CBSE 12वीं भूगोल का पेपर आसान था या मीडियम? यहां जानिए

Feb 27, 2026 10:12 pm ISTHimanshu Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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CBSE कक्षा 12 भूगोल परीक्षा 2026 का पेपर आसान से मीडियम स्तर का रहा। अधिकतर सवाल NCERT आधारित थे। जानें सेक्शन वाइज विश्लेषण, छात्रों और शिक्षकों की राय।

CBSE 12वीं भूगोल का पेपर आसान था या मीडियम? यहां जानिए

सुबह परीक्षा केंद्रों के बाहर जब छात्र बाहर निकले तो चेहरों पर वही राहत दिखी जिसका इंतजार हर बोर्ड परीक्षा के बाद होता है। इस बार भूगोल का पेपर देखकर छात्रों ने कहा कि तैयारी अगर NCERT से की थी, तो सवाल डराने वाले नहीं बल्कि आत्मविश्वास बढ़ाने वाले थे। सीबीएसई (CBSE) द्वारा आयोजित कक्षा 12 की भूगोल परीक्षा इस साल संतुलित, साफ और समझने में आसान मानी गई। शिक्षकों और छात्रों दोनों का कहना है कि प्रश्नपत्र पूरी तरह से सीबीएसई के सैंपल पेपर और तय पैटर्न के अनुरूप था। पेपर का कठिनाई स्तर आसान से मीडियम के बीच रहा, जिससे अच्छी तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को लिखने में सहजता महसूस हुई।

इस परीक्षा का कुल अंक 70 था और प्रश्नपत्र को पांच भागों में बांटा गया था। सेक्शन A में एक अंक वाले प्रश्न थे, जबकि सेक्शन B और C में तीन अंक के सवाल पूछे गए। सेक्शन D और E में पांच अंक के विस्तृत उत्तर वाले प्रश्न शामिल थे। इस तरह पेपर की संरचना ऐसी रखी गई कि छोटे, मध्यम और विश्लेषणात्मक सभी तरह के सवालों से छात्रों की समझ को परखा जा सके।

कैसा था भूगोल का पेपर?

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मॉडर्न इंग्लिश स्कूल कहिलीपारा की PGT भूगोल शिक्षिका नमिता कलिता के अनुसार अधिकांश प्रश्न सीधे थे और पूरी तरह NCERT पाठ्यपुस्तक पर आधारित थे। उनका कहना रहा कि जिसने किताब को ठीक से पढ़ा है, वह पेपर को आत्मविश्वास के साथ हल कर सकता था और अच्छे अंक ला सकता है।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रश्नों की भाषा सरल और छात्र अनुकूल थी। केस स्टडी आधारित सवाल सिलेबस के भीतर थे और समझने में कठिन नहीं लगे। तीन अंक वाले प्रश्नों ने अवधारणाओं की स्पष्टता जांची, जबकि पांच अंक वाले प्रश्नों में विश्लेषण और समझ का संतुलित इस्तेमाल करना था। कुछ बहुविकल्पीय प्रश्न थोड़े ध्यान मांगने वाले जरूर थे, लेकिन घबराने जैसे नहीं थे। मैप आधारित सवाल परिचित और स्कोरिंग माने गए।

उदयपुर के विट्टी इंटरनेशनल स्कूल के शिक्षक जिनेश चौधरी ने भी प्रश्नपत्र को संतुलित बताया। उनके अनुसार सभी सेट परीक्षा पैटर्न के बेहद करीब थे और छात्रों के लिए सुलभ रहे। उन्होंने कहा कि पेपर में थ्योरी और एप्लिकेशन का सही मिश्रण था, जिससे विद्यार्थी अपने ज्ञान को वास्तविक उदाहरणों से जोड़ पाए।

छात्रों ने भी लगभग यही अनुभव साझा किया। उनका कहना था कि प्रश्न स्पष्ट रूप से फ्रेम किए गए थे और सिलेबस से बाहर कुछ भी नहीं पूछा गया। पेपर समय सीमा के भीतर आराम से पूरा हो गया और मैप वर्क वाला हिस्सा खास तौर पर स्कोरिंग लगा।

सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल के भूगोल विशेषज्ञ ऋषिकेश झा के अनुसार यह पेपर ज्यादा लंबा नहीं था और अधिकांश छात्रों के लिए सुलभ रहा। सवालों की बनावट ऐसी थी कि विद्यार्थी बिना दबाव महसूस किए अपनी समझ दिखा सकें। प्रश्नपत्र में मैप वर्क, केस स्टडी और विश्लेषणात्मक प्रश्नों का मिश्रण था, जिसने रटने के बजाय समझ पर जोर दिया। सेक्शन वाइज बात करें तो सेक्शन A और D को मीडियम स्तर का माना गया, जबकि सेक्शन B, C और E अपेक्षाकृत आसान रहे। इस तरह पेपर ने अलग अलग स्तर के विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर संतुलन बनाए रखा।

प्रश्न पत्र का किस तरफ था फोकस

इस साल के प्रश्नपत्र की खास बात यह रही कि इसमें केवल जानकारी याद रखने पर नहीं, बल्कि उसे समझकर लिखने पर ज्यादा जोर दिया गया। कई सवाल ऐसे थे जिनमें छात्रों को अवधारणाओं को उदाहरणों से जोड़ना था। इससे परीक्षा केवल किताब आधारित न रहकर समझ आधारित बन गई।

शिक्षकों का मानना है कि इस तरह का पेपर छात्रों को विषय से जोड़ता है और उन्हें वास्तविक जीवन में भूगोल की उपयोगिता समझने में मदद करता है। परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों ने जनसंख्या, संसाधन, मानव विकास और मानचित्र कौशल जैसे महत्वपूर्ण टॉपिक्स की समझ को जांचा।

छात्रों के अनुसार समय प्रबंधन भी इस बार बड़ी चुनौती नहीं रहा। पेपर संतुलित होने के कारण उन्हें उत्तर सोचने और लिखने के लिए पर्याप्त समय मिला। कई विद्यार्थियों ने कहा कि नियमित पढ़ाई करने वालों के लिए यह परीक्षा आत्मविश्वास बढ़ाने वाली रही।

कुल मिलाकर प्रश्नपत्र ऐसा रहा जिसने तैयारी, समझ और प्रस्तुति तीनों को साथ लेकर चलने का मौका दिया। इससे न केवल टॉपर्स बल्कि औसत छात्रों को भी अच्छा प्रदर्शन करने का अवसर मिला और परीक्षा का अनुभव तनावपूर्ण नहीं बल्कि सहज महसूस हुआ।

Himanshu Tiwari

लेखक के बारे में

Himanshu Tiwari

शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।

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