CBSE Board Exam 2026: बोर्ड एग्जाम में NCERT रटने की नहीं समझने की है जरूरत, जानें टॉपर्स का सीक्रेट
CBSE Board Exam 2026: क्या बोर्ड परीक्षाओं में केवल एनसीईआरटी (NCERT) की किताबों की भाषा में उत्तर लिखना ही अच्छे अंक पाने का एकमात्र तरीका है? क्या यह व्यवस्था छात्रों में ‘रटने की आदत’ को बढ़ावा दे रही है? यहां जानिए।

CBSE Board Exam 2026: जैसे-जैसे सीबीएसई (CBSE) बोर्ड की परीक्षाएं नजदीक आ रही हैं, छात्रों और शिक्षकों के बीच एक बड़ी बहस छिड़ गई है। सवाल यह है कि क्या बोर्ड परीक्षाओं में केवल एनसीईआरटी (NCERT) की किताबों की भाषा में उत्तर लिखना ही अच्छे अंक पाने का एकमात्र तरीका है? क्या यह व्यवस्था छात्रों में ‘रटने की आदत’ को बढ़ावा दे रही है?
हाल ही में शिक्षा विशेषज्ञों और अनुभवी शिक्षकों ने इस विषय पर अपने विचार साझा किए हैं, जो कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षार्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
रटने बनाम समझने की जंग
अक्सर छात्रों को लगता है कि अगर उन्होंने बोर्ड एग्जाम आंसर कॉपी में NCERT की किताब की हुबहू 'किताबी भाषा' नहीं लिखी, तो उनके अंक काट लिए जाएंगे। इस डर की वजह से कई छात्र विषयों को समझने के बजाय उन्हें रटने में घंटों बिताते हैं। एक्सपर्ट का मानना है कि यह सोच शिक्षा के मूल उद्देश्य को खत्म कर देती है।
सीबीएसई हमेशा यह कहता रहा है कि वह छात्रों की क्रिएटिविटी और कॉन्सेप्ट क्लियैरिटी को महत्व देता है, लेकिन धरातल पर छात्र अभी भी किताबी परिभाषाओं पर ही निर्भर रहते हैं।
बोर्ड का क्या है रुख?
सीबीएसई के इवैल्यूएशन गाइडलाइंस के अनुसार, एग्जामिनर को निर्देश दिए जाते हैं कि यदि छात्र ने अपनी भाषा में भी सही और सटीक उत्तर लिखा है, तो उसे पूरे अंक दिए जाएं। बोर्ड का मुख्य उद्देश्य यह देखना है कि छात्र ने विषय की कॉन्सेप्ट को समझा है या नहीं।
शिक्षकों का कहना है कि एनसीईआरटी की किताबें एक ‘आधार’ प्रदान करती हैं, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि छात्र अपनी क्रिएटिव सोच का इस्तेमाल न करें।
एक्सपर्ट की छात्रों को 5 बड़ी सलाह
आने वाली परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए, एक्सपर्ट ने छात्रों के लिए कुछ खास सुझाव दिए हैं:
कीवर्ड्स पर ध्यान दें : किताबी पैराग्राफ रटने के बजाय, उत्तर के कीवर्ड्स को याद रखें। यदि आपके उत्तर में सही कीवर्ड्स हैं, तो आप अपनी भाषा में भी उत्तर लिख सकते हैं।
अपनी भाषा का प्रयोग करें: बोर्ड उन छात्रों को अधिक अंक देना पसंद करता है जो उदाहरणों के जरिए अपनी बात समझाते हैं। इससे पता चलता है कि आपने रटा नहीं, बल्कि समझा है।
एनसीईआरटी को आधार बनाएं: जानकारी के लिए एनसीईआरटी का ही उपयोग करें क्योंकि पेपर उसी के दायरे में होता है, लेकिन प्रेजेन्टेशन अपनी रखें।
तार्किक उत्तर लिखें: विज्ञान और गणित जैसे विषयों में रटने का कोई स्थान नहीं है। वहां तार्किक चरणों और सूत्रों पर ध्यान दें।
टाइम मैनेजमेंट: रटने वाले छात्र अक्सर परीक्षा के दबाव में भूल जाते हैं, जबकि समझने वाले छात्र किसी भी परिस्थिति में उत्तर लिख लेते हैं।
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2026 में सफलता पाने के लिए 'रटने' की जगह 'समझने' की संस्कृति को अपनाना जरूरी है। छात्रों को चाहिए कि वे रटने के दबाव से बाहर निकलें और अपनी सूझ-बूझ से आंसर लिखें।



