CBSE 10वीं दूसरी परीक्षा का रिजल्ट जल्द होगा जारी, डिजिलॉकर से मार्कशीट कैसे डाउनलोड करें?
CBSE भी छात्रों को डिजिटल मार्कशीट, पासिंग सर्टिफिकेट और अन्य परीक्षा संबंधी डॉक्यूमेंट्स डिजीलॉकर के जरिए उपलब्ध कराता है। इससे छात्रों को अपने डॉक्यूमेंट्स सुरक्षित रखने के साथ-साथ उन्हें कहीं भी और कभी भी आसानी से इस्तेमाल करने की सुविधा मिलती है।

सीबीएसई 10वीं दूसरी परीक्षा के परिणाम का इंतजार छात्र बेसब्री से कर रहे हैं। लेकिन बोर्ड ने अभी तक रिजल्ट की घोषणा नहीं की है। बता दें कि CBSE छात्रों को डिजिलॉकर के माध्यम से डिजिटल मार्कशीट उपलब्ध कराता है। इससे छात्र अपने रिजल्ट और मार्कशीट को सुरक्षित तरीके से ऑनलाइन देख, डाउनलोड और भविष्य के लिए सेव कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि डिजिलॉकर से मार्कशीट डाउनलोड करने की पूरी प्रक्रिया और इससे जुड़ी जरूरी बातें।
क्या है डिजीलॉकर?
डिजिलॉकर, भारत सरकार की ओर से शुरू किया गया एक डिजिटल डॉक्यूमेंट स्टोरेज प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए नागरिक अपने अहम सरकारी डॉक्यूमेंट्स, जैसे मार्कशीट, प्रमाणपत्र, पहचान पत्र और अन्य जरूरी रिकॉर्ड को ऑनलाइन सुरक्षित तरीके से रख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर कभी भी एक्सेस या डाउनलोड कर सकते हैं। CBSE भी छात्रों को डिजिटल मार्कशीट, पासिंग सर्टिफिकेट और अन्य परीक्षा संबंधी डॉक्यूमेंट्स डिजीलॉकर के जरिए उपलब्ध कराता है। इससे छात्रों को अपने डॉक्यूमेंट्स सुरक्षित रखने के साथ-साथ उन्हें कहीं भी और कभी भी आसानी से इस्तेमाल करने की सुविधा मिलती है।
डिजिलॉकर के फायदे
CBSE छात्रों को डिजिलॉकर के जरिए से डिजिटल मार्कशीट उपलब्ध कराता है, ताकि वे अपने परीक्षा परिणाम और दस्तावेज आसानी से देख और डाउनलोड कर सकें। डिजिलॉकर पर उपलब्ध मार्कशीट और प्रमाणपत्र पूरी तरह आधिकारिक और प्रमाणित (Authentic) होते हैं, जिन्हें कॉलेज एडमिशन, नौकरी और अन्य जरूरी कार्यों में वैध दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाता है।
इसके अलावा, डिजिलॉकर के इस्तेमाल से छात्रों को फिजिकल मार्कशीट साथ रखने की जरूरत कम पड़ती है, क्योंकि वे अपने दस्तावेज कभी भी और कहीं से भी ऑनलाइन एक्सेस कर सकते हैं।
डिजिलॉकर से सीबीएसई 10वीं का परिणाम कैसे करें डाउनलोड?
सबसे पहले छात्र डिजिलॉकर की वेबसाइट या मोबाइल ऐप खोलें।
आधार से जुड़े मोबाइल नंबर या डिजिलॉकर अकाउंट से लॉगिन करें।
इसके बाद एजुकेशन सेक्शन में जाकर CBSE चुनें।
अपना पासिंग ईयर, रोल नंबर और 6 अंकों का सिक्योरिटी पिन दर्ज करें।
फिर गेट डॉक्यूमेंट पर क्लिक करें।
इसके बाद अपनी डिजिटल मार्कशीट PDF डाउनलोड कर लें।
क्या डिजिलॉकर की मार्कशीट मान्य होती है?
अक्सर लोगों के मन में एक सवाल उठता है कि डिजिलॉकर की मार्कशीट मान्य होती है। तो इसका जवाब है- हां। डिजिलॉकर से जारी की गई मार्कशीट आईटी एक्ट के तहत पूरी तरह वैध मानी जाती है। इसे कॉलेज, विश्वविद्यालय और नौकरी देने वाली संस्थाएं प्रवेश, दस्तावेज़ सत्यापन और अन्य आधिकारिक कार्यों के लिए स्वीकार करती हैं। इसकी मान्यता फिजिकल (हार्ड कॉपी) मार्कशीट के समान होती है।
लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण:
धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।


