CBSE Re-Evaluation Portal में फंसे छात्र, आखिरी तारीख से पहले बढ़ीं दिक्कतें; क्या मिलेगा और समय?

Himanshu Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

सीबीएसई री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर हुए भीषण डूएस साइबर हमले के बाद मचे बवाल के बाद छात्र तकनीकी खामियां झेल रहे हैं।

CBSE Re-Evaluation Portal में फंसे छात्र, आखिरी तारीख से पहले बढ़ीं दिक्कतें; क्या मिलेगा और समय?

सीबीएसई 10वीं और 12वीं के नतीजों के बाद अपने मार्क्स से असंतुष्ट छात्रों के लिए शुरू की गई री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। कल यानी 6 जून 2026 को शिकायत निवारण सुविधा का पोर्टल बंद होने जा रहा है। लेकिन, इस पूरी प्रक्रिया के दौरान छात्रों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं। वजह है सीबीएसई का सिस्टम, जो लगातार तकनीकी दिक्कतों का शिकार हो रहा है। आलम यह है कि एक तरफ छात्र लॉगिन फेल होने और वेरिफिकेशन एरर से जूझ रहे हैं, तो दूसरी तरफ बोर्ड के पोर्टल को एक बड़े साइबर हमले (DoS अटैक) का सामना करना पड़ा है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आखिर यह पूरा मामला क्या है, पोर्टल पर क्या दिक्कतें आ रही हैं और छात्रों की क्या मांगें हैं।

पोर्टल की दिक्कतों से छात्रों को परेशानी

रिजल्ट आने के बाद जब छात्रों ने अपनी कॉपियों की दोबारा जांच या मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए पोर्टल का रुख किया, तो उनके सामने कई नई मुसीबतें खड़ी हो गईं। सबसे बड़ी शिकायत पोर्टल पर लॉगिन न कर पाने की है। छात्र बार-बार अपना डेटा डाल रहे हैं लेकिन सिस्टम उन्हें आगे नहीं बढ़ने दे रहा। इसके अलावा कई छात्रों को अपनी आंसर शीट की स्कैन कॉपी मिलने में भी काफी देरी का सामना करना पड़ रहा है जिससे उनका तनाव और बढ़ गया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर छात्रों का गुस्सा और बेबसी साफ झलक रही है। टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक, रूही नाम की एक छात्रा ने अपनी परेशानी साझा करते हुए लिखा कि पोर्टल लॉन्च होने के बाद से ही वह लगातार इसे एक्सेस करने की कोशिश कर रही हैं लेकिन बात नहीं बन पा रही है। रूही का दावा है कि उनकी दर्ज की गई सारी डिटेल्स बिल्कुल सही हैं और उनका अकाउंट डिजीलॉकर से लिंक भी है। इसके बावजूद, सिस्टम बार-बार उन्हें 'वेरिफिकेशन फेल्ड' का एरर दिखा रहा है।

सीबीएसई का क्या आया जवाब

रूही की इस शिकायत पर सीबीएसई की तरफ से फौरन रिएक्शन आया। बोर्ड ने जवाब देते हुए लिखा, "कृपया अपना डायरेक्ट मैसेज (डीएम) चेक करें। सीबीएसई की टीम आपकी मदद करेगी।" दिलचस्प बात यह है कि सोशल मीडिया पर यह कोई इकलौता मामला नहीं है। ऑनलाइन ऐसे ढेरों मामले देखे गए हैं जहां बोर्ड ने तकनीकी दिक्कतों से जूझ रहे छात्रों को ठीक इसी तरह का जवाब दिया है कि वे सहायता के लिए अपना इनबॉक्स चेक करें। इन लगातार आ रही शिकायतों और बोर्ड के एक जैसे जवाबों से यह बात एकदम साफ हो जाती है कि पोर्टल की खामियां अभी पूरी तरह से दूर नहीं हुई हैं और बड़े पैमाने पर छात्र इससे प्रभावित हैं। चूंकि आवेदन की समय सीमा खत्म होने के बेहद करीब है, ऐसे में छात्रों के बीच इस बात को लेकर भारी बेचैनी है। छात्र अब सीधे तौर पर बोर्ड से यह सवाल कर रहे हैं कि अगर यह तकनीकी दिक्कतें यूं ही बनी रहीं और वे तय समय तक अपना काम नहीं कर पाए, तो क्या बोर्ड इस प्रक्रिया की डेडलाइन आगे बढ़ाएगा?

क्या होता है DoS अटैक?

