CBSE 12वीं के छात्रों के लिए गुड न्यूज, री-इवैल्यूएशन की आखिरी तारीख बढ़ी
सीबीएसई 12वीं के छात्रों के लिए बड़ी राहत दी है। बोर्ड ने री-इवैल्यूएशन और मार्क्स वेरिफिकेशन की आखिरी तारीख 7 जून 2026 तक बढ़ा दी है।

सीबीएसई ओएसएम विवाद के बाज 12वीं के लाखों छात्र अपनी कॉपियों की दोबारा जांच कराने और मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए कई दिनों से वेबसाइट पर माथापच्ची कर रहे थे। लेकिन स्लो सर्वर, अटकते पेमेंट और वेबसाइट के क्रैश होने से छात्रों की धड़कनें और परेशानी दोनों काफी बढ़ गई थीं। ऐसे में सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने इन परेशान छात्रों की पुकार सुन ली है। बोर्ड ने री-इवैल्यूएशन और आंसर शीट वेरिफिकेशन की डेडलाइन को आगे बढ़ा दिया है।
7 जून तक कर सकेंगे आवेदन
पहले यह तय किया गया था कि छात्र 6 जून 2026 तक ही इसके लिए आवेदन कर सकेंगे। लेकिन वेबसाइट पर अचानक बढ़े ट्रैफिक और ढेरों तकनीकी दिक्कतों को देखते हुए, बोर्ड ने एक बड़ा और छात्र-हित में फैसला लिया। अब आप 7 जून 2026 की आधी रात तक आराम से इस सुविधा का फायदा उठा सकते हैं।
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से छात्रों को ऑनलाइन पोर्टल इस्तेमाल करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। कभी पेज लोड होने में बहुत ज्यादा वक्त लग रहा था, तो कभी फीस जमा करते समय पेमेंट फेल होने के मैसेज स्क्रीन पर आ रहे थे। सीबीएसई ने अपने हालिया बयान में कहा कि बोर्ड का मकसद बिल्कुल साफ है कि कोई भी छात्र, जो अपनी कॉपी दोबारा चेक कराना चाहता है, वो किसी तकनीकी रुकावट की वजह से इस मौके से महरूम न रहे। इसलिए अतिरिक्त समय देकर बोर्ड ने छात्रों का तनाव काफी हद तक कम कर दिया है।
खूब हुए साइबर हमले
इस बार मामला सिर्फ सर्वर के स्लो होने या ज्यादा ट्रैफिक का नहीं था। आपको जानकर हैरानी होगी कि सीबीएसई का आधिकारिक पोर्टल एक बहुत बड़े और खतरनाक साइबर हमले का शिकार हुआ था। 3 जून को बोर्ड ने खुद एक्स पर एक बयान जारी करते हुए बताया कि उनकी वेबसाइट पर एक भयानक 'डिस्ट्रिब्यूटेड डिनायल-ऑफ-सर्विस' (DDoS) अटैक किया गया।
इस हमले में वेबसाइट पर लगभग 38 लाख पैकेट्स एक साथ भेजे गए थे। इसका सीधा मकसद वेबसाइट के सर्वर को जाम करना और उसे पूरी तरह से ठप करना था, ताकि असली यूजर अपना काम न कर सकें और पोर्टल डाउन हो जाए। लेकिन दाद देनी होगी सीबीएसई की तकनीकी टीम की, जो लगातार इस साइबर हमले से जूझती रही और वेबसाइट को फिर से ट्रैक पर लेकर आई। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि ऐसे किसी भी दुर्भावनापूर्ण हमले से उनके कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा और छात्रों की एप्लिकेशन का प्रोसेस बिना रुके चलता रहेगा।
अब तक कितने छात्रों ने किया अप्लाई?
आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि कितने सारे छात्र अपने रिजल्ट से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं और अपने हक के लिए आगे आए हैं। 4 जून 2026 तक के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, सीबीएसई को ग्रीवांस रिड्रेसल प्रोसेस के तहत कुल 70,433 आवेदन मिल चुके हैं। वहीं 7314 छात्रों ने सिर्फ मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए अप्लाई किया है। इसके अलावा 63,119 छात्रों ने पूरी कॉपी के री-इवैल्यूएशन का रास्ता चुना है।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
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- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


