उत्तराखंड में CBSE स्कूलों के नतीजों पर भारी स्टेट बोर्ड का रिजल्ट, बेटियों का रहा शानदार प्रदर्शन

हिन्दुस्तान, देहरादून
Follow us on Google News
share

उत्तराखंड बोर्ड के हाईस्कूल नतीजों ने सीबीएसई स्कूलों के नतीजों को पछाड़ा दिया है। इस बार बालिकाओं के शानदार प्रदर्शन ने इतिहास रच दिया है। सरकारी स्कूलों में जश्न का माहौल है।

उत्तराखंड में CBSE स्कूलों के नतीजों पर भारी स्टेट बोर्ड का रिजल्ट, बेटियों का रहा शानदार प्रदर्शन

उत्तराखंड के शैक्षिक इतिहास में शनिवार का दिन एक नई इबारत लिख गया। उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा के नतीजों ने सीबीएसई स्कूलों को भी पछाड़ दिया है। हाईस्कूल में उत्तराखंड बोर्ड का पास प्रतिशत सीबीएसई के मुकाबले बेहतर रहा है। यह उपलब्धि बालिकाओं के शानदार प्रदर्शन से हासिल हुई है। शनिवार को घोषित परीक्षा परिणामों में हाईस्कूल में बालकों का पास प्रतिशत पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ा कम रहा, इसके बावजूद बोर्ड के कुल रिजल्ट में सुधार दर्ज किया गया।

बेटियों के हौसले की जीत

हाईस्कूल की परीक्षा में उत्तराखंड बोर्ड की सफलता की कहानी इस बार बेटियों ने लिखी है। शिक्षा विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो बालिकाओं का प्रदर्शन इस कदर शानदार रहा कि उसने औसत पास प्रतिशत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। हालांकि, बालकों का पास प्रतिशत पिछले साल के मुकाबले मामूली रूप से गिरा है, लेकिन कुल परिणाम के ग्राफ में भारी उछाल दर्ज किया गया है।

सीबीएसई बनाम उत्तराखंड बोर्ड में दिलचस्प रहा मुकाबला

अक्सर यह माना जाता था कि सीबीएसई स्कूलों के छात्र हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में ज्यादा अंक और बेहतर पास प्रतिशत हासिल करते हैं, लेकिन इस बार बाजी पलट गई। उत्तराखंड बोर्ड के स्कूलों ने न केवल सीबीएसई की बराबरी की, बल्कि उत्तीर्ण प्रतिशत के मामले में उन्हें पछाड़कर यह साबित कर दिया कि मेहनत और सही दिशा मिले तो राज्य बोर्ड के बच्चे भी किसी से कम नहीं हैं। बोर्ड मुख्यालय से परिणाम जारी करते हुए अधिकारियों ने बताया कि इस बार हाईस्कूल में उत्तीर्ण होने वाले छात्रों का प्रतिशत सीबीएसई के क्षेत्रीय आंकड़ों से बेहतर दर्ज किया गया है। यह उपलब्धि इसलिए भी बड़ी है क्योंकि उत्तराखंड बोर्ड के अधिकांश छात्र ग्रामीण और विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों से आते हैं, जहां सुविधाओं का अभाव होने के बावजूद उन्होंने यह मुकाम हासिल किया।

छात्राओं की संख्या और वर्चस्व दोनों में इजाफा

परीक्षा परिणामों की घोषणा के दौरान प्रारंभिक शिक्षा निदेशक कंचन देवराड़ी ने आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए एक महत्वपूर्ण बात साझा की। उन्होंने बताया कि इस बार न केवल नतीजों में बेटियां आगे रहीं, बल्कि परीक्षा में बैठने वाली छात्राओं की संख्या भी छात्रों के मुकाबले अधिक थी। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक कंचन देवराड़ी के मुताबिक, "उत्तराखंड बोर्ड में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट, दोनों ही स्तरों पर छात्राओं की भागीदारी छात्रों से ज्यादा रही है। यह राज्य के बदलते सामाजिक और शैक्षिक ढांचे का सुखद संकेत है।"

Himanshu Tiwari

लेखक के बारे में

Himanshu Tiwari

शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।

परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।

लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।

शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।

रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।

विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव

और पढ़ें
करियर सेक्शन में लेटेस्ट एजुकेशन न्यूज़, सरकारी जॉब , एग्जाम , एडमिशन , CBSE 12th Result 2026 Live के साथ सभी Board Results 2026 देखें। सबसे पहले अपडेट पाने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।