इन तमाम शिकायतों और अफरातफरी के बीच एक बेहद चौंकाने वाली तकनीकी जानकारी सामने आई है। असल में, सीबीएसई के इस पोर्टल पर एक बड़ा साइबर हमला हुआ है, जिसे तकनीकी जुबान में 'डिनायल-ऑफ-सर्विस' (Denial-of-Service या DoS) अटैक कहा जाता है। अगर इसे आसान शब्दों में समझें, तो यह एक ऐसा साइबर हमला है जिसमें किसी वेबसाइट पर एक ही समय में इतनी ज्यादा तादाद में फर्जी रिक्वेस्ट भेज दी जाती हैं कि उसका सर्वर पूरी तरह से ओवरलोड हो जाता है। इसके नतीजे में वेबसाइट या तो बेहद सुस्त पड़ जाती है या फिर असली यूजर्स के लिए काम करना ही बंद कर देती है।

सीबीएसई के मुताबिक, 3 जून 2026 को उनके पोर्टल पर ठीक ऐसा ही एक खतरनाक हमला हुआ था। इस दौरान सिस्टम को ठप करने के इरादे से लगभग 38 लाख डेटा पैकेट्स भेजे गए थे। हालांकि, राहत की बात यह रही कि बोर्ड की तकनीकी टीम की मुस्तैदी और मजबूत सिक्योरिटी के चलते इस हमले को समय रहते नाकाम कर दिया गया। इतने बड़े झटके के बावजूद टीम ने यह सुनिश्चित किया कि पोर्टल काम करता रहे।

अब तक आए कितने आवेदन?

तमाम तकनीकी अड़चनों और साइबर हमलों के बावजूद, इस प्रक्रिया में बहुत बड़ी संख्या में छात्रों ने हिस्सा लिया है। सीबीएसई द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 4 जून 2026 तक पोस्ट-रिजल्ट ग्रीवांस रिड्रेसल फैसिलिटी के जरिए कुल 70433 आवेदन सफलतापूर्वक जमा हो चुके हैं। अगर इन आंकड़ों को बांट कर देखें, तो इनमें से 7314 आवेदन मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए आए हैं, जबकि भारी संख्या में यानी 63119 छात्रों ने सीधे री-इवैल्यूएशन के लिए अपनी अर्जी डाली है। लगातार उठ रहे सवालों के बीच सीबीएसई ने इस बात पर जोर दिया है कि पोर्टल को लाइव करने से पहले उसकी सुरक्षा को लेकर कोई कोताही नहीं बरती गई थी। लॉन्च से पहले पोर्टल की सिक्योरिटी हार्डनिंग, पेनिट्रेशन टेस्टिंग, वल्नेरेबिलिटी असेसमेंट और लोड टेस्टिंग जैसे तमाम बेहद कड़े सुरक्षा मापदंड पूरे किए गए थे। इस सिस्टम की क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पोर्टल के लाइव होने के महज दो मिनट के भीतर ही सर्वर पर करीब 15 लाख एक्सेस रिक्वेस्ट दर्ज की गईं। इसी दौरान सिस्टम ने अपनी सुरक्षा प्रणाली का इस्तेमाल करते हुए 100000 से ज्यादा अनधिकृत एक्सेस की कोशिशों को ब्लॉक भी कर दिया।

बोर्ड ने अपनी सफाई में आगे यह भी जोड़ा कि उनके ट्रैफिक प्रोफाइल में एक साथ बहुत बड़ी संख्या में रिक्वेस्ट आने का जो पैटर्न देखा गया, वह बिल्कुल DDoS-टाइप अटैक जैसा ही था। लेकिन, पहले से तैनात और बेहद मजबूत सुरक्षा ढांचे की बदौलत इस बड़े खतरे को सफलतापूर्वक टाल दिया गया। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कल जब यह विंडो बंद होने वाली है, तो क्या तकनीकी दिक्कतों से हताश छात्रों को कोई राहत देते हुए सीबीएसई आवेदन की आखिरी तारीख आगे बढ़ाता है या नहीं।

Himanshu Tiwari

लेखक के बारे में

Himanshu Tiwari

शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।

परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।

लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।

शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।

रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।

विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव

और पढ़ें
करियर सेक्शन में लेटेस्ट एजुकेशन न्यूज़, सरकारी जॉब , एग्जाम , एडमिशन , CBSE 12th Result 2026 Live के साथ सभी Board Results 2026 देखें। सबसे पहले अपडेट पाने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।