CBSE बोर्ड कॉपियों की दोबारा जांच वाले पोर्टल ने बढ़ाई टेंशन, छात्रों की शिकायतों पर सरकार का ऐक्शन
CBSE के पोस्ट रिजल्ट री-इवैल्यूएशन पोर्टल में आई तकनीकी दिक्कतों पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बड़ा कदम उठाया है। IIT मद्रास की एक्सपर्ट टीम अब पूरे सिस्टम की जांच करेगी।

CBSE के 10वीं और 12वीं के रिजल्ट आने के बाद लाखों छात्र अपने नंबरों की दोबारा जांच यानी री-इवैल्यूएशन और रीचेकिंग के लिए पोर्टल पर पहुंचे। लेकिन इसी दौरान कई छात्रों और अभिभावकों ने शिकायत की कि वेबसाइट बार-बार क्रैश हो रही है, लॉगिन नहीं हो पा रहा और पेमेंट तक फेल हो रहे हैं। लगातार बढ़ती शिकायतों ने मामला बड़ा बना दिया। अब केंद्र सरकार ने इस पूरे मामले पर बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सीधे दखल देते हुए आईआईटी मद्रास के विशेषज्ञों की टीम को CBSE की मदद के लिए भेजने के निर्देश दिए हैं।
शिक्षा मंत्री ने क्या कहा?
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने साफ कहा कि छात्रों का हित सबसे ऊपर है और CBSE को प्राथमिकता के आधार पर सभी जरूरी सुधार करने होंगे। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, तेज और छात्र हित में होनी चाहिए। सरकार का फोकस अब इस बात पर है कि भविष्य में किसी छात्र को तकनीकी वजहों से परेशानी न झेलनी पड़े और ऑनलाइन सेवाएं बिना रुकावट चलें।
IIT मद्रास की टीम क्या करेगी?
सरकार की तरफ से जारी जानकारी के मुताबिक, आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर और टेक्निकल एक्सपर्ट्स अब CBSE के पोस्ट-एग्जाम सिस्टम की पूरी तकनीकी जांच करेंगे। यह टीम खास तौर पर उन स्थिति पर ध्यान देगी जैसे कि पोर्टल की स्थिरता यानी वेबसाइट बार-बार बंद क्यों हो रही है। इसके सर्वर पर ज्यादा ट्रैफिक संभालने की क्षमता पर भी ध्यान दिया जाएगा।
लॉगिन और ऑथेंटिकेशन सिस्टम, पेमेंट गेटवे में आ रही दिक्कतें और पूरी IT इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती पर टीम ध्यान देगी। सरकार चाहती है कि छात्र जब री-इवैल्यूएशन या कॉपी की फोटो कॉपी जैसी सेवाओं के लिए आवेदन करें तो उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
आखिर छात्रों को क्या दिक्कत आ रही थी?
रिजल्ट आने के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने सोशल मीडिया पर शिकायतें की थीं। किसी का लॉगिन नहीं हो रहा था तो किसी का आवेदन बीच में अटक जा रहा था। कई छात्रों ने यह भी कहा कि फीस कटने के बाद भी आवेदन सबमिट नहीं हो रहा। कुछ अभिभावकों का कहना था कि सीमित समय में आवेदन करना होता है और अगर पोर्टल ही काम न करे तो छात्रों का नुकसान हो सकता है। इसी वजह से शिक्षा मंत्रालय ने मामले को गंभीरता से लिया।
CBSE पर बढ़ा दबाव
गौरतलब है कि सीबीएसई हर साल करोड़ों छात्रों की परीक्षाएं करवाता है। ऐसे में रिजल्ट के बाद री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया बेहद संवेदनशील मानी जाती है। इस बार तकनीकी गड़बड़ियों ने बोर्ड की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए। अब आईआईटी मद्रास की टीम के जुड़ने के बाद उम्मीद की जा रही है कि सिस्टम पहले से ज्यादा मजबूत और भरोसेमंद बनाया जाएगा।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
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- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


