देश में शुरू होगा इंजीनियरिंग बायोलॉजी कोर्स, IIT और IISc खोलेंगे मेडिकल स्कूल, केंद्र सरकार का ऐलान

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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केंद्र सरकार ने देश में इंजीनियरिंग बायोलॉजी में अपनी तरह का पहला कोर्स शुरू करने का फैसला किया है। आईआईटी और आईआईएससी ने भी मेडिकल स्कूल शुरू करने के लिए मंत्रालय को प्रस्ताव सौंपे हैं।

Jitendra Singh

केंद्र सरकार ने देश में इंजीनियरिंग बायोलॉजी में अपनी तरह का पहला कोर्स शुरू करने का फैसला किया है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सिंह ने आगे कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) और भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) ने भी मेडिकल स्कूल शुरू करने के लिए मंत्रालय को प्रस्ताव सौंपे हैं। मंत्री ने नीति आयोग के एक कार्यक्रम में कहा, "मैं इंजीनियरिंग बायोलॉजी में एक पाठ्यक्रम शुरू करने की घोषणा कर रहा हूं, जो भारत में अपनी तरह का पहला पाठ्यक्रम होगा।''

इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर भी रेडियोलॉजिस्ट के साथ काम करेगा

सिंह ने बताया कि अल्ट्रासाउंड या एडवांस्ड एमआरआई करना अब केवल रेडियोलॉजिस्ट तक ही सीमित नहीं है। भविष्य में ऐसी प्रक्रिया के दौरान एक इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर भी रेडियोलॉजिस्ट के साथ काम कर सकता है। उन्होंने कहा, "हमें अपनी स्वतंत्र और मजबूत प्रतिभा (टैलेंट) विकसित करने वाला पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) तैयार करना होगा।" मंत्री ने भारत को जैव-अर्थव्यवस्था (बायोइकोनॉमी) के क्षेत्र में वैश्विक अग्रणी बनाने और वर्ष 2047 तक 2.6 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की बायोइकोनॉमी हासिल करने के लिए एक रणनीतिक रोडमैप भी प्रस्तुत किया।

मंत्री जी ने कहा कि भारत उन कुछ देशों में से एक बन गया है, जिनकी जैव प्रौद्योगिकी नीति, अर्थव्यवस्था, रोजगार और पर्यावरण के लिए जैव प्रौद्योगिकी पर केंद्रित है। इससे वैज्ञानिक अनुसंधान को तेजी से आर्थिक और सामाजिक परिणामों में बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत, वैश्विक विकासों का अनुसरण करने से आगे बढ़कर जैव प्रौद्योगिकी के नए और महत्‍वपूर्ण क्षेत्र में सक्रिय योगदान देने वाला देश बन रहा है।

स्वास्थ्य देखभाल जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि देश ने कोविड-19 से निपटने के लिए दुनिया का पहला डीएनए वैक्‍सीन विकसित किया और लगभग 30 देशों को वैक्‍सीन की आपूर्ति की, जो भारत की बढ़ती वैज्ञानिक क्षमताओं और वैश्विक नेतृत्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जहां सीएआर-टी सेल थेरेपी और नई जीन-आधारित थेरेपी में स्वदेशी प्रगति से उन्नत इलाज अधिक किफायती हो रहे हैं, वहीं लागत प्रभावी वैश्विक स्वास्थ्य सेवा गंतव्य के रूप में भारत की स्थिति मजबूत हो रही है।

मंत्री ने जोर दिया कि जैव प्रौद्योगिकी का भविष्य मुख्‍य रूप से सिंथेटिक जीव विज्ञान, एआई-आधारित जैविक अनुसंधान और जैव-विनिर्माण से निर्धारित होगा। उन्होंने कहा कि नई प्रोटीन डिजाइन करने, जीवित-सेल-आधारित दवाएं, स्वच्छ ईंधन और टिकाऊ खाद्य प्रणालियों को विकसित करने में सक्षम प्रौद्योगिकियों की वजह से आगामी दशकों में स्वास्थ्य सेवा, कृषि और उद्योग में बुनियादी बदलाव आएगा।

उद्योग के साथ मजबूत भागीदारी की आवश्‍यकता पर ज़ोर

डॉ. जितेन्द्र सिंह ने उद्योग के साथ मजबूत भागीदारी की आवश्‍यकता पर ज़ोर देते हुए कहा कि भारत ने सोच-विचार करके जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी डीएनए वैक्सीन जैसी सफल पहलें दर्शाती हैं कि प्रौद्योगिकी विकास के शुरुआती चरणों से उद्योग का सहयोग महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने इस क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों से आग्रह किया कि वे पारंपरिक मानसिकता से आगे बढ़कर वैज्ञानिकों, उद्यमियों और विनिर्माताओं के बीच मजबूत साझेदारी करें, ताकि तेजी से नवाचार किए जा सकें।

उन्होंने कहा कि स्वदेशी जैव-विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ाना, प्रतिभा विकास को मजबूत करना और विज्ञान, स्वास्थ्य तथा उद्योग के बीच अंतर-क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देना भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग जीव विज्ञान जैसे उभरते विषयों से भविष्य के लिए कार्यबल तैयार होगा, जो स्वास्थ्य सेवा, खाद्य सुरक्षा, पर्यावरण स्थिरता और उन्नत विनिर्माण के क्षेत्र में भारत के लक्ष्यों को पूरा करने में सहायक होंगे।

Pankaj Vijay

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पंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार

शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।


15 से अधिक सालों का अनुभव

पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।


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भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।


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