
CBSE : सीबीएसई 10वीं 12वीं माइग्रेशन सर्टिफिकेट अब डिजिलॉकर में मिलेगा, नहीं मिलेगी हार्ड कॉपी
सीबीएसई बोर्ड अपने छात्रों को अब डिजिलॉकर में 10वीं 12वीं माइग्रेशन सर्टिफिकेट प्रदान करेगा। अब विद्यार्थियों को माइग्र्रेशन सर्टिफिकेट की हार्ड कॉपी नहीं उपलब्ध कराई जाएगी।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने माइग्रेशन सर्टिफिकेट (प्रवास प्रमाणपत्र) को जारी करने की प्रक्रिया में बदलाव किया है। बोर्ड अपने छात्रों को अब डिजिलॉकर में यह सर्टिफिकेट प्रदान करेगा। अब विद्यार्थियों को माइग्र्रेशन सर्टिफिकेट की हार्ड कॉपी नहीं उपलब्ध कराई जाएगी। बोर्ड ने 2025 की परीक्षाओं से ही यह बदलाव करने का फैसला लिया है। यानी जो बच्चे 2025 में हुए 10वीं-12वीं की परीक्षा में शामिल हुए उन्हें डिजिलॉकर में सर्टिफिकेट उपलब्ध कराई जाएगी।

बोर्ड ने यह भी कहा है कि इसके लिए अभ्यर्थियों को कोई भी शुल्क नहीं देना होगा। इससे पहले विद्यार्थियों को माइग्रेशन सर्टिफिकेट के लिए आवेदन करना पड़ता था, इसके प्राप्त करने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था।
अब ऐसा नहीं होगा। साथ ही डुप्लीकेसी की समस्या भी समाप्त होगी। बोर्ड ने यह भी कहा है कि विशेष परिस्थिति में माइग्रेशन सर्टिफिकेट के लिए विद्यार्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आवेदन cbseit.in/cbse/web/dads/ पर जाकर करना होगा।
देशभर से अबतक 2025 में 12वीं कक्षा में शामिल होने वाले 17,04,367 विद्यार्थियों में से 38,386 विद्यार्थियों ने हार्ड कॉपी के लिए आवेदन किया है
क्या है माइग्रेशन सर्टिफिकेट
माइग्रेशन सर्टिफिकेट एक शैक्षणिक दस्तावेज है, जो प्रमाणित करता है कि छात्र न पिछली शिक्षा सफलतापूर्वक पूरी कर ली है और उच्च शिक्षा के लिए अलग संस्थान में स्थानांतरित हो रहा है। यह मुख्य रूप से किसी दूसरे बोर्ड या विवि में दाखिला लेने को जरूरी होता है।



