रक्षा के अपने संकल्प को और अधिक दृढ़ता से दोहराते हैं। इस वर्ष भारत सरकार के संविधान दिवस समारोह का विषय है- हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान। मुख्य कार्यक्रम नई दिल्ली स्थित संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, केंद्रीय मंत्री और सांसद शामिल होंगे। यह वर्ष देश के संविधान को अपनाए जाने का 76वां वर्ष है।
संविधान दिवस के दिन स्कूलों में कई तरह के कार्यक्रम होते हैं ताकि बच्चों में संवैधानिक आदर्शों व मूल्यों के प्रति जागरूकता और सम्मान पैदा हो। वे संविधान के महत्व को जानें। यहां हम बता रहे हैं कि संविधान दिवस व भारतीय संविधान पर 10 महत्वपूर्ण लाइनें जिनका इस्तेमाल वे भाषण व निबंध में कर सकते हैं।
Constitution Day Speech In Hindi : आज देश संविधान दिवस मना रहा है। भारत का संविधान हमें विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने का गौरव देता है। वर्ष 1949 में 26 नवम्बर को संविधान सभा द्वारा संविधान को स्वीकृत किया गया, जो 26 जनवरी 1950 को प्रभाव में आया। संविधान दिवस के मौके पर देशवासी न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल्यों की रक्षा के अपने संकल्प को और अधिक दृढ़ता से दोहराते हैं। इस वर्ष भारत सरकार के संविधान दिवस समारोह का विषय है- हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान। मुख्य कार्यक्रम नई दिल्ली स्थित संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, केंद्रीय मंत्री और सांसद शामिल होंगे। यह वर्ष देश के संविधान को अपनाए जाने का 76वां वर्ष है।
संविधान दिवस के दिन स्कूलों में कई तरह के कार्यक्रम होते हैं ताकि बच्चों में संवैधानिक आदर्शों व मूल्यों के प्रति जागरूकता और सम्मान पैदा हो। वे संविधान के महत्व को जानें। यहां हम बता रहे हैं कि संविधान दिवस व भारतीय संविधान पर 10 महत्वपूर्ण लाइनें जिनका इस्तेमाल वे भाषण व निबंध में कर सकते हैं।
1. संविधान दिवस हर साल 26 नवंबर को मनाया जाता है। इस वर्ष भारत अपना 76वां संविधान दिवस मना रहा है।
2. इस वर्ष भारत सरकार के संविधान दिवस समारोह का विषय है- हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान। संविधान दिवस का मुख्य कार्यक्रम नई दिल्ली स्थित संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, केंद्रीय मंत्री और सांसद शामिल होंगे।
3. संविधान दिवस का दिन 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान को संविधान सभा द्वारा स्वीकृत किए जाने की याद दिलाता है। 1949 में इसी दिन संविधान को अपनाया गया था जो दो माह 26 जनवरी 1950 को भारत में लागू हुआ।
4. संविधान दिवस पहली बार 2015 में मनाया गया। 2015 इसलिए खास वर्ष था क्योंकि उस साल संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की 125वीं जयंती मनाई जा रही थी।
5. डॉ. भीमराव अंबेडकर को संविधान का जनक माना जाता है। उन्हें संविधान निर्माता कहा जाता है।
6. क्यों मनाया जाता है संविधान दिवस - पिछले सात दशकों में भारतीय संविधान ने राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक परिवर्तनों के माध्यम से राष्ट्र का मार्गदर्शन किया है, न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व सुनिश्चित किया है, जो भारत के शासन के मूल सिद्धांत हैं। नागरिकों के बीच संवैधानिक मूल्यों को बढ़ावा देने और संवैधानिक आदर्शों के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए संविधान दिवस मनाया जाता है।
7. 26 नवंबर संविधान दिवस के दिन राष्ट्रीय कानून दिवस भी मनाया जाता है।
8. भारत का संविधान 2 वर्ष 11 माह 18 दिन में बनकर तैयार हुआ था। भारतीय संविधान विश्व का सबसे लंबा लिखित संविधान है। इसमें इंग्लिश के 1,46,385 शब्द हैं।
9. भारतीय संविधान की ये मूल प्रतियां टाइप या मुद्रित नहीं थीं। संविधान की असली कॉपी अंग्रेजी में प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने हाथ से लिखी थी। ये बेहतरीन कैलीग्राफी के जरिए इटैलिक अक्षरों में लिखी गई है। इसके हर पन्ने को शांतिनिकेतन (पश्चिम बंगाल) के कलाकारों राममनोहर सिन्हा और नंदलाल बोस ने सजाया था।
10. हाथ से लिखे हुए संविधान पर 24 जनवरी, 1950 को संविधान सभा के 284 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए थे जिसमें 15 महिलाएं भी शामिल थीं। दो दिन बाद 26 जनवरी से यह संविधान देश में लागू हो गया था।

लेखक के बारे में
Pankaj Vijayपंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार
शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।
15 से अधिक सालों का अनुभव
पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।
विजन
तमाम तरह के करियर, स्कूल एजुकेशन, हायर एजुकेशन, भर्तियों, प्रतियोगी परीक्षाओं, एंट्रेंस एग्जाम, नौकरी के लिए जरूरी स्किल्स एवं बेरोजगार युवाओं के मुद्दों को लेकर पंकज के पास गहरी समझ है। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के कई टॉपरों के इंटरव्यू किए हैं। उनकी लिखी सक्सेस स्टोरीज युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को प्रेरित करती रही हैं। पंकज का मानना है कि विश्वसनीयता, पारदर्शिता और तथ्यपरकता ही पत्रकारिता की असली ताकत है। उनका लक्ष्य स्कूली छात्रों व बेहतर करियर एवं सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को आसान भाषा में सटीक, तेज और भरोसेमंद जानकारी देना है।
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