रजिस्ट्रेशन में न हो कोई गड़बड़ी; नहीं तो... सीबीएसई ने स्कूलों को दी सख्त चेतावनी
सीबीएसई ने 2027 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए 9वीं और 11वीं के रजिस्ट्रेशन और 10वीं-12वीं के एलओसी जमा करने की प्रक्रिया को लेकर स्कूलों को सख्त निर्देश दिए हैं।

सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2027 की सुगबुगाहट अभी से शुरू हो चुकी है। अगर आपके घर में भी कोई बच्चा 9वीं, 10वीं, 11वीं या फिर 12वीं क्लास में पढ़ाई कर रहा है तो यह खबर आपके लिए बहुत काम की साबित हो सकती है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने देश-विदेश के सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों के प्रिंसिपल्स को एक बेहद अहम नोटिस भेजा है। बोर्ड ने यह साफ कर दिया है कि 9वीं और 11वीं कक्षा के छात्रों के रजिस्ट्रेशन और 10वीं-12वीं के लिए लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स (एलओसी) जमा करने की प्रक्रिया बहुत जल्द शुरू होने वाली है। बोर्ड ने इस बार काफी सख्त लहजे में स्कूलों को हिदायत दी है कि किसी भी स्टूडेंट की निजी जानकारी या उसके विषयों को भरते समय रत्ती भर भी चूक नहीं होनी चाहिए।
आखिर यह एलओसी क्या है और इसकी अहमियत इतनी ज्यादा क्यों है? दरअसल, लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स (एलओसी) एक ऐसा दस्तावेज होता है जो यह तय करता है कि कौन सा छात्र किन विषयों के साथ बोर्ड परीक्षा में बैठने जा रहा है। इसी के आधार पर आगे चलकर एडमिट कार्ड तैयार किए जाते हैं और परीक्षा केंद्रों पर प्रश्न पत्रों की व्यवस्था होती है। अक्सर देखने में आता है कि फॉर्म भरते वक्त स्कूल प्रशासन या खुद बच्चे जल्दबाजी कर बैठते हैं, जिसका भारी खमियाजा बाद में उठाना पड़ता है। सीबीएसई ने साफ कहा है कि स्कूलों को हर एक छात्र की जानकारी जैसे कि उसका नाम, माता-पिता का नाम, जन्म की तारीख और उसके द्वारा चुने गए विषयों कोड की बहुत बारीकी से जांच करनी होगी। अगर इस शुरुआती स्तर पर कोई भी गलती होती है, तो आगे चलकर पूरी परीक्षा की प्रक्रिया में बड़ी रुकावटें पैदा हो जाती हैं। बोर्ड का मानना है कि जरा सी लापरवाही का सीधा असर पूरी व्यवस्था और टाइमलाइन पर पड़ता है। ऐसे में स्कूलों की यह प्राथमिक जिम्मेदारी बनती है कि वे बोर्ड को डेटा भेजने से पहले उसे दो-तीन बार अच्छी तरह से क्रॉस-चेक कर लें।
पिछली गलतियों से लिया गया सबक
अब सवाल यह उठता है कि बोर्ड को इतनी ज्यादा सख्ती क्यों बरतनी पड़ रही है? दरअसल, पिछले कुछ सालों के अनुभव सीबीएसई के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहे हैं। बोर्ड ने अपने नोटिस में उन तमाम दिक्कतों का खुलकर जिक्र किया है जिनका सामना उन्हें हाल ही में हुई परीक्षाओं के दौरान करना पड़ा था। सबसे ज्यादा परेशानी गलत सब्जेक्ट कोड या गलत विषयों के भरे जाने से होती है। कई बार स्कूल गलत डेटा जमा कर देते हैं और फिर बाद में उसमें सुधार के लिए बोर्ड के चक्कर काटते रहते हैं।
इसके अलावा, छात्र या उनके माता-पिता के नाम की स्पेलिंग में गलती होना तो जैसे आम बात हो गई है। कई बार ऐसा भी देखने में आया है कि स्कूल समय पर एलओसी जमा ही नहीं करते या फिर तय की गई आखिरी तारीख पार हो जाने के बाद डेटा भेजने की कोशिश करते हैं। बोर्ड का कहना है कि बार-बार याद दिलाने और कई रिमाइंडर भेजने के बावजूद स्कूलों की तरफ से ये गलतियां रुकने का नाम नहीं ले रही हैं।
छात्रों पर पड़ता है सीधा असर
बोर्ड ने अपने बयान में स्पष्ट तौर पर कहा है, "इस तरह की लापरवाही और गलतियों से न सिर्फ बोर्ड की टाइमलाइन बिगड़ती है और हमारे कामकाज में देरी होती है, बल्कि खुद परीक्षार्थियों को भी बेवजह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।" आप खुद सोचिए, ऐन परीक्षा के वक्त अगर किसी छात्र के एडमिट कार्ड पर गलत विषय छप कर आ जाए या उसके नाम में भारी स्पेलिंग मिस्टेक हो, तो उस बच्चे की दिमागी हालत क्या होगी। वह पढ़ाई करेगा या अपनी डिटेल्स ठीक करवाने के लिए परेशान घूमेगा? इसी वजह से सीबीएसई ने सभी स्कूलों से गुजारिश की है कि वे एलओसी जमा करने से पहले छात्रों का एकदम सटीक और सौ प्रतिशत सही डेटा तैयार रखें।
जल्द आ सकती है 2027 की डेटशीट
इन तमाम प्रशासनिक तैयारियों के बीच, छात्रों के लिए एक और अच्छी खबर यह है कि सीबीएसई 2027 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए टेंटेटिव (संभावित) डेटशीट भी जल्द ही जारी कर सकता है। समय से पहले डेटशीट आने से बच्चों को अपनी पढ़ाई का पूरा शेड्यूल बनाने, रिवीजन की रणनीति तय करने और अपने कमजोर विषयों पर ज्यादा वक्त देने का शानदार मौका मिल जाता है।
कुल मिलाकर कहें तो सीबीएसई इस बार किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। वह चाहता है कि परीक्षा की पूरी प्रक्रिया बिना किसी अड़चन के शांति से पूरी हो। इसलिए, न सिर्फ स्कूलों को बल्कि माता-पिता और छात्रों को भी इस मौके पर पूरी तरह से सतर्क रहना चाहिए। जब भी स्कूल से रजिस्ट्रेशन या एलओसी का फॉर्म चेक करने के लिए मिले, तो एक-एक स्पेलिंग और सब्जेक्ट कोड को खुद से जांच लें, ताकि भविष्य में होने वाली किसी भी बड़ी परेशानी से बचा जा सके।


