कक्षा 6 की छात्रा का कमाल, डॉल्फिन की सुरक्षा के लिए बनाया खास प्रोजेक्ट; 3M यंग साइंटिस्ट चैलेंज में बनीं विनर

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ईशानवी अमेरिका के वर्जीनिया बीच की रहने वाली हैं और ओल्ड डोनेशन स्कूल में पढ़ती हैं। उनका यह प्रोजेक्ट इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने साइंस को सिर्फ किताबों और कक्षा तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसका इस्तेमाल एक गंभीर और वास्तविक समस्या का समाधान खोजने के लिए किया।

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ईशानवी ने डॉल्फिन को बचाने के लिए तैयार किया खास प्रोजेक्ट

कक्षा 6 में पढ़ाई करने वाले ज्यादातर छात्र अपने होमवर्क करने, नोट्स बनाने या फिर पढ़ाई करने में बिजी रहते हैं। लेकिन इसी कक्षा में पढ़ाई करने वाली एक अमेरिकी छात्रा ने कमाल कर दिया है और कम उम्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। इस छात्रा का नाम ईशानवी सखारपे है। ईशानवी ने डॉल्फिन को इंसानी एक्टि से बचाने के लिए एक खास तरह का प्रोजेक्ट तैयार किया है। इस प्रोजेक्ट का नाम डॉल्फिन गार्ड है। इस प्रोजेक्ट के लिए उन्हें 2026 3M यंग साइंटिस्ट चैलेंज में वर्जीनिया की स्टेट मेरिट विनर चुना गया है।

दरअसल, समुद्र में इंसानों की एक्टिविटीज बढ़ने के साथ समुद्री जीवों के सामने भी कई तरह के खतरे पैदा हो रहे हैं। नावों की आवाजाही, मछली पकड़ने जैसी गतिविधियों का असर डॉल्फिन जैसे समुद्री जीवों पर भी पड़ सकता है। इसी समस्या ने ईशानवी सखारपे को कुछ नया करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने डॉल्फिन को इंसानी गतिविधियों से होने वाले संभावित खतरों से बचाने के लिए 'डॉल्फिन गार्ड' नाम का प्रोजेक्ट तैयार किया है।

कौन हैं ईशानवी

बता दें कि ईशानवी अमेरिका के वर्जीनिया बीच की रहने वाली हैं और ओल्ड डोनेशन स्कूल में पढ़ती हैं। उनका यह प्रोजेक्ट इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने साइंस को सिर्फ किताबों और कक्षा तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसका इस्तेमाल एक गंभीर और वास्तविक समस्या का समाधान खोजने के लिए किया।

क्या है डॉल्फिन गार्ड प्रोजेक्ट?

डॉल्फिन समुद्र में इंसानों के साथ अपना नेचुरल वातावरण साझा करती हैं। समुद्र में नावों की आवाजाही, मछली पकड़ने और दूसरी गतिविधियों के कारण कई बार डॉल्फिन के लिए खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे में जरूरत इस बात की है कि खतरा होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले ही संभावित जोखिम का पता लगाया जाए। ईशानवी का ‘डॉल्फिन गार्ड’ इसी सोच पर आधारित है। प्रोजेक्ट का उद्देश्य इंसानों और डॉल्फिन के बीच होने वाली संभावित खतरनाक परिस्थितियों को कम करने में मदद करना है। इसके पीछे एक सीधा सवाल यह है कि क्या साइंस और टेक्नोलॉजी की मदद से किसी समुद्री जीव को नुकसान पहुंचने से पहले खतरे की पहचान की जा सकती है? यही सोच उनके प्रोजेक्ट को दूसरे सामान्य स्कूल प्रोजेक्ट से अलग बनाती है।

क्या है 3M यंग साइंटिस्ट चैलेंज

3M यंग साइंटिस्ट चैलेंज अमेरिका में मिडिल स्कूल के स्टूडेंट्स के लिए आयोजित होने वाली एक राष्ट्रीय विज्ञान प्रतियोगिता है। इसमें छात्रों को किसी ऐसी समस्या के समाधान से जुड़ा अपना नया आईडिया या आविष्कार पेश करना होता है, जो उनके परिवार, समुदाय या समाज के लिए उपयोगी हो। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को एक छोटा वीडियो बनाकर अपने प्रोजेक्ट के बारे में बताना होता है। इसमें उनके विचार की क्रिएटिविटी, वैज्ञानिक समझ, अपनी बात समझाने की क्षमता और प्रेजेंटेशन जैसे पहलुओं को देखा जाता है।

2026 की प्रतियोगिता के लिए प्रक्रिया जनवरी में शुरू हुई थी और स्टेट मेरिट विनर्स की घोषणा जून में की गई। इसी में ईशानवी को वर्जीनिया की स्टेट मेरिट विनर के रूप में चुना गया।

गणित में भी दिखा चुकी हैं प्रतिभा

ईशानवी की दिलचस्पी केवल विज्ञान तक सीमित नहीं है। वह गणित की प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा ले चुकी हैं। मैथ कंगारू के रिकॉर्ड के अनुसार, 2025 में वह ओल्ड डोनेशन स्कूल की द कंगारू पाई-ओनियर्स टीम का हिस्सा थीं। इस टीम ने मैथ कंगारू टीम प्रतियोगिता में ग्रेड 6 का राष्ट्रीय स्वर्ण पदक जीता था।

Dheeraj Pal

लेखक के बारे में

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संक्षिप्त विवरण: धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

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