CBSE 10th Result 2026: नतीजों में लड़कियों की बल्ले-बल्ले, 94.99 फीसदी हुईं पास, लड़कों का क्या रहा प्रदर्शन

Himanshu Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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सीबीएसई 10वीं के नतीजों में एक बार फिर से लड़कियों ने बाजी मारी है। इस साल 94.99% छात्राओं ने कामयाबी हासिल कर लड़कों को काफी पीछे छोड़ दिया है।

CBSE 10th Result 2026: नतीजों में लड़कियों की बल्ले-बल्ले, 94.99 फीसदी हुईं पास, लड़कों का क्या रहा प्रदर्शन

सीबीएसई बोर्ड के नतीजे आ चुके हैं। जैसे ही रिजल्ट का ऐलान हुआ, हर तरफ जश्न का माहौल बन गया। इस बार भी जब पास होने वालों का रिपोर्ट कार्ड सामने आया, तो एक पुरानी और सुखद कहानी फिर से दोहराई गई। एक बार फिर से देश की बेटियों ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर कामयाबी का ऐसा परचम लहराया है कि लड़के ताली बजाने पर मजबूर हो गए हैं। 15 अप्रैल 2026 को जारी हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के 10वीं क्लास के नतीजों ने साफ कर दिया है कि पढ़ाई-लिखाई के मामले में लड़कियां किसी से भी उन्नीस नहीं हैं, बल्कि वे तो इक्कीस साबित हो रही हैं। अगर हम सीबीएसई की ओर से जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें, तो पता चलता है कि इस साल लड़कियों का पास प्रतिशत 94.99 फीसदी रहा है। वहीं दूसरी तरफ, लड़कों का पास प्रतिशत 92.69 फीसदी दर्ज किया गया है। यानी लड़कियों ने लड़कों के मुकाबले काफी बड़ी लीड हासिल कर ली है।

पिछले साल से तुलना और ट्रांसजेंडर छात्रों का हाल

साल 2025 के नतीजों से अगर इस बार की तुलना करें, तो पिछले साल भी लड़कियों का पास प्रतिशत 95.00 फीसदी था। इस बार यह 94.99 फीसदी है, जो लगभग पिछले साल के बराबर ही है। वहीं लड़कों का पास प्रतिशत पिछले साल के 92.63 फीसदी से थोड़ा सा सुधरकर 92.69 फीसदी हुआ है। इसी फेहरिस्त में अगर ट्रांसजेंडर छात्रों की बात करें, तो इस साल 87.50 प्रतिशत ट्रांसजेंडर बच्चों ने भी 10वीं की परीक्षा पास की है। हालांकि पिछले साल उनका यह आंकड़ा 95.00 फीसदी था, लेकिन फिर भी समाज की तमाम मुश्किलों का सामना करते हुए उनका यह प्रदर्शन वाकई काबिले तारीफ है।

कुल नतीजे और बोर्ड की फुर्ती

इस साल 10वीं की मुख्य परीक्षा में कुल 24,71,777 बच्चों ने अपनी किस्मत आजमाई थी, जिनमें से 23,16,008 बच्चे पास होने में कामयाब रहे। पूरे देश का ओवरऑल पास प्रतिशत 93.70% रहा है। यह आंकड़ा पिछले साल के 93.66% से थोड़ा सा ज्यादा है। सीबीएसई ने इस बार रिकॉर्ड कायम करते हुए आम तौर पर मई के मध्य में आने वाले नतीजों को करीब एक महीने पहले ही घोषित कर दिया है। बोर्ड ने रिकॉर्ड वक्त में 1.6 करोड़ से ज्यादा कॉपियां जांची हैं।

कितने बड़े पैमाने पर हुई परीक्षा?

यह परीक्षा करवाना कोई छोटा मोटा काम नहीं था। 21 फरवरी 2026 के दिन सीबीएसई ने एक ही दिन में 24,95,022 उम्मीदवारों की परीक्षा ली, जो कि किसी एक दिन में आयोजित की गई सबसे बड़ी परीक्षा थी। इस भारी भरकम काम को अंजाम देने के लिए 10 लाख से ज्यादा कमरों और 20 लाख कक्ष निरीक्षकों (Invigilators) की ड्यूटी लगाई गई थी।

Himanshu Tiwari

लेखक के बारे में

Himanshu Tiwari

शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।

परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।

लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।

शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।

रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।

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