देश में 2800 से ज्यादा अफसरों की कमी, किस राज्य-काडर में सबसे ज्यादा कम IAS-IPS

Feb 12, 2026 08:34 pm ISTHimanshu Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

देश की सबसे अहम प्रशासनिक सेवाओं में हजारों पद खाली हैं। सरकार की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक 2,800 से ज्यादा अफसरों के पद अभी तक भरे ही नहीं जा सके हैं।

देश में 2800 से ज्यादा अफसरों की कमी, किस राज्य-काडर में सबसे ज्यादा कम IAS-IPS

देश की सबसे प्रतिष्ठित मानी जाने वाली सिविल सेवाओं जैसे IAS, IPS और IFS को लेकर चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। जिन सेवाओं को देश की प्रशासनिक रीढ़ कहा जाता है, वहीं हजारों पद आज भी खाली पड़े हैं। केंद्र सरकार द्वारा राज्यसभा में साझा किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इन तीनों सेवाओं में 2,800 से ज्यादा पद अभी तक भरे ही नहीं जा सके हैं। यह स्थिति तब है जब हर साल लाखों युवा UPSC की परीक्षा देते हैं और इसे देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षा माना जाता है।

कुल कितने पद स्वीकृत और कितने भरे?

सरकार के अनुसार IAS, IPS और IFS के कुल 15,169 स्वीकृत पद हैं। इनमें से केवल 12,335 पदों पर ही अधिकारी कार्यरत हैं, जबकि 2,834 पद खाली हैं। 1 जनवरी 2025 तक के आंकड़ों में IAS में 1300 पद, IPS में 505 पद IFS में 1029 पद खाली यानी विदेश सेवा और प्रशासनिक सेवा दोनों में बड़ी कमी दर्ज की गई है।

सेवा-वार स्थिति क्या है?

IAS के लिए कुल 6,877 पद स्वीकृत हैं, लेकिन केवल 5,577 अधिकारी ही सेवा में हैं। IPS के 5,099 स्वीकृत पदों में से 4,594 भरे हुए हैं। IFS में 3,193 पद स्वीकृत हैं, पर केवल 2,164 अधिकारी ही कार्यरत हैं। इसका मतलब है कि खासकर IFS में अधिकारियों की कमी सबसे ज्यादा महसूस की जा रही है।

किस राज्य में सबसे ज्यादा पद?

कैडर-वार आंकड़ों में उत्तर प्रदेश सबसे ऊपर है। उत्तर प्रदेश में 652 IAS पद स्वीकृत, AGMUT कैडर (अरुणाचल, गोवा, मिजोरम, केंद्र शासित प्रदेश) दूसरे स्थान पर मध्य प्रदेश तीसरे और महाराष्ट्र चौथे और तमिलनाडु पांचवें स्थान पर है। IPS पदों में भी उत्तर प्रदेश सबसे आगे है, उसके बाद AGMUT, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश आते हैं। IFS पदों में AGMUT कैडर सबसे ऊपर है, जो एक दिलचस्प बदलाव माना जा रहा है।

भर्ती के बावजूद क्यों बनी हुई है कमी?

पिछले पांच वर्षों में आरक्षित वर्गों से भर्ती हुई है, लेकिन खाली पद पूरी तरह भर नहीं पाए।

पिछले पांच साल में भर्ती का आंकड़ा:

  • IAS में 245 OBC, 135 SC, 67 ST उम्मीदवार
  • IPS में 255 OBC, 141 SC, 71 ST उम्मीदवार
  • IFS में 231 OBC, 95 SC, 48 ST उम्मीदवार

इन भर्तियों के बावजूद पदों की कमी बनी रहना यह दिखाता है कि या तो चयन प्रक्रिया सीमित है, या अधिकारियों का रिटायरमेंट और कैडर विस्तार तेजी से हो रहा है।

UPSC उम्मीदवारों के लिए क्या है उम्र सीमा?

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2026 के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए और अधिकतम 32 वर्ष (1 अगस्त 2026 के अनुसार)।

आरक्षित वर्गों को आयु में छूट मिलती है:

  • OBC उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु 35 वर्ष
  • SC/ST उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु 37 वर्ष

देश की प्रशासनिक व्यवस्था पर क्या असर?

इतने बड़े स्तर पर पद खाली रहने का सीधा असर प्रशासनिक कामकाज पर पड़ता है। कम अधिकारियों के कारण कई जिलों, विभागों और मिशनों में अतिरिक्त जिम्मेदारी एक ही अधिकारी पर आ जाती है।

सरकार ने संसद में दी जानकारी

यह पूरी जानकारी केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में लिखित जवाब में दी। उन्होंने बताया कि सरकार लगातार भर्ती प्रक्रिया चला रही है, लेकिन स्वीकृत पदों और वास्तविक नियुक्तियों के बीच अभी भी बड़ा अंतर बना हुआ है।

Himanshu Tiwari

लेखक के बारे में

Himanshu Tiwari

शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।

परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।

लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।

शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।

रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।

विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव

और पढ़ें
लेटेस्ट एजुकेशन न्यूज़ अपडेट हिंदी में हिंदुस्तान पर, Hindi News, क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।
Hindi Newsकरियर न्यूज़civil services shortage upsc recruitment cadre wise data rajya sabha jitendra singh statement ias ips ifs vacancies
;;;